सीबीआई में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बनने का मौका, जबलपुर समेत चार शहरों के लिए आवेदन आमंत्रित

सीबीआई में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बनने का मौका, जबलपुर समेत चार शहरों के लिए आवेदन आमंत्रित

प्रेषित समय :22:10:34 PM / Tue, Sep 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लोकपाल द्वारा संदर्भित मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पैनल में अधिवक्ताओं को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है. इसके लिए लखनऊ, जबलपुर, गाजियाबाद और कोयंबटूर स्थित विशेष सीबीआई अदालतों के लिए पात्र अधिवक्ताओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. चयनित अधिवक्ताओं की नियुक्ति न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है.
10 वर्ष की वकालत और आपराधिक मामलों का अनुभव जरूरी

सीबीआई की नीति शाखा की ओर से जारी चार अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार आवेदन करने वाले अधिवक्ता के पास एलएलबी की डिग्री और बार काउंसिल में वैध अधिवक्ता नामांकन प्रमाणपत्र होना आवश्यक है. आवेदक के पास बार में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए. इसके साथ ही सेशन न्यायालयों के समक्ष आपराधिक मामलों की पैरवी और सुनवाई का अनुभव भी अनिवार्य किया गया है.

सबसे महत्वपूर्ण पात्रता शर्तों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामलों की सुनवाई कराने का अनुभव शामिल है. आवेदकों को अपने द्वारा संभाले गए महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों और कराए गए ट्रायल का विवरण भी आवेदन के साथ देना होगा.

सरकारी शर्तों पर देनी होगी बिना शर्त सहमति

सीबीआई के पैनल में शामिल होने के इच्छुक अधिवक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत सामान्य नियमों एवं शर्तों के तहत काम करने के लिए बिना शर्त सहमति देनी होगी. चयनित अधिवक्ता को संबंधित विशेष सीबीआई अदालत जिस शहर में स्थित है, वहीं रहकर कार्य करना होगा.

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी. चयनित अधिवक्ताओं को मिलने वाली पेशेवर फीस केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की 8 अप्रैल 2024 की फाइल संख्या 225/19/2023-AVD-II में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार होगी.

आवेदन के साथ देने होंगे अनुभव और महत्वपूर्ण मामलों के विवरण

ऑनलाइन आवेदन निर्धारित प्रारूप में करना होगा. इसमें शैक्षणिक योग्यता, बार काउंसिल में नामांकन, सेशन कोर्ट में आपराधिक मामलों की पैरवी का अनुभव और सरकार की लागू शर्तों को स्वीकार करने की सहमति से संबंधित दस्तावेज देने होंगे.

इसके अलावा आवेदक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कराए गए ट्रायल और अपने द्वारा संभाले गए महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी भी देनी होगी. आवेदन पत्र में यह भी पूछा गया है कि अधिवक्ता ने सीबीआई, केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों अथवा संगठनों की ओर से कितने मामलों में पैरवी की है.

सफल मामलों और मौजूदा काम का भी देना होगा ब्योरा

सीबीआई ने आवेदन प्रक्रिया में अधिवक्ताओं से उन महत्वपूर्ण मामलों का विवरण भी मांगा है, जिनमें उन्हें सफलता मिली है. इसके साथ ही आवेदक के वर्तमान कार्यभार की जानकारी भी आवेदन में देनी होगी.

यदि कोई अधिवक्ता किसी सरकारी संस्था के पैनल अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता या कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य कर रहा है तो उसका विवरण भी देना होगा. इस जानकारी के आधार पर सीबीआई आवेदक के पेशेवर अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारियों का आकलन करेगी.

8 अक्टूबर के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि अधूरे आवेदन, ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए आवेदन अथवा निर्धारित अंतिम तारीख के बाद प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र और चयनित सूची में आने वाले उम्मीदवारों को ही आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा.

सीबीआई के अनुसार केवल शॉर्टलिस्ट किए गए अधिवक्ताओं को इंटरैक्शन के लिए बुलाया जाएगा. इस तरह जबलपुर समेत चार शहरों की विशेष सीबीआई अदालतों में लोकपाल से संबंधित मामलों के संचालन के लिए अनुभवी आपराधिक अधिवक्ताओं को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-