नई दिल्ली. अमेरिका की डिजिटल अवसंरचना कंपनी क्लीनस्पार्क ने अपने जॉर्जिया स्थित एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. कंपनी ने बताया है कि उसके 175 मेगावाट क्षमता वाले सैंडर्सविल एआई कैंपस को मेटा प्लेटफॉर्म्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनविरान एलएलसी को लीज पर दिया गया है. इस दीर्घकालिक समझौते के साथ क्लीनस्पार्क अब डेटा सेंटर के निर्माण को पूरा करने के लिए 2.227 अरब डॉलर यानी करीब 2.2 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाने की तैयारी कर रही है. कंपनी की यह पहल उसके बिटकॉइन माइनिंग कारोबार से आगे बढ़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है.
20 साल का लीज समझौता
क्लीनस्पार्क की ओर से जारी निवेशक प्रस्तुति में बताया गया कि सैंडर्सविल एआई कैंपस को एनविरान एलएलसी ने लीज पर लिया है. एनविरान, मेटा प्लेटफॉर्म्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. समझौते के तहत मेटा किराये और परिचालन खर्च की गारंटी देगा.
कंपनी के अनुसार, 20 साल की इस लीज से करीब 6.6 अरब डॉलर के अनुबंधित भुगतान प्राप्त होने की उम्मीद है. लीज में हर साल किराये में 3 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान भी है. क्लीनस्पार्क ने अनुमान जताया है कि उसे इस परियोजना से औसतन करीब 330 मिलियन डॉलर का वार्षिक शुद्ध परिचालन लाभ प्राप्त हो सकता है.
यह समझौता ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां एआई सेवाओं के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर ढांचे का विस्तार कर रही हैं. क्लीनस्पार्क के लिए यह परियोजना उसके कारोबार के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
जुलाई में हुआ था समझौता
क्लीनस्पार्क ने सैंडर्सविल डेटा सेंटर के लिए लीज समझौते की घोषणा जुलाई में ही कर दी थी, लेकिन उस समय कंपनी ने किरायेदार का नाम सार्वजनिक नहीं किया था. अब निवेशक प्रस्तुति में कंपनी ने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़ी लीज एनविरान एलएलसी के साथ है, जो मेटा प्लेटफॉर्म्स की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है.
समझौते में मेटा की ओर से किराये और परिचालन खर्च की गारंटी का प्रावधान होने की जानकारी भी दी गई है. इससे परियोजना से जुड़े दीर्घकालिक अनुबंधित राजस्व का ढांचा स्पष्ट हुआ है.
2.227 अरब डॉलर के वरिष्ठ सुरक्षित नोट्स जारी करेगी इकाई
सैंडर्सविल परियोजना के निर्माण के लिए क्लीनस्पार्क की सहायक कंपनी सीएसडीसी फाइनेंस-1 ने 2.227 अरब डॉलर के वरिष्ठ सुरक्षित नोट्स जारी करने की योजना बनाई है. इन नोट्स की परिपक्वता 2031 में होगी.
कंपनी के अनुसार, इस राशि का प्रमुख इस्तेमाल सैंडर्सविल डेटा सेंटर की बची हुई निर्माण गतिविधियों को पूरा करने में किया जाएगा. इसके अलावा परियोजना में क्लीनस्पार्क द्वारा किए गए इक्विटी योगदान की प्रतिपूर्ति और ऋण सेवा के लिए आवश्यक रिजर्व तैयार करने में भी इस धनराशि का इस्तेमाल किया जाएगा.
कंपनी पहले ही परियोजना के लिए लंबे समय में उपलब्ध होने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों का ऑर्डर देकर उनका अग्रिम भुगतान कर चुकी है. पिछले महीने क्लीनस्पार्क ने कहा था कि सैंडर्सविल परियोजना की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दीर्घकालिक उपकरणों की खरीद और भुगतान पूरा किया जा चुका है. कंपनी ने परियोजना में अपने अनुमानित इक्विटी योगदान को भी पूरी तरह वित्तपोषित करने की जानकारी दी थी.
बिटकॉइन माइनिंग से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
क्लीनस्पार्क की पहचान अब तक मुख्य रूप से बिटकॉइन माइनिंग कंपनी के रूप में रही है. हालांकि, कंपनी पिछले कुछ समय से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
सैंडर्सविल परियोजना इसी रणनीतिक बदलाव का प्रमुख हिस्सा है. कंपनी का कहना है कि अमेरिका में उसके पास फिलहाल 1.8 गीगावाट से अधिक क्षमता का नियंत्रण है. इतनी बड़ी ऊर्जा और डेटा सेंटर क्षमता को एआई तथा उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है.
एआई मॉडल के प्रशिक्षण, डेटा प्रोसेसिंग और अन्य उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सेवाओं के लिए बड़े डेटा सेंटर की जरूरत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में क्लीनस्पार्क अपने मौजूदा ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल नए कारोबारी अवसरों के लिए करना चाहती है.
शेयर बाजार में भी दिखी हलचल
मेटा को सैंडर्सविल कैंपस का किरायेदार बनाए जाने और 2.227 अरब डॉलर के वित्तपोषण की योजना सामने आने के बाद क्लीनस्पार्क के शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल रही. रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती कारोबार से पहले शेयरों में बढ़त देखी गई थी, हालांकि बाद में इसमें अधिकांश बढ़त कम हो गई. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस समय शेयर करीब 1 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे.
वर्ष 2026 में अब तक क्लीनस्पार्क के शेयरों में 11 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है. कंपनी के शेयर को लेकर खुदरा निवेशकों की धारणा भी पिछले 24 घंटे में ‘बेयरिश’ से ‘न्यूट्रल’ की ओर गई. हालांकि, शेयर बाजार में निवेशकों की राय अलग-अलग रही है और कुछ निवेशकों ने कंपनी के प्रदर्शन की तुलना उसके क्षेत्र की अन्य कंपनियों से की है.
डेटा सेंटर कारोबार में बढ़ती दिलचस्पी
क्लीनस्पार्क का मेटा के साथ यह समझौता ऐसे दौर में सामने आया है जब एआई के विस्तार के साथ डेटा सेंटर कारोबार में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. एआई आधारित सेवाओं के लिए बड़ी मात्रा में बिजली, सर्वर क्षमता और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है. इस कारण डेटा सेंटर कंपनियों और ऊर्जा अवसंरचना से जुड़ी कंपनियों के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं.
सैंडर्सविल परियोजना के जरिए क्लीनस्पार्क को दीर्घकालिक लीज व्यवस्था के माध्यम से नियमित अनुबंधित भुगतान प्राप्त होने की उम्मीद है. 20 वर्ष की अवधि और 3 प्रतिशत वार्षिक किराया वृद्धि के प्रावधान के कारण परियोजना से भविष्य में मिलने वाले राजस्व का ढांचा भी निर्धारित किया गया है.
कंपनी के लिए अगली महत्वपूर्ण चुनौती परियोजना के शेष निर्माण कार्य को निर्धारित समय और वित्तीय योजना के अनुरूप पूरा करना होगी. इसके लिए प्रस्तावित 2.227 अरब डॉलर की फंडिंग का इस्तेमाल किया जाना है.
मेटा के साथ समझौते से बदली परियोजना की तस्वीर
सैंडर्सविल एआई कैंपस को मेटा की सहायक कंपनी को लीज पर दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद परियोजना का कारोबारी स्वरूप पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गया है. क्लीनस्पार्क अब केवल क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग क्षमता पर निर्भर रहने के बजाय एआई और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए डेटा सेंटर अवसंरचना विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
20 साल की लीज, करीब 6.6 अरब डॉलर के अनुमानित अनुबंधित भुगतान और औसतन 330 मिलियन डॉलर के वार्षिक शुद्ध परिचालन लाभ के अनुमान के साथ सैंडर्सविल परियोजना कंपनी की नई रणनीति का प्रमुख केंद्र बन गई है. वहीं, 2.227 अरब डॉलर के वरिष्ठ सुरक्षित नोट्स के प्रस्ताव से परियोजना के निर्माण और वित्तीय ढांचे को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी प्रस्तावित वित्तपोषण और निर्माण प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाती है तथा एआई डेटा सेंटर कारोबार उसके समग्र व्यवसाय में कितना महत्वपूर्ण योगदान देता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

