नई दिल्ली. कंप्यूटर की रफ्तार कम होने पर अब हर बार नया लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदना जरूरी नहीं होगा. रिलायंस जियो ने JioPC को ऐसे क्लाउड आधारित विकल्प के रूप में पेश किया है, जिसका उद्देश्य पुराने कंप्यूटरों की क्षमता को बढ़ाकर उन्हें आधुनिक कामकाज के लिए उपयोगी बनाए रखना है. खास बात यह है कि अब यह सुविधा केवल जियो के घरेलू ब्रॉडबैंड ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगी. किसी भी टेलीकॉम या ब्रॉडबैंड कंपनी का इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला यूजर JioPC की सदस्यता ले सकता है.
JioPC की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कंप्यूटर की स्थानीय हार्डवेयर क्षमता पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब यह है कि पुराने कंप्यूटर पर काम करते हुए भी यूजर को अधिक कंप्यूटिंग क्षमता, मेमोरी और स्टोरेज का लाभ मिल सकता है. कंपनी का दावा है कि करीब आठ साल पुराने कंप्यूटर को भी आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एप्लिकेशन चलाने के लिहाज से तैयार किया जा सकता है. ऐसे समय में जब एआई आधारित सेवाओं और एप्लिकेशन के लिए ज्यादा कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत बढ़ रही है, यह व्यवस्था पुराने उपकरणों की उपयोगिता बढ़ाने का रास्ता खोल सकती है.
कंपनी के मुताबिक JioPC में यूजर को अधिकतम 16GB रैम और 1TB तक क्लाउड स्टोरेज का विकल्प मिलेगा. यानी जिस कंप्यूटर में सीमित रैम या कम स्टोरेज है, उसकी भौतिक क्षमता बढ़ाए बिना क्लाउड के जरिए ज्यादा संसाधनों तक पहुंच बनाई जा सकेगी. इससे खास तौर पर उन विद्यार्थियों, छोटे कारोबारियों, कार्यालयों और घरेलू यूजर्स को फायदा हो सकता है, जो केवल कंप्यूटर के धीमे होने के कारण नया सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहे हैं.
JioPC की सदस्यता को स्टैंडअलोन सेवा के रूप में उपलब्ध कराया गया है. इसके लिए किसी खास इंटरनेट सेवा प्रदाता से जुड़ा होना जरूरी नहीं है. कंपनी के अनुसार सेवा को पांच मिनट से कम समय में सक्रिय किया जा सकता है और इसके लिए पुराने कंप्यूटर से डेटा को नए सिस्टम में स्थानांतरित करने या उसमें नया हार्डवेयर लगाने की जरूरत नहीं होगी. यह बदलाव JioPC को केवल एक ब्रॉडबैंड आधारित सुविधा के बजाय व्यापक इंटरनेट यूजर के लिए उपलब्ध क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा बनाता है.
कीमत की बात करें तो JioPC के शुरुआती प्लान 1,000 रुपये से शुरू होते हैं. 8GB रैम और 500GB स्टोरेज वाला दो महीने का प्लान 1,000 रुपये में उपलब्ध होगा. वहीं 16GB रैम और 1TB स्टोरेज वाले JioPC Ultra की दो महीने की सदस्यता 1,200 रुपये रखी गई है. पांच महीने के लिए दोनों विकल्पों की कीमत क्रमशः 2,000 और 2,500 रुपये है. 12 महीने के 10+2 महीने वाले प्लान की कीमत 4,000 और 5,000 रुपये है. कंपनी के मुताबिक इन सभी कीमतों में जीएसटी शामिल है.
हालांकि JioPC का इस्तेमाल पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर रहेगा. चूंकि कंप्यूटिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्लाउड पर होगा, इसलिए कमजोर या बार-बार बाधित होने वाला इंटरनेट अनुभव को प्रभावित कर सकता है. कंपनी ने ब्रॉडबैंड के साथ भरोसेमंद 4जी और 5जी कनेक्शन पर भी इसके इस्तेमाल की बात कही है.
JioPC का सबसे बड़ा असर संभवतः पुराने कंप्यूटरों के इस्तेमाल की अवधि पर पड़ सकता है. हर कुछ साल में हार्डवेयर बदलने के बजाय यूजर क्लाउड आधारित संसाधनों का सहारा लेकर उसी मशीन को आगे इस्तेमाल कर सकता है. हालांकि वास्तविक प्रदर्शन इंटरनेट की गुणवत्ता, इस्तेमाल किए जा रहे एप्लिकेशन और क्लाउड संसाधनों पर निर्भर करेगा. ऐसे में JioPC के सामने असली चुनौती केवल ज्यादा रैम या स्टोरेज उपलब्ध कराने की नहीं, बल्कि पुराने कंप्यूटर को रोजमर्रा के आधुनिक डिजिटल काम में वास्तव में कितना तेज और सुविधाजनक बनाने की होगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

