- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
* रक्षा बन्धन - 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
* रक्षा बन्धन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी
* पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 27 अगस्त 2026 को 09:08 एएम बजे
* पूर्णिमा तिथि समाप्त - 28 अगस्त 2026 को 09:48 एएम बजे
* राखी पर्व श्रावण महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है.
* रक्षा बंधन भाई-बहन के भावनात्मक संबंधों और विश्वास को व्यक्त करने वाला पर्व है.
* इस दिन बहन अपने भाई को रक्षा-सूत्र बांधती हैं.
* अपराह्न का समय रक्षा बन्धन के लिये उत्तम माना जाता है.
* भद्रा का समय रक्षा बन्धन के लिये निषिद्ध माना जाता है.
जब श्रीकृष्ण ने ही चीर बढ़ाकर द्रौपदी की लाज बचाई थी!
* महाभारत के अनुसार एक बार श्रीकृष्ण की उंगली सुदर्शन चक्र से कट गई.
* यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया.
* कृष्ण ने उसी समय वचन दिया कि वे जीवनभर द्रौपदी की रक्षा करेंगे.
* जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब श्रीकृष्ण ने ही चीर बढ़ाकर उसकी लाज बचाई थी.
* यही रक्षासूत्र की भावना है!
* आज का पंचांग- 28 अगस्त 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083 गुजराती सम्वत 2082, अमान्त महीना श्रावण, पूर्णिमान्त महीना श्रावण, वार शुक्रवार, पक्ष शुक्ल, तिथि पूर्णिमा - 09:48 एएम तक, नक्षत्र शतभिषा - 03:13 ए एम, 29 अगस्त 2026 तक, योग अतिगण्ड - 07:28 एएम तक, करण बव - 09:48 एएम तक, द्वितीय करण बालव - 09:56 पीएम तक, सूर्य राशि सिंह, चन्द्र राशि कुम्भ, राहुकाल 10:58 एएम से 12:33 पीएम, अभिजित मुहूर्त 12:08 पीएम से 12:59 पीएम
* आज का राशिफल- 28 अगस्त 2026
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ राशियों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, कर्क राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
* आज का चौघड़िया- 28 अगस्त 2026
दिन का चौघड़िया
चर - 06:13 से 07:48
लाभ - 07:48 से 09:23
अमृत - 09:23 से 10:58
काल - 10:58 से 12:33
शुभ - 12:33 से 02:08
रोग - 02:08 से 03:44
उद्वेग - 03:44 से 05:19
चर - 05:19 से 06:54
रात्रि का चौघड़िया
रोग - 06:54 से 08:19
काल - 08:19 से 09:44
लाभ - 09:44 से 11:09
उद्वेग - 11:09 से 12:33
शुभ - 12:33 से 01:58
अमृत - 01:58 से 03:23
चर - 03:23 से 04:48
रोग - 04:48 से 06:13
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन- 28 अगस्त 2026, जब श्रीकृष्ण ने ही चीर बढ़ाकर द्रौपदी की लाज बचाई थी!
प्रेषित समय :21:44:20 PM / Thu, Aug 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

