मुंबई में लोगों को बड़ा झटका, भैंस का दूध 9 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, 70 साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी

मुंबई में लोगों को बड़ा झटका, भैंस का दूध 9 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, 70 साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी

प्रेषित समय :19:03:28 PM / Fri, Aug 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. गणेश चतुर्थी और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों की दस्तक से ठीक पहले मायानगरी में आम आदमी की जेब पर कैंची चल गई है. किचन का बजट बिगाड़ने वाली एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आई है. शहर में भैंस के दूध की कीमतों में अचानक बेतहाशा उछाल कर दिया गया है. मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध के थोक दामों में ऐतिहासिक वृद्धि का ऐलान किया है, जिससे अब सुबह की चाय की चुस्की से लेकर त्योहारों की मिठाइयों तक का स्वाद फीका होने वाला है.

70 साल के इतिहास में सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी

एसोसिएशन के इस नए फरमान के बाद 1 सितंबर 2026 से मुंबई में भैंस के ताजा दूध का थोक भाव सीधे 9 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा. थोक बाजार में जो दूध अब तक 93 रुपये लीटर बिक रहा था, उसके लिए अब 102 रुपये चुकाने होंगे. यह नई और बढ़ी हुई दरें अगले साल 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद इनकी दोबारा समीक्षा होगी. जानकारों और रिपोर्टों की मानें तो एमएमपीए के करीब सात दशकों के लंबे इतिहास में दूध की कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त वृद्धि है. इससे पहले इसी साल फरवरी में भी दामों को 91 से बढ़ाकर 93 रुपये किया गया था.

आखिर क्यों दूध की कीमतों में अचानक लगी आग?

इस भारी-भरकम बढ़ोतरी के पीछे उत्पादकों ने पशुओं के चारे और रखरखाव की लगातार बढ़ती लागत को सबसे बड़ी वजह बताया है. दूध उत्पादकों का स्पष्ट कहना है कि भैंसों के आहार में इस्तेमाल होने वाले अनाज, चना और तूर चुनी जैसी आवश्यक चीजों के दाम बाजार में 25 प्रतिशत तक आसमान छू चुके हैं. इसके अलावा पेंड, हरा चारा और खुद दुधारू पशुओं की खरीद कीमत भी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा हो गई है. ऐसे में लागत का बोझ बढऩे के कारण उत्पादकों के पास दूध की थोक कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.

आम जनता की जेब पर सीधा डाका

एमएमपीए के चेयरमैन सी.के. सिंह के अनुसार, मुंबई शहर और उपनगरों में करीब तीन हजार से अधिक खुदरा (रिटेल) विक्रेताओं के नेटवर्क के जरिए ताजा भैंस का दूध सप्लाई किया जाता है. थोक बाजार में दाम 102 रुपये होने के बाद, खुदरा बाजार में जब यह दूध आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा तो इसकी कीमत इससे कहीं अधिक होगी, क्योंकि इसमें ट्रांसपोर्ट और वेंडर का मुनाफा भी जुड़ेगा. त्योहारी सीजन बिल्कुल मुहाने पर है, ऐसे में दूध, दही, पनीर और दूध से बनने वाली मिठाइयों की मांग चरम पर होगी. कीमतों में इस भयंकर उछाल से मुंबईकरों के घर का बजट पूरी तरह से डगमगा जाना तय है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-