हर 1,000 व्यूज पर 60 रुपये कमाई का दावा, चीनी वीडियो प्लेटफॉर्म Bilibili ने खींचा क्रिएटर्स का ध्यान

हर 1,000 व्यूज पर 60 रुपये कमाई का दावा, चीनी वीडियो प्लेटफॉर्म Bilibili ने खींचा क्रिएटर्स का ध्यान

प्रेषित समय :21:07:09 PM / Thu, Aug 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. ऑनलाइन वीडियो बनाकर कमाई करने वाले क्रिएटर्स के बीच एक चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म इन दिनों चर्चा में है. Bilibili के क्रिएटर कार्यक्रम से जुड़ी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म कुछ क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज पर करीब 0.70 डॉलर यानी लगभग 60 रुपये तक का भुगतान कर रहा है. यदि यह आंकड़ा वास्तविक और लागू परिस्थितियों में मिलता है, तो बड़ी संख्या में व्यूज हासिल करने वाले क्रिएटर्स के लिए Bilibili कमाई का एक आकर्षक विकल्प बन सकता है.

हालांकि, इस दावे को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Bilibili ने खुद किसी निश्चित 60 रुपये प्रति 1,000 व्यूज की दर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. यह आंकड़ा एक्स पर आरटी की एक पोस्ट के जरिए सामने आया है. कंपनी के आधिकारिक क्रिएटर कार्यक्रम में किसी निश्चित सीपीएम या आरपीएम की गारंटी का उल्लेख नहीं किया गया है. इसलिए इसे फिलहाल एक रिपोर्टेड आंकड़े के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

10 लाख व्यूज पर कितनी कमाई?
रिपोर्ट में बताए गए करीब 0.70 डॉलर प्रति 1,000 व्यूज के हिसाब से यदि किसी वीडियो को 10 लाख व्यूज मिलते हैं, तो सैद्धांतिक रूप से कमाई करीब 700 डॉलर, यानी लगभग 60 हजार रुपये हो सकती है. लेकिन यह केवल एक सीधी गणना है. वास्तविक भुगतान इससे कम या अधिक हो सकता है, क्योंकि प्लेटफॉर्म की कमाई कई दूसरे कारकों पर निर्भर करती है.

Bilibili के मुताबिक क्रिएटर की आय में दर्शकों का स्थान, विज्ञापनदाताओं की मांग, कंटेंट की श्रेणी और उपलब्ध मुद्रीकरण उत्पाद जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा अमान्य ट्रैफिक, धोखाधड़ी, रिफंड, कर और प्लेटफॉर्म की नीतियों के तहत किए गए समायोजन के बाद अंतिम कमाई बदल सकती है.

इसका मतलब यह है कि हर क्रिएटर को हर 1,000 व्यूज पर 60 रुपये मिलेंगे, ऐसा मानना सही नहीं होगा.

कमाई शुरू करने के लिए क्या जरूरी है?
Bilibili के क्रिएटर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुद्रीकरण के लिए आवेदन करने से पहले क्रिएटर के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैध सार्वजनिक व्यूज होने चाहिए.

हालांकि, इन आंकड़ों को पूरा कर लेना ही मुद्रीकरण की गारंटी नहीं है. प्लेटफॉर्म चैनल और उसके कंटेंट की समीक्षा करता है. इसमें कंटेंट की मौलिकता, कॉपीराइट नियमों का पालन, सामुदायिक दिशानिर्देश और अकाउंट की स्थिति जैसे पहलुओं को देखा जाता है.

Bilibili बनावटी तरीके से व्यूज या सब्सक्राइबर बढ़ाने को भी स्वीकार नहीं करता. खरीदे गए व्यूज, फर्जी सब्सक्राइबर और स्वचालित तरीके से बढ़ाए गए एंगेजमेंट पर कार्रवाई की जा सकती है. क्रिएटर के लिए यह भी जरूरी है कि उसके पास अपलोड किए गए कंटेंट के अधिकार हों या उसे उससे कमाई करने की अनुमति मिली हो.

YouTube को क्यों मिल सकती है चुनौती?
Bilibili का आकर्षण केवल भुगतान के दावे तक सीमित नहीं है. कंपनी चीन के बाहर भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है. रिपोर्टों के मुताबिक प्लेटफॉर्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और अंग्रेजी भाषा के बाजार सहित अमेरिका, यूरोप, जापान तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है.

यदि Bilibili अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स के लिए बड़ा दर्शक आधार और बेहतर मुद्रीकरण उपलब्ध कराने में सफल होता है, तो यह YouTube जैसे स्थापित वीडियो प्लेटफॉर्म के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है. खासकर ऐसे क्रिएटर्स के लिए यह आकर्षक हो सकता है जो एक ही प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सामग्री को अलग-अलग मंचों पर ले जाकर आय के नए रास्ते तलाश रहे हैं.

कंपनी विज्ञापन के अलावा क्रिएटर्स और ब्रांड्स के बीच प्रायोजन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मार्केटप्लेस तैयार करने पर भी काम कर रही है. इससे क्रिएटर्स को केवल विज्ञापन से नहीं, बल्कि ब्रांड सहयोग से भी कमाई का अवसर मिल सकता है.

लेकिन 60 रुपये वाला दावा पूरी कहानी नहीं
Bilibili से जुड़ी सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की हो रही है कि क्या वास्तव में हर 1,000 व्यूज पर 60 रुपये मिल रहे हैं. यहां सावधानी जरूरी है. 60 रुपये कोई आधिकारिक और सार्वभौमिक भुगतान दर साबित नहीं हुई है. प्लेटफॉर्म की अपनी नीतियां बताती हैं कि क्रिएटर की कमाई कई परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती है.

इसलिए किसी क्रिएटर के लिए केवल व्यूज की संख्या देखकर संभावित कमाई का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा. दर्शकों का देश, विज्ञापन की उपलब्धता, कंटेंट का विषय, वैध ट्रैफिक और प्लेटफॉर्म की अन्य शर्तें अंतिम आय को प्रभावित कर सकती हैं.

फिलहाल Bilibili का अंतरराष्ट्रीय विस्तार और क्रिएटर अर्थव्यवस्था पर बढ़ता जोर इसे YouTube के मुकाबले एक संभावित नए विकल्प के रूप में जरूर सामने ला रहा है. लेकिन 60 रुपये प्रति 1,000 व्यूज को अभी तय भुगतान दर के बजाय रिपोर्टेड दावा मानना ही ज्यादा सही होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-