मुंबई. हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक कॉमेडी फिल्म द लव हाइपोथेसिस का फुल लेंथ ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म में लिली रेनहार्ट और टॉम बेटमैन मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. अली हेजलवुड के चर्चित और बेस्टसेलिंग रोमांस उपन्यास पर आधारित यह फिल्म अकादमिक दुनिया, दोस्ती, गलतफहमी और धीरे-धीरे गहराते प्रेम की कहानी को पर्दे पर लेकर आ रही है. फिल्म की कहानी में नकली प्रेम संबंध से शुरू होने वाला रिश्ता धीरे-धीरे दोनों किरदारों के लिए वास्तविक भावनाओं में बदलता दिखाई देगा. फिल्म को क्लेयर स्कैनलॉन ने निर्देशित किया है और इसे 23 सितंबर को दुनियाभर में प्राइम वीडियो पर रिलीज किया जाएगा.
फिल्म की कहानी ओलिव नाम की पीएचडी छात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार लिली रेनहार्ट निभा रही हैं. ओलिव का ध्यान अब तक अपने अकादमिक करियर पर रहा है और रोमांस उसके जीवन की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं रहा. हालांकि उसकी सबसे अच्छी दोस्त आहन जब ओलिव के पुराने क्रश जेरेमी में दिलचस्पी दिखाती है, तो स्थिति अचानक बदल जाती है. ओलिव अपनी दोस्त को यह विश्वास दिलाना चाहती है कि वह जेरेमी को पीछे छोड़ चुकी है और अब उसके मन में उसके लिए कोई भावना नहीं है.
इसी कोशिश में ओलिव ऐसा कदम उठा बैठती है, जिसकी उसने खुद भी कल्पना नहीं की थी. वह एक ऐसे व्यक्ति को चूम लेती है, जिससे उसके रिश्ते की शुरुआत रोमांस के बजाय मजबूरी और परिस्थिति से होती है. यह व्यक्ति है एडम कार्लसन, जिसका किरदार टॉम बेटमैन निभा रहे हैं. एडम विश्वविद्यालय का बेहद सख्त और गंभीर प्रोफेसर है. उसके कठोर व्यवहार के कारण उसे ‘डॉ. ईविल’ के नाम से भी जाना जाता है.
ओलिव और एडम के बीच हुआ वह अचानक चुंबन जल्द ही एक नकली डेटिंग व्यवस्था में बदल जाता है. दोनों इस रिश्ते के अपने-अपने फायदे देखते हैं. ओलिव अपनी दोस्त आहन को यह साबित करना चाहती है कि जेरेमी उसके अतीत का हिस्सा बन चुका है. दूसरी ओर एडम के लिए यह रिश्ता पूरी तरह व्यावहारिक कारणों से शुरू होता है. विश्वविद्यालय में उसकी स्थिति और शोध अनुदान से जुड़े भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में उसे लगता है कि गंभीर रिश्ते में होने की बात विश्वविद्यालय के अधिकारियों को यह भरोसा दिलाने में मदद कर सकती है कि वह संस्थान में बने रहने की योजना बना रहा है.
ट्रेलर में एडम ओलिव के सामने इस नकली रिश्ते का प्रस्ताव रखते हुए दिखाई देता है. शुरुआत में दोनों के बीच यह समझौता पूरी तरह एक योजना जैसा लगता है. ओलिव को अपनी दोस्त के सामने अपनी भावनाओं को छिपाने का मौका मिलता है, जबकि एडम अपने पेशेवर भविष्य को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए इस रिश्ते का सहारा लेता है. दोनों को लगता है कि वे अपनी जरूरत के मुताबिक इस दिखावे को आसानी से निभा लेंगे.
लेकिन कहानी यहीं से दिलचस्प मोड़ लेती है. नकली रिश्ता निभाते-निभाते दोनों के बीच वास्तविक आकर्षण और भावनाएं विकसित होने लगती हैं. जो रिश्ता केवल एक समझौते के तौर पर शुरू हुआ था, उसमें धीरे-धीरे ऐसी भावनाएं शामिल हो जाती हैं, जिन्हें दोनों नजरअंदाज नहीं कर पाते. ट्रेलर में उनके बीच की असहजता, नोकझोंक और रोमांटिक तनाव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि दोनों के लिए नकली प्रेम का यह खेल आखिरकार असली भावनाओं में बदल सकता है.
फिल्म की कहानी अली हेजलवुड के इसी नाम के चर्चित उपन्यास से ली गई है. यह किताब वर्ष 2021 में बर्कले से प्रकाशित हुई थी और रिलीज के बाद बेस्टसेलर बनी. उपन्यास ने अली हेजलवुड को रोमांस और अकादमिक दुनिया को एक साथ जोड़ने वाली लेखिका के रूप में खास पहचान दिलाई. उनकी कहानियों में प्रेम संबंधों के साथ विज्ञान, तकनीक, शोध और विश्वविद्यालयों की प्रतिस्पर्धी दुनिया को भी महत्वपूर्ण स्थान मिलता है.
दिलचस्प बात यह है कि द लव हाइपोथेसिस की कहानी का शुरुआती सफर सीधे उपन्यास के रूप में नहीं हुआ था. अली हेजलवुड ने इसे शुरुआत में स्टार वार्स से प्रेरित रेयलो फैन फिक्शन के रूप में लिखा था. बाद में कहानी ने अलग रूप लिया और इसे एक स्वतंत्र उपन्यास के तौर पर विकसित किया गया. वर्ष 2021 में किताब प्रकाशित होने के बाद इसे पाठकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता मिली. अब इसी लोकप्रिय कहानी को फिल्म के रूप में दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है.
फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी क्लेयर स्कैनलॉन ने संभाली है. वह इससे पहले नेटफ्लिक्स की रोमांटिक कॉमेडी सेट इट अप का निर्देशन कर चुकी हैं. फिल्म की पटकथा सारा रोथ्सचाइल्ड ने लिखी है, जिन्होंने द स्लीपओवर जैसी फिल्मों के लिए भी काम किया है. एलिजाबेथ कैंटिलॉन फिल्म की निर्माता हैं. फिल्म के निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोकप्रिय उपन्यास की भावनाओं और उसके प्रशंसकों की अपेक्षाओं को पर्दे पर बनाए रखना रही है.
लिली रेनहार्ट ने फिल्म में काम करने के अनुभव को लेकर कहा है कि रोमांटिक कॉमेडी में काम करना उनकी शुरुआती योजनाओं में शामिल नहीं था. जब उन्हें फिल्म की पटकथा मिली तो उन्होंने पहले उसे पढ़ा और उसके बाद मूल उपन्यास पढ़ा. कहानी पढ़ने के बाद उन्होंने इस परियोजना का हिस्सा बनने का फैसला किया. अभिनेत्री के अनुसार फिल्म की टीम ने किताब की मूल भावना को बनाए रखने की पूरी कोशिश की है और पटकथा लेखक सारा रोथ्सचाइल्ड ने मूल कहानी का सम्मान करते हुए इसे फिल्म के रूप में ढालने का प्रयास किया है.
टॉम बेटमैन ने भी फिल्म के निर्माण के दौरान मूल उपन्यास को केंद्र में रखे जाने की बात कही है. उनके अनुसार पूरी टीम के लिए किताब लगातार सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ बनी रही. फिल्म से जुड़े लोगों की कोशिश थी कि उपन्यास को पसंद करने वाले पाठकों की उम्मीदों के साथ न्याय किया जाए. यही वजह है कि फिल्म में किताब की मूल कहानी, किरदारों के बीच का तनाव और रोमांस की धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली प्रकृति को बनाए रखने पर जोर दिया गया है.
फिल्म का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका वयस्क रोमांटिक कॉमेडी वाला स्वरूप है. नकली डेटिंग से शुरू होने वाली कहानी में हास्य के साथ रोमांटिक तनाव भी प्रमुख भूमिका निभाएगा. ओलिव और एडम के व्यक्तित्व एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. जहां ओलिव अपेक्षाकृत सहज और भावुक दिखाई देती है, वहीं एडम गंभीर, कठोर और दूरी बनाए रखने वाला प्रोफेसर है. दोनों के बीच यही अंतर कहानी में हास्य और रोमांस की परिस्थितियां पैदा करता है.
ट्रेलर में अकादमिक माहौल को भी प्रमुखता दी गई है. विश्वविद्यालय, शोध, करियर और पेशेवर दबाव कहानी के रोमांटिक हिस्से के साथ जुड़े हुए हैं. इसी कारण फिल्म केवल दो लोगों की प्रेम कहानी नहीं रह जाती, बल्कि इसमें दोस्ती, करियर और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का भी मिश्रण दिखाई देता है. ओलिव और एडम के रिश्ते में जैसे-जैसे बदलाव आता है, वैसे-वैसे दोनों के व्यक्तिगत जीवन और प्राथमिकताओं पर भी इसका असर पड़ता है.
फिल्म प्राइम वीडियो की ऑब्सेशन इज इन सेशन पहल का हिस्सा है. इस पहल के तहत युवा दर्शकों को ध्यान में रखते हुए कई रोमांटिक और युवा केंद्रित कहानियों को मंच पर लाया जा रहा है. द लव हाइपोथेसिस भी इसी क्रम में दर्शकों तक पहुंचेगी.
फिल्म का वैश्विक प्रीमियर 23 सितंबर को प्राइम वीडियो पर होगा. ट्रेलर रिलीज होने के बाद अब अली हेजलवुड के उपन्यास के प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि लिली रेनहार्ट और टॉम बेटमैन ओलिव और एडम के लोकप्रिय किरदारों को पर्दे पर किस तरह जीवंत करते हैं. नकली डेटिंग से शुरू होने वाली प्रेम कहानी, विश्वविद्यालय की पृष्ठभूमि, दो विपरीत स्वभाव वाले किरदार और धीरे-धीरे बढ़ता रोमांटिक तनाव फिल्म को रोमांटिक कॉमेडी के प्रशंसकों के लिए खास बना सकता है. अब 23 सितंबर को रिलीज के बाद ही यह साफ होगा कि किताब की लोकप्रियता को फिल्मी पर्दे पर कितना प्रभावी ढंग से दोहराया जा सका है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

