सीयूएसबी की शोधार्थी मेघा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित

सीयूएसबी की शोधार्थी मेघा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित

प्रेषित समय :21:22:42 PM / Fri, Sep 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र, पटना. दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की शोधार्थी मेघा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में अपने शोध की प्रभावी प्रस्तुति से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है. रसायन विज्ञान विभाग की शोधार्थी को वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पदार्थ, ऊर्जा एवं सततता सम्मेलन 2026 में अमेरिकन केमिकल सोसायटी का सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतीकरण पुरस्कार मिला.

मेघा कुमारी ने सम्मेलन में क्विनॉक्सालिन व्युत्पन्नों के प्रभावी संश्लेषण से संबंधित अपने शोध को पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया. उनके शोध का केंद्र ऑक्सीडेटिव एनुलेशन के जरिए इन यौगिकों के संश्लेषण की प्रभावी विधि विकसित करना है. सम्मेलन में शोध की प्रस्तुति और विषय की वैज्ञानिक उपयोगिता के आधार पर उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया.

औषधीय रसायन से जुड़ा है शोध
मेघा का शोध नाइट्रोजन युक्त विषमचक्रीय यौगिकों के महत्वपूर्ण वर्ग क्विनॉक्सालिन व्युत्पन्नों के निर्माण से संबंधित है. स्रोत सामग्री के अनुसार इन यौगिकों का औषधीय और भेषज रसायन के क्षेत्र में उपयोग है. इस दृष्टि से प्रभावी संश्लेषण विधियों पर केंद्रित उनका शोध आगे के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए उपयोगी आधार उपलब्ध कराने की दिशा में है.

मेघा कुमारी रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. महेंद्र खत्रावत के निर्देशन में शोध कर रही हैं. पुरस्कार मिलने के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. अतुल प्रताप सिंह और शोध पर्यवेक्षक डॉ. महेंद्र खत्रावत ने उन्हें बधाई दी. विश्वविद्यालय की ओर से उनकी वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता और परिश्रम की सराहना की गई.

आईसीएमईएस 2026 में मिले पुरस्कार ने मेघा के शोध को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच पर पहचान दिलाई है. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि उनका शोध कार्बनिक संश्लेषण तथा औषधीय महत्व वाले विषमचक्रीय रसायन के क्षेत्र से जुड़ा है. शोध पर्यवेक्षक ने उन्हें इसी क्षेत्र में नवीन और उपयोगी अनुसंधान जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-