जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग समेत 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग समेत 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

प्रेषित समय :16:03:06 PM / Fri, Sep 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर/ भोपाल. मानसून एक बार फिर अपने रौद्र रूप में आ गया है. खासकर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में एक्टिव स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. सबसे बुरे हालात सतना और चित्रकूट के हैं. मौसम विभाग  ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

चित्रकूट में रामघाट डूबा, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

सतना जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मंगलवार को बाढ़ का पानी रामघाट तक पहुंच गया, जिससे करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पूरी तरह डूब गए. अगले दो दिनों तक यहां भारी बारिश की चेतावनी है, जिससे फिलहाल हालात सुधरने की उम्मीद कम है. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सतना जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाडिय़ों में 2 और 3 सितंबर की छुट्टी घोषित कर दी है.

इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है. यहां अगले 24 घंटों में 4 इंच से ज्यादा पानी बरस सकता है. इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, भोपाल, सीहोर, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल समेत प्रदेश के अन्य जिलों (आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी) में भी गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं.

प्रदेश के डैम 70 फीसदी तक भरे, छलकने को तैयार बड़ा तालाब

लगातार हो रही झमाझम बारिश से प्रदेश के जलस्रोतों की स्थिति में काफी सुधार आया है. प्रदेश के अधिकांश डैम 70 प्रतिशत से ज्यादा भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोलने पड़े हैं. हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी भी पानी की पर्याप्त आवक नहीं हुई है. इधर, राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब पूरी तरह छलकने को तैयार है. इसका जलस्तर 1666.50 फीट पर पहुंच चुका है और यह फुल टैंक लेवल से मात्र 0.30 फीट खाली है. बड़े तालाब के फुल होते ही भदभदा डैम के गेट खोल दिए जाएंगे. यहां से छोड़ा गया पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे वहां का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-