नई दिल्ली. बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण वजन बढ़ना आज बड़ी संख्या में लोगों की चिंता बन गया है. भारत में भी कामकाजी लोगों से लेकर छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों तक, फिटनेस को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है. लेकिन हर किसी के पास जिम जाने या कठिन व्यायाम करने का समय नहीं होता. ऐसे में पैदल चलना और तैराकी दो ऐसे विकल्प हैं, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है.
वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के सामने अक्सर सवाल होता है कि पैदल चलना बेहतर है या तैराकी. एक घंटे में कौन ज्यादा कैलोरी खर्च करता है और लंबे समय में किससे वजन घटाने में ज्यादा मदद मिल सकती है? इसका जवाब केवल कैलोरी की संख्या में नहीं छिपा है. व्यक्ति का वजन, व्यायाम की गति, अवधि, भोजन, नींद और नियमितता भी परिणाम पर असर डालते हैं.
70 किलो वजन वाले व्यक्ति का कैलोरी हिसाब
करीब 70 किलो वजन वाले व्यक्ति की बात करें तो सामान्य गति से एक घंटे पैदल चलने पर लगभग 280 से 350 कैलोरी खर्च हो सकती हैं. यदि चलने की गति तेज हो या रास्ते में चढ़ाई शामिल हो, तो कैलोरी खर्च बढ़ सकता है और यह लगभग 400 कैलोरी तक पहुंच सकता है.
हालांकि यह आंकड़ा सभी लोगों के लिए समान नहीं होता. अधिक वजन वाले व्यक्ति को समान गति और अवधि में अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ सकती है, जबकि कम वजन वाले व्यक्ति में कैलोरी खर्च कुछ कम हो सकता है.
इसलिए वजन घटाने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि किसी एक कसरत में कितनी कैलोरी खर्च हुईं. यह देखना भी जरूरी है कि व्यक्ति उस गतिविधि को कितनी नियमितता से कर सकता है.
तैराकी में पूरे शरीर की कसरत
तैराकी पैदल चलने से अलग तरह की कसरत है. पानी में शरीर को आगे बढ़ाने के लिए हाथ, पैर, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं. पानी का प्रतिरोध शरीर को लगातार मेहनत करने के लिए मजबूर करता है.
करीब 70 किलो वजन वाला व्यक्ति तैरने की शैली और गति के आधार पर एक घंटे में लगभग 400 से 700 कैलोरी तक खर्च कर सकता है. हल्की गति से तैरने पर कैलोरी खर्च कम हो सकता है, जबकि तेज गति या अधिक मेहनत वाली तैराकी में ऊर्जा की खपत काफी बढ़ सकती है.
यही कारण है कि कैलोरी खर्च के लिहाज से सामान्य पैदल चलने की तुलना में तैराकी कई स्थितियों में अधिक प्रभावी हो सकती है.
लेकिन ज्यादा कैलोरी खर्च होना ही सब कुछ नहीं
वजन घटाने के लिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि जिस व्यायाम में ज्यादा कैलोरी खर्च होती है, वही हर व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा है. व्यायाम से मिलने वाला वास्तविक लाभ उसकी नियमितता पर निर्भर करता है.
उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति तैराकी के दौरान अधिक कैलोरी खर्च कर सकता है, लेकिन यदि वह सप्ताह में केवल एक या दो बार ही तैर पाता है, तो दूसरी ओर कोई व्यक्ति रोज 30 से 45 मिनट तेज गति से पैदल चलता है तो उसकी कुल साप्ताहिक शारीरिक गतिविधि अधिक हो सकती है.
यानी वजन कम करने के मामले में नियमितता अक्सर केवल अधिक कैलोरी खर्च करने से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है.
पैदल चलना क्यों है आसान विकल्प
पैदल चलने का सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता है. इसके लिए न किसी विशेष उपकरण की जरूरत होती है और न ही तैराकी की तरह किसी स्विमिंग पूल की.
भारत के शहरों में लोग सुबह पार्क, सड़क के किनारे बने पैदल मार्ग या घर के आसपास की सुरक्षित जगहों पर वॉक कर सकते हैं. जिन लोगों के पास सुबह समय नहीं होता, वे शाम को या दिनभर के काम के बीच छोटे-छोटे पैदल चलने के अवसर तलाश सकते हैं.
शुरुआती स्तर पर रोज 30 मिनट पैदल चलने से शुरुआत की जा सकती है. धीरे-धीरे अवधि और गति बढ़ाई जा सकती है. हालांकि किसी व्यक्ति की उम्र, फिटनेस स्तर या अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों के अनुसार व्यायाम की मात्रा अलग हो सकती है.
तेज चाल से चलने का बढ़ सकता है फायदा
सिर्फ धीमी गति से टहलने और तेज चाल से चलने में ऊर्जा खर्च का अंतर हो सकता है. तेज चाल से चलने पर शरीर अधिक मेहनत करता है और हृदय गति बढ़ती है.
यदि किसी व्यक्ति को सामान्य वॉक बहुत आसान लगती है तो वह धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ा सकता है. चढ़ाई वाले रास्ते या थोड़ी तेज चाल भी व्यायाम की तीव्रता बढ़ा सकती है.
हालांकि अचानक बहुत तेज गति से चलना शुरू करने के बजाय शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बदलाव करना बेहतर रहता है.
तैराकी किसके लिए उपयोगी हो सकती है
तैराकी का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि पानी शरीर के वजन को कुछ हद तक सहारा देता है. इससे जमीन पर किए जाने वाले कुछ व्यायामों की तुलना में जोड़ों पर पड़ने वाला प्रभाव कम हो सकता है.
इसी वजह से कुछ ऐसे लोग भी तैराकी को पसंद करते हैं जिन्हें अधिक झटके वाली कसरत असहज लगती है. लेकिन तैराकी सीखने वाले व्यक्ति को सही तकनीक और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए. बिना पर्याप्त तैराकी कौशल के गहरे पानी में जाना जोखिम भरा हो सकता है.
तैराकी में भी कैलोरी खर्च उसकी शैली और गति पर निर्भर करता है. आराम से तैरने और लगातार तेज गति से तैरने में ऊर्जा की खपत काफी अलग हो सकती है.
वजन घटाने में खानपान की भी बड़ी भूमिका
व्यायाम के साथ खानपान को नजरअंदाज करके वजन घटाना मुश्किल हो सकता है. यदि व्यायाम से खर्च हुई कैलोरी की तुलना में भोजन के जरिए लगातार अधिक ऊर्जा शरीर में पहुंच रही है, तो वजन कम करने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है.
इसलिए वजन घटाने के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और उचित मात्रा में पानी पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है. बहुत कम खाना या अचानक कठोर डाइट अपनाना हर व्यक्ति के लिए उचित नहीं है.
व्यायाम और भोजन के साथ पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी स्वस्थ वजन प्रबंधन का हिस्सा है.
कौन जीतेगा पैदल चलना या तैराकी?
यदि सवाल केवल एक घंटे में कैलोरी खर्च होने का है, तो तेज या अधिक मेहनत वाली तैराकी सामान्य गति से पैदल चलने की तुलना में अधिक कैलोरी खर्च करा सकती है. लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वजन घटाने के लिए तैराकी हर व्यक्ति के लिए पैदल चलने से बेहतर है.
पैदल चलना उन लोगों के लिए बेहद व्यावहारिक विकल्प है जो बिना अतिरिक्त खर्च और विशेष प्रशिक्षण के रोज शारीरिक गतिविधि बढ़ाना चाहते हैं. वहीं तैराकी उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है जिन्हें पानी में व्यायाम पसंद है, पूल की सुविधा उपलब्ध है और वे इसे नियमित रूप से कर सकते हैं.
सबसे अच्छा व्यायाम वही है जिसे व्यक्ति लंबे समय तक नियमित, सुरक्षित और अपनी क्षमता के अनुसार कर सके.
वजन घटाने के लिए पैदल चलना और तैराकी दोनों उपयोगी शारीरिक गतिविधियां हो सकती हैं. सामान्य परिस्थितियों में तैराकी एक घंटे में अधिक कैलोरी खर्च करा सकती है, लेकिन रोजाना की तेज चाल वाली वॉक भी वजन प्रबंधन और समग्र फिटनेस के लिए प्रभावी हो सकती है.
इसलिए केवल यह तय करने के बजाय कि कौन सी कसरत सबसे ज्यादा कैलोरी जलाती है, यह देखना जरूरी है कि आपकी दिनचर्या, समय, सुविधा और पसंद के अनुसार कौन सी गतिविधि नियमित रूप से की जा सकती है. रोज की 30–45 मिनट की नियमित वॉक कई लोगों के लिए उस कठिन व्यायाम से अधिक उपयोगी साबित हो सकती है, जिसे वे लंबे समय तक जारी ही न रख पाएं.
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सामान्य स्वास्थ्य और फिटनेस जानकारी पर आधारित है. कैलोरी खर्च व्यक्ति के वजन, उम्र, गति, तकनीक और व्यायाम की तीव्रता के अनुसार अलग हो सकता है. किसी बीमारी, चोट या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में नया व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सक या योग्य फिटनेस विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

