आज की नौकरी में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना आम बात हो गई है. सुबह काम शुरू करने के बाद मीटिंग, लैपटॉप और फोन के बीच कई बार लगातार कई घंटे कुर्सी पर ही गुजर जाते हैं. इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर महसूस होने लगता है. पैरों में भारीपन, अकड़न, खिंचाव या झनझनाहट जैसी परेशानी लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने के बाद महसूस हो सकती है. लगातार बैठे रहने पर पैरों की मांसपेशियों की गतिविधि भी कम हो जाती है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है.
हालांकि, पैरों को सक्रिय रखने के लिए हर बार जिम जाने या कठिन कसरत करने की जरूरत नहीं है. काम के बीच कुछ आसान गतिविधियां कुर्सी पर बैठे-बैठे भी की जा सकती हैं. इसके अलावा हर घंटे थोड़ी देर के लिए उठकर चलना भी शरीर को लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से बचाने में मदद कर सकता है.
टखनों को घुमाएं
लंबे समय तक बैठे रहने के बाद टखनों को हल्का घुमाना आसान तरीका है. कुर्सी पर सीधे बैठें और एक पैर को थोड़ा ऊपर उठाएं. अब टखने को धीरे-धीरे गोलाकार घुमाएं. कुछ चक्र एक दिशा में करने के बाद दूसरी दिशा में घुमाएं. इसके बाद दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
यह हल्की गतिविधि टखने और पैर की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है. लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से होने वाली जकड़न में भी इससे राहत मिल सकती है.
लेग एक्सटेंशन से पैरों को दें हल्की कसरत
कुर्सी पर बैठकर एक पैर को सामने की ओर सीधा करें और कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रखें. इसके बाद पैर को धीरे-धीरे नीचे लाएं और दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं.
लेग एक्सटेंशन जांघ और घुटने के आसपास की मांसपेशियों को सक्रिय रखने का आसान तरीका है. इसे काम के बीच कुछ बार किया जा सकता है, बशर्ते इससे दर्द न हो.
हील रेज और टो रेज करें
पैरों में भारीपन महसूस होने पर हील रेज और टो रेज भी किए जा सकते हैं. पहले पैरों के पंजों को जमीन पर रखते हुए एड़ियों को ऊपर उठाएं और फिर नीचे लाएं. इसके बाद एड़ियों को जमीन पर रखते हुए पंजों को ऊपर उठाएं.
इस तरह पैरों के निचले हिस्से की मांसपेशियों में हलचल बनी रहती है. इसे बहुत धीमी गति से और आराम के अनुसार करना चाहिए.
घुटनों को बारी-बारी से ऊपर उठाएं
कुर्सी पर सीधे बैठकर एक घुटने को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कुछ क्षण बाद नीचे ले आएं. फिर दूसरे घुटने को ऊपर उठाएं. इसे बारी-बारी से कई बार किया जा सकता है.
इससे पैरों के साथ कूल्हों के आसपास भी हल्की गतिविधि बनी रहती है. लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान यह शरीर को थोड़ा सक्रिय करने का आसान तरीका है.
हर घंटे कुर्सी छोड़कर थोड़ा चलें
डेस्क पर की जाने वाली एक्सरसाइज के साथ सबसे जरूरी आदत है लगातार बैठने के बीच ब्रेक लेना. कोशिश करें कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे न रहें. हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठें और थोड़ा चलें.
ऑफिस में पानी लेने जाना, सहकर्मी से आमने-सामने बात करना या कुछ देर कॉरिडोर में चलना भी इसके लिए पर्याप्त हो सकता है. नियमित रूप से स्थिति बदलने और थोड़ी देर चलने से पैरों को निष्क्रिय रहने से बचाने में मदद मिलती है.
छोटी गतिविधियां बनाएं रोज की आदत
डेस्क पर काम करने वालों के लिए समस्या केवल व्यायाम की कमी नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहना भी है. इसलिए दिनभर में छोटी-छोटी गतिविधियों को शामिल करना अधिक व्यावहारिक तरीका हो सकता है. टखने घुमाना, पैर सीधा करना, एड़ियां और पंजे उठाना तथा बीच-बीच में चलना जैसी आसान आदतें पैरों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं.
अगर पैरों में लगातार दर्द, एक तरफ असामान्य सूजन, ज्यादा सुन्नपन, कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो केवल डेस्क एक्सरसाइज पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है. किसी बीमारी, लगातार दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्या में इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें. नया व्यायाम शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है.