-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494) मंगलवार, 15 सितंबर 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष दिन है. भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आज ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन सप्तऋषियों और अरुंधती माता के पूजन की परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार ऋषि पंचमी का व्रत जाने-अनजाने में हुए दोषों के प्रायश्चित और जीवन में शुद्धता तथा सद्भाव की कामना से जुड़ा है. इस दिन व्रत, पूजा, दान और धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व माना जाता है.
आज का पंचांग एक नजर में
दिन: मंगलवार
तारीख: 15 सितंबर 2026
हिंदू मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी
नक्षत्र: स्वाती, इसके बाद विशाखा
योग: इंद्र, इसके बाद वैधृति
करण: विष्टि के बाद बव
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: सिंह
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
शक संवत: 1948, पराभव
ऋतु: वर्षा
अयन: दक्षिणायन
जबलपुर में सूर्योदय लगभग सुबह 5:56-5:57 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 6:13-6:14 बजे रहेगा. पंचांग गणना के अनुसार चंद्रमा तुला राशि में रहेगा.
ऋषि पंचमी का विशेष महत्व
भाद्रपद शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन सप्तऋषियों—कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ—के साथ अरुंधती माता की पूजा करने की परंपरा है.
धार्मिक मान्यता में यह दिन आत्मशुद्धि और प्रायश्चित से जुड़ा माना गया है. श्रद्धालु व्रत रखते हैं और सप्तऋषियों का स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं. कई स्थानों पर इस दिन विशेष रूप से सात प्रकार की सब्जियों और पारंपरिक सामग्री से पूजा करने की परंपरा भी मिलती है.
पंचमी तिथि कब से कब तक
15 सितंबर को पंचमी तिथि सुबह करीब 7:44 बजे से प्रारंभ होगी और अगले दिन 16 सितंबर को सुबह करीब 8:59 बजे तक रहेगी. इसलिए ऋषि पंचमी का व्रत और पर्व 15 सितंबर को ही मनाया जाएगा.
ऋषि पंचमी पूजा के लिए दिन में 11:02 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक का समय बताया गया है. स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पूजा का समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है.
स्वाती नक्षत्र का प्रभाव
आज दिन के शुरुआती हिस्से में स्वाती नक्षत्र रहेगा. यह नक्षत्र लगभग दोपहर 3:21 बजे तक रहने के बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा.
ज्योतिषीय मान्यताओं में स्वाती को स्वतंत्रता, सीखने, गतिशीलता और अपने प्रयासों से आगे बढ़ने से जोड़ा जाता है. वहीं विशाखा नक्षत्र लक्ष्य पर ध्यान और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए आज का दिन अध्ययन, आत्ममंथन और अपने लक्ष्य को लेकर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माना जा सकता है.
इंद्र योग के बाद वैधृति योग
15 सितंबर को इंद्र योग दोपहर करीब 12:19-12:20 बजे तक रहेगा. इसके बाद वैधृति योग प्रारंभ होगा. ज्योतिषीय पंचांग परंपरा में इंद्र योग को सामान्यतः शुभ कार्यों और सकारात्मक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जाता है.
हालांकि किसी विशेष धार्मिक संस्कार, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल योग देखकर निर्णय नहीं किया जाता. तिथि, नक्षत्र, वार और स्थानीय मुहूर्त को भी साथ में देखा जाता है.
मंगलवार को राहुकाल का समय
जबलपुर के लिए 15 सितंबर को राहुकाल लगभग दोपहर 3:10 बजे से शाम 4:42 बजे तक रहेगा. इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है.
वहीं अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:41 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा. किसी नए कार्य के लिए मुहूर्त तय करते समय स्थानीय पंचांग और कार्य की प्रकृति के अनुसार विचार करना उचित माना जाता है.
आज के प्रमुख शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: लगभग सुबह 4:20 से 5:08 बजे
अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:41 बजे से 12:30 बजे
विजय मुहूर्त: लगभग दोपहर 2:05 से 2:47 बजे
गोधूलि मुहूर्त: लगभग शाम 5:49 से 6:37 बजे
इन समयों में स्थान के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया क्रम इस प्रकार रहेगा—
रोग: 5:57 से 7:29 बजे
उद्वेग: 7:29 से 9:01 बजे
चर: 9:01 से 10:33 बजे
लाभ: 10:33 से 12:05 बजे
अमृत: 12:05 से 1:37 बजे
काल: 1:37 से 3:10 बजे
शुभ: 3:10 से 4:42 बजे
रोग: 4:42 से सूर्यास्त तक
रात्रि में भी चौघड़िया का क्रम जारी रहेगा. किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना अधिक उचित होगा.
पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए दिन खास
ऋषि पंचमी के कारण आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सप्तऋषियों और अरुंधती माता का स्मरण कर सकते हैं. पूजा में जल, पुष्प, अक्षत, फल और अपनी परंपरा के अनुसार अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है.
व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत का पालन करते हैं. पूजा के बाद दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता को भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है.
आज क्या करें और किन बातों से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप, दान और सेवा जैसे कार्यों को महत्व दिया जाता है. ऋषि पंचमी आत्ममंथन और संयम का पर्व भी माना जाता है, इसलिए क्रोध, विवाद और अनावश्यक तनाव से बचना शुभ माना जाता है.
नए और बड़े कार्य की शुरुआत के लिए राहुकाल से बचने तथा शुभ मुहूर्त का ध्यान रखने की परंपरा है. हालांकि व्यक्तिगत कुंडली से जुड़े निर्णय के लिए अलग से जन्म विवरण के आधार पर ज्योतिषीय गणना आवश्यक होती है.
आज का ज्योतिषीय संकेत
15 सितंबर का दिन धार्मिक रूप से ऋषि पंचमी और ज्योतिषीय रूप से स्वाती नक्षत्र तथा तुला राशि के चंद्रमा के कारण संतुलन, आत्ममंथन और लक्ष्य पर ध्यान देने का संदेश देता है. मंगलवार होने के कारण हनुमानजी की आराधना, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ भी श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार कर सकते हैं.
कुल मिलाकर आज का दिन पूजा, व्रत, आत्मशुद्धि, दान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए विशेष माना जा रहा है. ऋषि पंचमी के कारण दिन का धार्मिक महत्व सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहेगा.
नोट: ऊपर दिए गए मुहूर्त और चौघड़िया अलग शहर में समय बदल सकता है. पंचांग धार्मिक-ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है; इसे आस्था और स्थानीय परंपरा के अनुसार देखा जाना चाहिए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

