आज का दिन- 23 अगस्त 2026, मधुराष्टकम् अपने नाम की तरह ही बहुत मधुर है, आनंददायक है!

आज का दिन- 23 अगस्त 2026, मधुराष्टकम् अपने नाम की तरह ही बहुत मधुर है, आनंददायक है!

प्रेषित समय :22:10:18 PM / Sat, Aug 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* श्रावण पुत्रदा एकादशी - 23 अगस्त 2026, रविवार
* पारण का समय - 01:51 पीएम से 04:24 पीएम, 24 अगस्त 2026
* पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 10:49 एएम
* वैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशी - 24 अगस्त 2026, सोमवार
* वैष्णव एकादशी के लिए पारण का समय - 06:12 एएम से 06:20 एएम, 24 अगस्त 2026
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 23 अगस्त 2026 को 02:00 एएम बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 24 अगस्त 2026 को 04:18 एएम बजे

॥ मधुराष्टकम् ॥
अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम्।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥1॥
वचनं मधुरं चरितं मधुरंवसनं मधुरं वलितं मधुरम्।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥2॥
वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरःपाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥3॥
गीतं मधुरं पीतं मधुरंभुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥4॥
करणं मधुरं तरणं मधुरंहरणं मधुरं रमणं मधुरम्।
वमितं मधुरं शमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥5॥
गुञ्जा मधुरा माला मधुरायमुना मधुरा वीची मधुरा।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥6॥
गोपी मधुरा लीला मधुरायुक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥7॥
गोपा मधुरा गावो मधुरायष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा।
दलितं मधुरं फलितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥8॥
॥ इति श्रीमद्वल्लभाचार्यकृतं मधुराष्टकं सम्पूर्णम् ॥
* आज का राशिफल: 23 अगस्त 2026
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन राशियों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, वृषभ राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-