* प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर, व्हाट्सएप- 6367472963
* गुरुवार का प्रदोष व्रत ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं के नाश के लिए है.
* भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत किया जाता है.
* प्रदोष के अवसर पर प्रात:काल पवित्र स्नान करके भगवान भोलेनाथ की बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप से पूजा की जाती है.
* भोलेनाथ ऐसे देव हैं जो सच्ची श्रद्धा भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं.
* प्रदोष में दिनभर निराहार रहकर सायंकाल पवित्र स्नान करने के बाद श्वेत वस्त्रों में पवित्र मन से भगवान भोलेनाथ का पूजन किया जाता है.
* पूजन में भोलेनाथ को- ऊँ नम: शिवाय, का जाप करते हुए जल चढ़ाया जाता है.
* जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है- प्रदोष व्रत को करने से हर प्रकार के दोष मिट जाते हंै.
* प्रदोष व्रत जीवन में हर प्रकार की सुख-समृद्धि प्रदान करता है.

