विदिशा. सिरोंज में गोल्ड लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बैंक अधिकारी द्वारा भरोसे में दिए गए 3 लाख 63 हजार रुपये अब धोखाधड़ी के मामले में बदल गए हैं. आरोप है कि एक परिचित व्यक्ति ने इन रुपयों से एसबीआई और एक ज्वेलर्स के यहां गिरवी रखा करीब पांच तोला सोना छुड़वा लिया, लेकिन एक्सिस बैंक में लोन प्रक्रिया पूरी कराने के लिए अगले दिन वापस नहीं आया. पुलिस ने जांच के बाद आरोपित मुकेश पिता भगवान सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है.
बैंक में सर्वर डाउन हुआ और बदल गया पूरा घटनाक्रम
मामला एक्सिस बैंक की सिरोंज शाखा से जुड़ा है. गोल्ड लोन अधिकारी लोकेश गोस्वामी के अनुसार मुकेश अपना करीब पांच तोला सोना अलग-अलग स्थानों पर गिरवी रखे हुए था. उसकी योजना यह थी कि वहां से सोना छुड़ाकर एक्सिस बैंक में गिरवी रखा जाए और उसके बदले अधिक राशि का गोल्ड लोन लिया जाए.
बताया गया कि मुकेश के पास उस समय सोना छुड़ाने के लिए पर्याप्त रकम नहीं थी. परिचित होने के कारण लोकेश ने उस पर भरोसा किया और अपनी ओर से 3 लाख 63 हजार रुपये उपलब्ध कराए. इन रुपयों से गिरवी रखा सोना छुड़वाया गया.
बैंक पहुंचे तो सर्वर ने रोक दी लोन प्रक्रिया
सोना छुड़ाने के बाद उसे एक्सिस बैंक लाया गया, लेकिन उसी दिन बैंक का सर्वर डाउन होने के कारण लोन संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसी दौरान मुकेश ने अगले दिन सुबह बैंक आने की बात कही और सोना अपने साथ ले गया.
यहीं से मामला अलग मोड़ पर पहुंच गया. अगले दिन तय समय पर मुकेश बैंक नहीं पहुंचा. बैंक अधिकारी ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन रकम और सोने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी.
फोन पर कहा फसल आने के बाद देंगे पैसे
शिकायत के अनुसार बैंक अधिकारी ने जब मुकेश से फोन पर संपर्क किया तो उसने बाद में रकम लौटाने की बात कही. बताया गया कि उसने फसल आने के बाद पैसे देने की बात कही और बातचीत समाप्त कर दी.
इसके बाद अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की. शुरुआती आवेदन 20 अगस्त को सिरोंज थाने में दिया गया था. पुलिस ने शिकायत से जुड़े तथ्यों और लेन-देन की परिस्थितियों की जांच की.
एक दिन में नहीं, जांच के बाद दर्ज हुआ केस
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की और 21 सितंबर को मुकेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया. अब पुलिस की जांच का केंद्र यह है कि रकम किस माध्यम से दी गई, उससे गिरवी रखा सोना किस तरह छुड़ाया गया और सोना वर्तमान में कहां है.
भरोसे पर रकम देना बना विवाद का मुख्य बिंदु
इस मामले का प्रमुख पहलू यह है कि बैंक अधिकारी ने रकम किसी औपचारिक बैंक ऋण प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि परिचित होने के कारण भरोसे पर उपलब्ध कराई थी. बाद में उसी रकम से सोना छुड़ाया गया और बैंक की प्रक्रिया तकनीकी कारण से पूरी नहीं हो सकी.
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित बैंक, ज्वेलर्स, गिरवी रखे गए सोने और पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. फिलहाल मामला आरोपों और पुलिस जांच के स्तर पर है; आरोपित की ओर से उसका पक्ष सामने आना बाकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

