दुबई. महिला एशिया कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने हांगकांग के खिलाफ ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे मैच का रंग ही बदल दिया. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए और इस विशाल स्कोर की सबसे बड़ी कहानी बनी स्मृति मंधाना की ऐतिहासिक 124 रन की पारी. मंधाना ने केवल 64 गेंदों में 14 चौके और 7 छक्के लगाकर 193.75 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से रन बनाए. उनकी यह पारी केवल भारत को बड़े स्कोर तक ले जाने वाली पारी नहीं रही, बल्कि महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी कई नए अध्याय जोड़ गई.
मैच में हांगकांग ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था. भारत की शुरुआत से ही इरादे साफ दिखाई दे रहे थे. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पारी को तेज गति दी और शुरुआती ओवरों में हांगकांग के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. शेफाली ने 17 गेंदों में 28 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. इस साझेदारी ने भारत को पावरप्ले के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया. हालांकि 74 रन के स्कोर पर शेफाली के आउट होने के बाद भारत को पहला झटका लगा, लेकिन मंधाना ने अपनी लय नहीं टूटने दी.
प्रतिका रावल भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं और 12 गेंदों पर 10 रन बनाकर 111 के स्कोर पर पवेलियन लौट गईं. इस समय ऐसा लग रहा था कि भारत को मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की जरूरत होगी, लेकिन मंधाना ने अकेले ही रनगति को संभाल लिया. उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और हांगकांग की गेंदबाजी को लगातार दबाव में रखा.
मंधाना के शतक तक पहुंचने का अंदाज भी बेहद खास रहा. उन्होंने चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके साथ ही महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. यह उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18वां शतक था. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 17 अंतरराष्ट्रीय शतक थे. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मंधाना का दूसरा शतक रहा और एशिया कप में इस उपलब्धि ने उनकी पारी को और खास बना दिया.
लेकिन मंधाना की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल शतक तक सीमित नहीं रही. 124 रन की पारी के दौरान उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. उन्होंने भारत की पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया. यह उपलब्धि मंधाना ने अपने 303वें अंतरराष्ट्रीय पारी में हासिल की. इस तरह एक ही मुकाबले में उन्होंने शतक का रिकॉर्ड और कुल रनों का बड़ा रिकॉर्ड दोनों अपने नाम कर लिए.
मंधाना की पारी की खासियत उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता रही. उन्होंने सिर्फ बड़े शॉट खेलने पर भरोसा नहीं किया, बल्कि चौकों के साथ छक्कों का बेहतरीन मिश्रण तैयार किया. 64 गेंदों में 124 रन का मतलब है कि उन्होंने लगभग हर दूसरे-तीसरे गेंद पर तेजी से रन बटोरे. 14 चौके और 7 छक्के उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की तस्वीर पेश करते हैं. जब वह 96 रन पर थीं, तब एक कैच छूटने से हांगकांग को उन्हें रोकने का मौका मिला था, लेकिन इसके बाद मंधाना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्द ही शतक पूरा कर लिया.
उनके शतक के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार कम नहीं हुई. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी तेजी से रन बनाने की कोशिश की. वह 10 रन बनाकर आउट हुईं. ऋचा घोष 11 रन बना सकीं. अंतिम ओवरों में विकेट गिरने के बावजूद भारत 193 रन तक पहुंच गया. मंधाना भी पारी के आखिरी हिस्से में रन आउट होकर पवेलियन लौटीं. वह जब मैदान से बाहर गईं तो दर्शकों और भारतीय टीम की ओर से उन्हें जोरदार तालियां मिलीं.
भारत की पारी के बाद हांगकांग के सामने 194 रन का लक्ष्य था. इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में उसकी शुरुआत भी खराब रही. भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद के साथ-साथ स्पिन का इस्तेमाल करते हुए हांगकांग के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. छह ओवर पूरे होने तक हांगकांग का स्कोर 1 विकेट पर केवल 16 रन था. भारत की ओर से छह में पांच ओवर स्पिन गेंदबाजों ने किए और इस दौरान 15 डॉट गेंदें फेंकी गईं. हांगकांग के बल्लेबाजों के सामने रन बनाना लगातार मुश्किल होता गया.
भारत के लिए नंदनी शर्मा ने फिर प्रभाव छोड़ा. उन्होंने मारिको हिल को चार गेंदों में खाता खोले बिना आउट कर दिया. नंदनी ने इससे पहले थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में भी तीन विकेट लिए थे और हांगकांग के खिलाफ शुरुआती विकेट लेकर उन्होंने अपनी उपयोगिता फिर साबित की. छह ओवर के बाद भारत ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली थी और हांगकांग को जीत के लिए बहुत तेज गति से रन बनाने की जरूरत थी.
इस मुकाबले की एक और बड़ी विशेषता यह रही कि भारत की बल्लेबाजी में एक खिलाड़ी के असाधारण प्रदर्शन ने पूरी टीम के स्कोर को नई ऊंचाई दी. पिछले मुकाबले में थाईलैंड के खिलाफ भारत ने 159 रन बनाए थे और बल्लेबाजी के बीच के क्रम को लेकर सवाल उठे थे. उस मैच में भारत ने 94 रन से जीत हासिल की थी, लेकिन बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी दिखाई दी थी. हांगकांग के खिलाफ मंधाना की पारी ने उस चिंता को काफी हद तक पीछे छोड़ दिया.
मंधाना के लिए यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल एक कमजोर माने जाने वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बनाया गया बड़ा स्कोर नहीं था. उन्होंने इस पारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किए. उनका शतक महिला टी20 क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की क्षमता का भी बड़ा संकेत है. 124 रन की पारी में जिस तरह उन्होंने शुरुआत से अंत तक रन बनाने की गति बनाए रखी, उसने भारत को 200 के करीब पहुंचा दिया.
मैच के परिणाम से इतर भारतीय टीम के लिए सबसे सकारात्मक बात यह रही कि शीर्ष क्रम ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और गेंदबाजों ने भी लक्ष्य की रक्षा करते हुए शुरुआत में दबाव बनाया. हांगकांग के सामने 194 रन का लक्ष्य था, जबकि छह ओवर के बाद उसके खाते में केवल 16 रन थे. ऐसे में मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में दिखाई दे रहा था.
भारत के लिए यह मुकाबला एशिया कप के सेमीफाइनल की दिशा में भी अहम है. टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ 94 रन की जीत से की थी. हांगकांग के खिलाफ जीत भारत की स्थिति को और मजबूत करती है. आठ टीमों वाले इस टूर्नामेंट में ग्रुप मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हर जीत महत्वपूर्ण है.
इस पूरे मुकाबले को अगर एक तस्वीर में समेटा जाए तो वह स्मृति मंधाना की 124 रन की पारी है. एक तरफ रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड टूटते गए और दूसरी तरफ भारत का स्कोर 193 रन तक पहुंच गया. मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने का नया कीर्तिमान बनाया, मिताली राज के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना दूसरा शतक पूरा किया. 124 रन की यह पारी उनके करियर की उन पारियों में शामिल हो गई है, जिन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा.
मैच की ताजा स्थिति: भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए. स्मृति मंधाना 64 गेंदों में 124 रन बनाकर रन आउट हुईं. शेफाली वर्मा ने 28, प्रतिका रावल ने 10, ऋचा घोष ने 11 और हरमनप्रीत कौर ने 10 रन बनाए. हांगकांग की पारी शुरू होने के बाद छह ओवर में उसका स्कोर 1 विकेट पर 16 रन था और उसे जीत के लिए 178 रन की जरूरत थी. उपलब्ध ताजा अपडेट के आधार पर भारतीय टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना रखी थी.
सिर्फ भारत की जीत या बड़े स्कोर तक सीमित नहीं होगी. असली कहानी स्मृति मंधाना के उन रिकॉर्डों की होगी, जो एक ही शाम में बने. 124 रन की पारी, 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक और महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने की उपलब्धि—इन तीनों ने दुबई की इस रात को भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में खास बना दिया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

