मुंबई. प्रसिद्ध धारावाहिक 'रामायण' के निर्माता रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने नितेश तिवारी की आगामी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' की स्टारकास्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने फिल्म में भगवान श्रीराम की भूमिका के लिए रणबीर कपूर के चयन पर असहमति जताई है. शिव सागर का मानना है कि फिल्म 'एनिमल' जैसी भूमिका निभाने के बाद दर्शकों के लिए रणबीर को श्रीराम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल होगा.
न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में शिव सागर ने कहा कि श्रीराम जैसे पवित्र और संवेदनशील किरदार के लिए किसी नए चेहरे को लिया जाना चाहिए था. उन्होंने यह भी माना कि कमर्शियल और मार्केटिंग के लिहाज से बड़े स्टार्स की जरूरत होती है, लेकिन सनातन संस्कृति और इतिहास के साथ लोगों की गहरी भावनाएं जुड़ी होती हैं.
कास्टिंग और कॉस्ट्यूम पर जताई आपत्ति
शिव सागर ने साई पल्लवी (सीता) और यश (रावण) की कास्टिंग की सराहना की, लेकिन कुछ पात्रों के पहनावे और वेशभूषा पर असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि रामकथा भारतीय इतिहास का हिस्सा है, जिसे पाश्चात्य दृष्टि से केवल 'पौराणिक कथा' (मायथोलॉजी) मानना अनुचित है. जनता ही अंतिम निर्णय करेगी कि उन्हें यह रूप-रंग कितना पसंद आता है.
फिल्म 'रामायण' को लेकर बढ़ रहा है विवाद
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के सामने कई अन्य चुनौतियां भी आ रही हैं:
स्टारकास्ट पर ट्रॉलिंग: रणबीर कपूर के अलावा, साई पल्लवी के हिंदी उच्चारण और रकुलप्रीत सिंह (शूर्पणखा) के लुक को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है.
लारा दत्ता के लुक पर सवाल: महारानी कैकेयी की भूमिका निभा रहीं लारा दत्ता के परिधानों को लेकर दर्शकों ने कहा कि उनका गेटअप आधुनिक धारावाहिकों जैसा प्रतीत हो रहा है.
रामलीला महासंघ की चेतावनी: श्री रामलीला महासंघ ने निर्माताओं को पत्र लिखकर रिलीज से पूर्व फिल्म को उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाने की मांग की है, ताकि 'आदिपुरुष' जैसी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली स्थिति से बचा जा सके.
यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है और इसका पहला भाग 6 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होना निर्धारित है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

