नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजों में चार केंद्रीय पदों में से तीन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता. शनिवार को 20 दौर की मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों से हराया.
अध्यक्ष पद पर रहा करीबी मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा के खाते में 22,523 वोट आए. इस मुकाबले में वाम समर्थित उम्मीदवार अनन्या रतूड़ी 5,377 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं. परिणामों से स्पष्ट है कि अध्यक्ष पद पर मुख्य मुकाबला एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच रहा.
सचिव और संयुक्त सचिव पद भी एबीवीपी के खाते में
केंद्रीय पैनल के सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने जीत दर्ज की. उन्हें 21,650 मत मिले, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट प्राप्त हुए. संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह 16,615 मतों के साथ विजयी रहे. इस तरह चार प्रमुख पदों में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव एबीवीपी के हिस्से में गए.
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत
चुनाव का अलग पहलू उपाध्यक्ष पद का परिणाम रहा. निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की. एबीवीपी के ईशु मौर्य को 16,910 और एनएसयूआई के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले. शौकीन पहले एनएसयूआई से जुड़े रहे थे और टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे.
मतदान के बाद परिणाम तक रही कड़ी सुरक्षा
मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई. चुनाव प्रक्रिया के दौरान अदालत से जुड़े निर्देश भी चर्चा में रहे. परिणाम घोषित होने से पहले अधिकारियों ने विजयी उम्मीदवारों और समर्थकों से विश्वविद्यालय परिसर या उसके बाहर विजय जुलूस नहीं निकालने को कहा था.
छात्र मुद्दों और चुनावी प्रक्रिया पर भी चर्चा
इस चुनाव के दौरान छात्रावास, कैंपस ढांचे, परीक्षा और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य मुद्दे प्रमुख रहे. मतदान से पहले चुनाव प्रचार और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा दिखाई दी.
एनएसयूआई प्रत्याशी विजय शंकर मीणा ने परिणाम के बाद कुछ कॉलेजों में कथित फर्जी मतदान और छात्रों पर दबाव डालकर मतदान कराने के आरोप लगाए तथा मामले को अदालत में ले जाने की बात कही. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
डूसू में चार पदों का परिणाम क्या बताता है
अंतिम परिणाम में केंद्रीय पैनल की तस्वीर इस प्रकार रही—अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद एबीवीपी के पास तथा उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया. एनएसयूआई चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी जीत नहीं सकी.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का यह परिणाम इसलिए भी उल्लेखनीय है कि एक ओर तीन प्रमुख पद एक ही छात्र संगठन के खाते में गए, वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की. इससे केंद्रीय पैनल की संरचना में संगठनात्मक जीत और स्वतंत्र उम्मीदवार की सफलता, दोनों अलग-अलग चुनावी परिणाम एक साथ सामने आए हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

