दिल्ली में राहुल गांधी के साथ प्रियंका भी थाने में धरने पर बैठीं, पैलेट गन मामले में एफआईआर की मांग

दिल्ली में राहुल गांधी के साथ प्रियंका भी थाने में धरने पर बैठीं, पैलेट गन मामले में एफआईआर की मांग

प्रेषित समय :14:12:31 PM / Fri, Aug 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिकायत दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे. वह जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचब को लेकर शिकायत करने यहां पहुंचे. जब थाने में उनकी शिकायत नहीं दर्ज की गई तो वह सीधा डीसीपी से मिलने पहुंचे. राहुल गांधी एफआईआर दर्ज करवाने को लेकर अड़े हैं और वह थाने के बाहर धरने पर बैठे गए हैं. उनके साथ साहिल का परिवार भी है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गईं.

राहुल गांधी का कहना है कि कि जब तक केस नहीं होगा, तब तक वह यहीं रहेंगे. कांग्रेस नेता यह जानना चाहते थे कि इस मामले में जांच अब तक कहां तक पहुंची है और पुलिस की तरफ से क्या कार्रवाई की गई है. यह मामला उस समय सामने आया था जब सीजेपी के आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की बात सामने आई. इसके बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी.

राहुल गांधी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के ऑफिस में दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने कथित पुलिस कार्रवाई और 20 जुलाई को नीट में गड़बडिय़ों को लेकर हुए कथित बल प्रयोग और प्रदर्शन सहित स्टूडेंट प्रदर्शन पर शिकायत दर्ज करने की मांग की.

राहुल गांधी साहिल लोचाव की लिखित पुलिस शिकायत पर स्नढ्ढक्र दर्ज करने और शिकायत का ढ्ढ/ह्र नंबर उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, साहिल ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें ढ्ढ/ह्र नंबर नहीं दिया. इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी मामले को उठाया गया, लेकिन शिकायत की कोई पावती नहीं दी गई और ढ्ढ/ह्र नंबर भी उपलब्ध नहीं कराया गया. इससे पहले 25 जुलाई को, राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला किया था, और उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में स्टूडेंट प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और बहुत ज़्यादा बल प्रयोग, जिसमें कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल है, के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदार ठहराया था.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पांच-सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (एचपीईसी) बनाई है. इसकी अध्यक्षता पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे. यह समिति 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ज्यादती के आरोपों की जांच करेगी. ये छात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-