आज का दिन- 30 अगस्त 2026, संकष्टी चतुर्थी : जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति!

आज का दिन- 30 अगस्त 2026, संकष्टी चतुर्थी : जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति!

प्रेषित समय :21:38:07 PM / Sat, Aug 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
* हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी - 31 अगस्त 2026, सोमवार
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 31 अगस्त 2026 को 08:50 एएम बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 1 सितम्बर 2026 को 07:41 एएम बजे

* श्रीगणेश की शुभदृष्टि से समस्त कष्ट, नष्ट होते हैं और इसीलिए संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है.
* प्रतिमाह पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी पुकारते हैं. संकट से मुक्ति मिलने को ही संकष्टी कहते हैं.
* भगवान श्रीगणेश के भक्त संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं. 
* धर्मधारणा है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है.
* श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का कठोर व्रत करते हैं जिसमे केवल फलों, वनस्पति उत्पादों आदि का ही उपयोग किया जाता है. 
* श्रद्धालु चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात व्रत खोलते हैं.
॥ श्रीगणेश आरती ॥
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची.
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची.
सर्वांगी सुन्दर उटि शेंदुराची.
कण्ठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा.
चन्दनाची उटि कुंकुमकेशरा.
हिरे जड़ित मुकुट शोभतो बरा.
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
लम्बोदर पीताम्बर फणिवर बन्धना.
सरळ सोण्ड वक्रतुण्ड त्रिनयना.
दास रामाचा वाट पाहे सदना.
संकटी पावावे निर्वाणीरक्षावे सुरवरवन्दना॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥

 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-