दो स्कूलों में लगी भीषण आग, 26 छात्रों की मौत, भगदड़ में भी गई कई जानें, कई स्टूडेंट्स गंभीर घायल

दो स्कूलों में लगी भीषण आग, 26 छात्रों की मौत, भगदड़ में भी गई कई जानें, कई स्टूडेंट्स गंभीर घायल

प्रेषित समय :14:06:54 PM / Fri, Sep 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कांगो. अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में एक घर से शुरू हुई भीषण आग ने पास के दो स्कूलों को अपनी चपेट में ले लिया. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 26 छात्रों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. दक्षिण किवु प्रांतीय सरकार के मुताबिक, मृतकों में 19 लड़कियां और 7 लड़के शामिल हैं. प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

यह हादसा बकावु शहर में हुआ. स्थानीय प्रशासक मोइसे लुबाला के मुताबिक, आग फुराहा सेकेंडरी स्कूल और उसके पास स्थित उजामा प्राइमरी स्कूल तक फैल गई. आग लगने के दौरान फुराहा सेकेंडरी स्कूल के अंदर कई छात्र फंस गए. कुछ छात्रों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि बाहर निकलने की कोशिश में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई.

लुबाला ने बताया कि स्कूल से बाहर निकलने का रास्ता बेहद संकरा था. आग से बचने के लिए कुछ छात्र खिड़कियों से कूदने लगे, जबकि अन्य दरवाजे की ओर भागे. एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के बाहर निकलने की कोशिश के दौरान कई छात्र गिर गए और भीड़ के पैरों तले कुचल गए. फुराहा और उजामा स्कूल के अलग-अलग उम्र के लड़के और लड़कियों को स्कूल यूनिफॉर्म में न्यामुलागिरा हेल्थ सेंटर ले जाया गया. वहां मौजूद नर्स सिजा जीन-बैप्टिस्ट ने बताया कि घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि मेडिकल स्टाफ के लिए उनका सही आंकड़ा रखना भी मुश्किल हो रहा था.

इससे पहले बकावु शहर पर नियंत्रण रखने वाले विद्रोही संगठन रू23 के प्रवक्ता लॉरेंस कन्युका ने 24 छात्रों की मौत की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 29 घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है. बाद में दक्षिण किवु प्रांतीय सरकार ने मृतकों की संख्या बढ़ाकर 26 कर दी. फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासक लुबाला के मुताबिक, जिस इलाके में आग शुरू हुई, वहां आबादी बेहद घनी है और ज्यादातर घर लकड़ी से बने हुए हैं. यही वजह है कि आग ने देखते ही देखते आसपास के इलाकों और दोनों स्कूलों को अपनी चपेट में ले लिया.

कांगो के पूर्वी हिस्से में लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है. रवांडा के समर्थन वाले रू23 विद्रोहियों ने फरवरी 2025 में बकावु पर कब्जा कर लिया था. क्षेत्र में 100 से अधिक हथियारबंद समूह सक्रिय हैं, जो खनिज संसाधनों से समृद्ध इलाकों पर नियंत्रण के लिए संघर्ष करते रहे हैं. पूर्वी कांगो की स्वास्थ्य सेवाएं भी लंबे समय से गंभीर दबाव में हैं. क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के प्रकोप और लगातार जारी संघर्ष के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है. ऐसे हालात के बीच दो स्कूलों में हुआ यह भीषण अग्निकांड इलाके की मुश्किलों को और बढ़ाने वाला साबित हुआ है. प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. अधिकारियों को आशंका है कि राहत एवं बचाव अभियान आगे बढऩे के साथ मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-