उदयविलास में दस दिन का ठहराव, पांच लाख से ज्यादा का बिल और भुगतान पर उठे सवाल

उदयविलास में दस दिन का ठहराव, पांच लाख से ज्यादा का बिल और भुगतान पर उठे सवाल

प्रेषित समय :19:17:49 PM / Wed, Aug 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

उदयपुर.  शहर के आलीशान होटल में दिल्ली के एक परिवार के दस दिन ठहरने के बाद करीब साढ़े पांच लाख रुपये के बिल का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है. होटल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. परिवार का कहना है कि होटल में ठहरने की बुकिंग कराने वाली ट्रैवल एजेंसी को बिल का भुगतान करना था, जबकि होटल प्रबंधन के मुताबिक भुगतान की जिम्मेदारी परिवार की ओर से पूरी नहीं की गई.

दिल्ली निवासी अनुराग यादव अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ 14 अगस्त को उदयपुर पहुंचे थे. परिवार ने शहर के प्रसिद्ध द ओबेरॉय उदयविलास में ठहरने के लिए कमरा लिया और 23 अगस्त तक होटल में रहा. इस दौरान होटल की विभिन्न सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया. 24 अगस्त को चेक आउट के समय 5.74 लाख रुपये का बिल तैयार हुआ. आरोप है कि परिवार ने मौके पर भुगतान करने के बजाय होटल कर्मचारियों से कहा कि यह राशि ट्रैवल एजेंसी द्वारा चुकाई जाएगी. इसके बाद परिवार होटल से चला गया.

होटल प्रबंधन का दावा है कि कमरे की बुकिंग 12 अगस्त को मेकर बहा ट्रैवल एजेंसी नामक एजेंसी ने ईमेल के जरिए कराई थी. होटल के अनुसार बुकिंग के समय किसी विशेष छूट, अलग भुगतान व्यवस्था या भुगतान की अतिरिक्त शर्त पर सहमति नहीं हुई थी. ऐसे में चेकआउट के समय बिल के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि होटल की बुकिंग किस शर्त पर हुई थी और भुगतान की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी. पुलिस अब बुकिंग से जुड़े ईमेल, होटल के रिकॉर्ड, बिल और ट्रैवल एजेंसी तथा परिवार के बीच हुए संचार की जांच कर सकती है. यह भी देखा जाएगा कि बुकिंग के समय भुगतान को लेकर कोई लिखित समझौता या पूर्व सहमति मौजूद थी या नहीं.

होटल प्रबंधन की शिकायत के बाद उदयपुर के अंबामाता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवादित राशि का भुगतान कौन करेगा और ट्रैवल एजेंसी की इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही.

द ओबेरॉय उदयविलास देश के महंगे और प्रतिष्ठित लक्जरी होटलों में गिना जाता है. पिछोला झील के किनारे स्थित यह होटल अपने भव्य परिसर और विशेष आतिथ्य के लिए जाना जाता है. यहां कमरों की दरें भी सामान्य होटलों की तुलना में काफी अधिक हैं. 26 अगस्त को उपलब्ध दरों के अनुसार प्रीमियर रूम की कीमत करीब 46,500 रुपये प्रति रात से शुरू होती है, जबकि निजी या अर्ध-निजी पूल वाली श्रेणी के कमरों की कीमत करीब 67,000 रुपये प्रति रात तक पहुंचती है.

दस दिन के प्रवास के बाद 5.74 लाख रुपये का बिल सामने आने से यह मामला अब केवल होटल के बकाया भुगतान तक सीमित नहीं रह गया है. जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि बुकिंग के समय भुगतान की वास्तविक व्यवस्था क्या तय हुई थी और चेक आउट के समय परिवार ने होटल को भुगतान के लिए ट्रैवल एजेंसी का हवाला किस आधार पर दिया. पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह महज भुगतान को लेकर हुआ व्यावसायिक विवाद है या मामले में किसी तरह की धोखाधड़ी की भूमिका भी सामने आती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-