राहुल गांधी ने कहा- सरकार को महाराष्ट्र के छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, नहीं तो छात्रों की गूंज और तेज होगी

राहुल गांधी ने कहा- सरकार को महाराष्ट्र के छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, नहीं तो छात्रों की गूंज और तेज होगी

प्रेषित समय :16:24:21 PM / Sun, Sep 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार 6 सितम्बर को कहा कि हजारों छात्र महाराष्ट्र की सड़कों पर विरोध कर रहे हैं, क्योंकि पूरे सिस्टम पर से उनका भरोसा टूट गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो, छात्रों की गूंज और तेज होगी. राहुल गांधी ने कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, हर छात्र बीजेपी शासन से परेशान है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांति से विरोध कर रहे हैं - इसका कारण सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं है, बल्कि एक भरोसा है जो पूरे सिस्टम से टूट गया है. राहुल गांधी ने कहा, चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, हर स्टूडेंट बीजेपी सरकार से परेशान है. पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, पढ़ाई का बहुत ज़्यादा खर्च, हॉस्टल में अमानवीय हालात, जहर जैसा खाना, डीबीटी में धोखाधड़ी. उन्होंने कहा, और अब, उन्होंने एमपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्जा कर लिया है और उसकी क्रेडिबिलिटी खत्म कर दी है.

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि स्टूडेंट्स की उनके सफल भविष्य के लिए हर मांग जायज है. उन्होंने कहा, 'सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और तुरंत एक्शन लेना चाहिए - नहीं तो, यह छात्रों की गूंज तब तक और तेज होती जाएगी जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता. उनकी यह बात महाराष्ट्र सरकार द्वारा राज्य में मौजूदा भर्ती परीक्षा सिस्टम का पूरी तरह से रिव्यू करने और इसे ज़्यादा ट्रांसपेरेंट, सुरक्षित, भरोसेमंद और कैंडिडेट-फ्रेंडली बनाने के उपाय सुझाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने के बाद आई है.

रिव्यू में पूरे एग्जामिनेशन प्रोसेस को कवर किया जाएगा, जिसमें क्वेश्चन पेपर तैयार करना और उनकी स्क्रूटनी, पेपर्स की कॉन्फिडेंशियलिटी और सिक्योर हैंडलिंग, एग्जामिनेशन सेंटर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, गलत कामों को रोकना, अलग-अलग एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन, शिकायत का समाधान और कैंडिडेट्स का पूरा एग्जामिनेशन एक्सपीरियंस शामिल है. महाराष्ट्र में आदिवासी स्टूडेंट्स और नौकरी के इच्छुक लोगों ने हॉस्टल की खराब हालत, स्टूडेंट सेफ्टी और एग्जाम पेपर लीक को लेकर प्रोटेस्ट किया, जिसके बाद राज्य सरकार ने मुख्य मांगें मान लीं और एक नया एग्जाम रिफॉर्म पैनल बनाया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-