चलती ट्रेन में योग करती विदेशी महिला का वीडियो वायरल, भारत यात्रा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

चलती ट्रेन में योग करती विदेशी महिला का वीडियो वायरल, भारत यात्रा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

प्रेषित समय :22:26:08 PM / Wed, Sep 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भारत घूमने आई विदेशी योग शिक्षिका जो सेरेनिटी का चलती ट्रेन के अंदर योग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. भारतीय रेलवे के तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के कोच में योग करते हुए उनका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं बंट गईं. कुछ लोगों ने इसे भारत की योग परंपरा के प्रति विदेशी पर्यटक का जुड़ाव और सम्मान बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने सार्वजनिक परिवहन में इस तरह योग करने को लेकर यात्रियों की सुविधा और जगह के इस्तेमाल का सवाल उठाया.

ट्रेन के कोच में योग करती नजर आईं जो
विदेशी कंटेंट क्रिएटर और योग शिक्षिका जो सेरेनिटी इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं. इसी दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे की ट्रेन में सफर करते हुए योगासन किया. वीडियो में वह ट्रेन के कोच के भीतर योग करती दिखाई दे रही हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचते ही लोगों ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया.

एक ओर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने जो के भारत से जुड़ाव और योग के प्रति उनके समर्पण की सराहना की. वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि चलती ट्रेन में योग करने के दौरान आसपास मौजूद यात्रियों को असुविधा हो सकती है.

बहस का केंद्र केवल योग नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थान पर व्यक्तिगत गतिविधि और दूसरे यात्रियों की सुविधा के बीच संतुलन भी बन गया.

यात्रियों से मुलाकात का जो ने किया जिक्र
वीडियो को लेकर आई प्रतिक्रियाओं के बाद जो सेरेनिटी ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्री उनसे अच्छी तरह मिले और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.

जो ने यह भी बताया कि ट्रेन में योग करते समय सीट के हुक की वजह से उन्हें कुछ परेशानी हुई थी. हालांकि, सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बीच उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वह आसपास मौजूद यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखेंगी.

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो के बाद सामने आई बहस को उन्होंने टकराव के बजाय सहज तरीके से लिया.

भारत यात्रा का वीडियो बना चर्चा का हिस्सा
जो सेरेनिटी पिछले करीब एक महीने से भारत की यात्रा कर रही हैं. उनकी यात्रा हिमाचल प्रदेश के गांवों से शुरू हुई. इसके बाद वह आगरा पहुंचीं, जहां उन्होंने ताजमहल का दौरा किया. इसके बाद अपने पार्टनर के साथ राजस्थान की यात्रा की.

राजस्थान में उन्होंने रेगिस्तान के साथ-साथ कई ऐतिहासिक स्थलों को भी देखा. भारत के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा से जुड़े उनके अनुभव सोशल मीडिया पर भी दिखाई देते रहे हैं.

उनकी यात्रा केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रही. भारतीय जीवनशैली और स्थानीय अनुभवों से जुड़े उनके वीडियो भी सामने आते रहे हैं.

गाय के साथ वीडियो भी हुआ था वायरल
जो सेरेनिटी का इससे पहले एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था. इसमें वह एक गाय के प्रति सम्मान जताती हुई दिखाई दी थीं. वीडियो में उन्हें गाय के गाल पर किस करते हुए देखा गया था.

भारत की यात्रा के दौरान उनके इस तरह के अनुभव सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचते रहे हैं. ट्रेन में योग वाला वीडियो भी इसी कड़ी में तेजी से वायरल हुआ और इस बार चर्चा का विषय सार्वजनिक स्थान पर योग करने का तरीका बन गया.

सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का एक समान रुख नहीं रहा. कुछ यूजर्स ने इसे सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि विदेशी पर्यटक भारत आकर योग सीखने और उसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने में रुचि दिखा रही हैं.

दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना था कि ट्रेन यात्रियों के साझा इस्तेमाल की जगह है. ऐसे में किसी भी व्यक्तिगत गतिविधि के दौरान यह देखना जरूरी है कि उससे दूसरे यात्रियों को असुविधा न हो.

यही वजह रही कि वीडियो महज योग करने के दृश्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों के व्यवहार और आपसी सुविधा को लेकर बहस का कारण बन गया.

आलोचना के बाद भी जो का अनुभव सकारात्मक
सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बावजूद जो सेरेनिटी ने भारत में अपने यात्रा अनुभव को सकारात्मक बताया है. उनके अनुसार ट्रेन में कई यात्रियों ने उनसे आत्मीयता से मुलाकात की और तस्वीरें भी खिंचवाईं.

उन्होंने भविष्य में आसपास के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखने की बात भी कही. इससे संकेत मिलता है कि वायरल वीडियो से उठे सवालों को उन्होंने अपनी यात्रा के अनुभव का हिस्सा माना है.

जो की भारत यात्रा और ट्रेन में योग का यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर किसी सामान्य यात्रा अनुभव को भी अलग-अलग लोग अपने नजरिए से देखते हैं. एक व्यक्ति के लिए योग ध्यान और दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है, जबकि सार्वजनिक परिवहन में वही गतिविधि दूसरे यात्रियों के लिए सुविधा और स्थान से जुड़ा सवाल बन सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-