बिलासपुर. बिलासपुर में बदलते मौसम के साथ संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. शहर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार सामने आने से हड़कंप मच गया है. जिले में वर्तमान में स्वाइन फ्लू के छह से ज्यादा एक्टिव मरीज दर्ज किए जा चुके हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से भी त्वरित रोकथाम और प्रभावी कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं.
सिम्स में विशेष जांच और त्वरित इलाज के इंतजाम
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) में संदिग्ध और पुष्ट मरीजों के लिए अलग से जांच व उपचार की व्यवस्था की गई है. अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि तेज बुखार, कफ और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की तुरंत जांच की जाए. संदिग्ध मरीजों को विशेष निगरानी में रखकर समय पर इलाज शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि वायरस के सामुदायिक प्रसार को रोका जा सके.
प्रमुख लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है:
तेज बुखार और ठंड लगना: अचानक शरीर का तापमान बढ़ना और कंपकंपी आना.
गले में गंभीर खराश और खांसी: कफ की समस्या के साथ गले में दर्द होना.
सांस लेने में कठिनाई: सीने में जकड़न और सांस फूलने की शिकायत.
अत्यधिक थकान और बदन दर्द: मांसपेशियों में तेज दर्द और कमजोरी महसूस होना.
अन्य लक्षण: कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की समस्या भी देखी जा रही है.
स्वास्थ्य विभाग की अपील और बचाव के उपाय
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभा गरेवाल ने आम जनता से सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी से इस बीमारी से बचा जा सकता है.
भीड़भाड़ से बचें: सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें या मास्क का उपयोग करें.
हाथों की स्वच्छता: बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
खांसते-छींकते समय सावधानी: मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें.
समय पर परामर्श: लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सिम्स जाकर जांच कराएं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

