महाराष्ट्र: दही हांडी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा, पुणे में महिला की मौत, मुंबई में 22 गोविंदा घायल

महाराष्ट्र: दही हांडी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा, पुणे में महिला की मौत, मुंबई में 22 गोविंदा घायल

प्रेषित समय :16:04:15 PM / Sat, Sep 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. महाराष्ट्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में गोविंदाओं ने ऊंचे मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी. हालांकि, इस दौरान हुए हादसों ने उत्सव की खुशियों को कुछ हद तक फीका कर दिया. पुणे में कार्यक्रम के बाद अस्थायी लोहे का ढांचा गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि मुंबई में मानव पिरामिड बनाते समय 22 गोविंदा घायल हो गए.

पुणे में लोहे का ढांचा गिरा, महिला की मौत

पुणे के ओल्ड सांगवी इलाके में शुक्रवार देर रात दही हांडी कार्यक्रम खत्म होने के बाद हादसा हुआ. पुलिस के अनुसार, विघ्नहर्ता मंडल की ओर से आयोजित कार्यक्रम के बाद मजदूर अस्थायी लोहे के पंडाल को हटाने में जुटे थे. इसी दौरान ढांचे का एक भारी हिस्सा वहां मौजूद 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान के ऊपर जा गिरा. हादसे में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के मुताबिक, मृतका का बेटा आयोजन करने वाले मंडल से जुड़ा हुआ था. परिवार ने आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया है. साथ ही पुलिस से भी अपनी ओर से मामला दर्ज न करने का अनुरोध किया. फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर ढांचा गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

मुंबई में मानव पिरामिड बनाते समय 22 घायल

मुंबई में दही हांडी फोडऩे के लिए ऊंचे मानव पिरामिड बनाने के दौरान 22 गोविंदा घायल हो गए. बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 21 को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक गोविंदा का इलाज अभी जारी है. अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में 20 घायल गोविंदाओं को भर्ती कराया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. इसके अलावा पूर्वी उपनगर में घायल हुए एक गोविंदा को भी उपचार के बाद घर भेज दिया गया. पश्चिमी उपनगर में घायल हुए एक अन्य गोविंदा का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

हादसों से निपटने के लिए पहले से थी तैयारी

दही हांडी उत्सव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. वहीं बीएमसी ने संभावित हादसों को देखते हुए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की थी.

बीएमसी के मुताबिक, नगर निगम के 16 अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए 100 से अधिक बेड तैयार रखे गए थे. महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया गया, लेकिन पुणे में हुई मौत और मुंबई में गोविंदाओं के घायल होने की घटनाओं ने ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी की जरूरत को फिर सामने ला दिया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-