पुलिस कांस्टेबल बैंड भर्ती पर हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार नहीं बुलाने का विवाद

पुलिस कांस्टेबल बैंड भर्ती पर हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार नहीं बुलाने का विवाद

प्रेषित समय :19:46:03 PM / Wed, Sep 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. मध्य प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल (बैंड) पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब हाई कोर्ट के निर्णय पर टिक गया है. भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप लगाकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई. याचिकाकर्ताओं और शासन की ओर से अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब अदालत के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भर्ती का अंतिम परिणाम जारी हो सकेगा या प्रक्रिया को लेकर कोई अन्य निर्देश सामने आएगा.

इस मामले में सबसे प्रमुख विवाद साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर है. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि भर्ती विज्ञापन में उपलब्ध पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाने का प्रावधान था, लेकिन विभाग ने केवल दो गुना अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया. इसके अलावा पात्र अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्होंने कांस्टेबल (बैंड) भर्ती प्रक्रिया के पहले और दूसरे चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया था. इसके बावजूद उन्हें तीसरे चरण यानी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया. अभ्यर्थियों ने इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब विज्ञापन में साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का प्रावधान किया गया था, तो उसी के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी. उनका आरोप है कि विभाग ने निर्धारित संख्या के बजाय केवल दो गुना अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया.

पात्र अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं होने का मुद्दा
याचिका में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. याचिकाकर्ताओं के अनुसार, पात्र अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई. उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किन आधारों पर अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चुना गया और किन्हें बाहर रखा गया.

इसी बिंदु को याचिकाकर्ताओं ने अपनी चुनौती का हिस्सा बनाया है. अदालत के समक्ष भर्ती प्रक्रिया और विज्ञापन में निर्धारित प्रावधानों के पालन को लेकर दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे.

शासन ने कहा निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुलाया गया
दूसरी ओर, शासन की ओर से याचिका का विरोध किया गया. सरकारी पक्ष का तर्क था कि अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही बुलाया गया है. शासन की ओर से यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार पहले ही पूरा हो चुका है, इसलिए अब याचिका को निरस्त किया जाना चाहिए.

इस तरह अदालत के सामने मुख्य प्रश्न भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित प्रावधानों के पालन और साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन से जुड़ा रहा. बुधवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने पूर्व में प्रस्तुत किए गए अपने-अपने तर्कों को दोहराया.

24 अगस्त को अंतिम परिणाम घोषित करने पर रोक
मामले में इससे पहले 24 अगस्त 2026 को सुनवाई हुई थी. उस दौरान हाई कोर्ट ने भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी. इसके चलते साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी नहीं हो सकी.

अब बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है. इसलिए भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों की नजर हाई कोर्ट के आगामी निर्णय पर है. अदालत के फैसले के बाद ही अंतिम परिणाम जारी करने की स्थिति स्पष्ट होगी.

साक्षात्कार पूरा, लेकिन चयन सूची पर बना हुआ है सस्पेंस
इस मामले की स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. ऐसे में अब विवाद का केंद्र अंतिम परिणाम और चयन सूची है. अदालत ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रखा है, इसलिए अभी यह कहना संभव नहीं है कि अंतिम परिणाम कब और किस तरह जारी होगा.

अदालत के निर्णय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी. फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी होने पर सस्पेंस बना हुआ है.

फैसला आने के बाद साफ होगी भर्ती की आगे की राह
बुधवार की सुनवाई के साथ इस मामले में पक्षकारों की दलीलें पूरी हो गई हैं. अब हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार है. निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पहले से लगाई गई अंतिम परिणाम पर रोक हटेगी या भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई अन्य निर्देश जारी होगा.

इस मामले में फिलहाल अदालत ने केवल फैसला सुरक्षित रखा है. इसलिए भर्ती प्रक्रिया के अंतिम परिणाम अथवा चयनित अभ्यर्थियों के संबंध में स्थिति को अदालत के आगामी निर्णय के बाद ही स्पष्ट माना जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-