एक लाख में यूरोप की सैर, तीन देशों का सात दिन का ट्रिप बजट जानकर चौंक जाएंगे

एक लाख में यूरोप की सैर, तीन देशों का सात दिन का ट्रिप बजट जानकर चौंक जाएंगे

प्रेषित समय :22:08:57 PM / Wed, Sep 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ट्रैवल डेस्क. यूरोप की यात्रा का नाम आते ही अक्सर महंगे हवाई टिकट, होटल और दर्शनीय स्थलों के खर्च का ख्याल आता है. लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स की 23 सितंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक यात्रा बजट के हवाले से बताया गया है कि सही योजना, पहले से बुकिंग और बजट स्टे के सहारे सात दिन में यूरोप के तीन शहरों की यात्रा करीब 84 हजार से एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति के बजट में की जा सकती है.

रिपोर्ट में कंटेंट क्रिएटर्स राहुल और शिवानी द्वारा साझा किए गए यात्रा अनुभव और खर्च का उल्लेख किया गया है. दोनों ने बुडापेस्ट, वियना और प्राग को मिलाकर सात दिन की यात्रा का खर्च साझा किया है. रिपोर्ट के अनुसार यह योजना विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए है जो यूरोप घूमना चाहते हैं, लेकिन यात्रा पर बहुत बड़ा बजट खर्च नहीं करना चाहते.

सात दिन में तीन यूरोपीय शहरों का प्लान
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस यात्रा में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट, ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना और चेक गणराज्य की राजधानी प्राग शामिल हैं.

तीनों शहरों की अपनी अलग पहचान है. बुडापेस्ट ऐतिहासिक इमारतों और थर्मल बाथ के लिए जाना जाता है, वियना कैफे संस्कृति, संग्रहालयों और शास्त्रीय संगीत के लिए आकर्षित करता है, जबकि प्राग अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और पुराने शहर के लिए लोकप्रिय है.

रिपोर्ट में राहुल और शिवानी के साझा किए गए अनुमान के अनुसार यात्रा का कुल बजट इस तरह तैयार किया जा सकता है—

राउंड ट्रिप फ्लाइट — 38,000 से 48,000 रुपये
शेंगेन वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस — 8,500 से 10,000 रुपये
छह रातों का हॉस्टल या बजट स्टे — 14,000 से 18,000 रुपये
एक शहर से दूसरे शहर जाने का खर्च — करीब 3,500 रुपये
मेट्रो और ट्राम पास — करीब 1,500 रुपये
खाना और स्ट्रीट फूड — 8,000 से 12,000 रुपये
साइटसीइंग और संग्रहालय — 5,000 से 8,000 रुपये
स्थानीय ई-सिम — करीब 800 रुपये
शॉपिंग और अन्य खर्च — करीब 5,000 रुपये
इन खर्चों को मिलाकर अनुमानित कुल बजट करीब 84 हजार से एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति बताया गया है.

हवाई टिकट में बचत सबसे अहम
यात्रा बजट को नियंत्रित रखने में फ्लाइट टिकट बड़ी भूमिका निभाता है. रिपोर्ट में राहुल और शिवानी के हवाले से बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की बुकिंग करीब तीन से चार महीने पहले करने पर बेहतर किराया मिलने की संभावना रहती है.

यूरोप पहुंचने के बाद एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए महंगी छोटी दूरी की उड़ानों के बजाय बस का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार फ्लिक्सबस जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर अंतरशहरी यात्रा का खर्च कम किया जा सकता है.

बुडापेस्ट से शुरू हो सकता है बजट ट्रिप
रिपोर्ट में साझा किए गए शहरवार अनुमान के मुताबिक बुडापेस्ट में दो रातों के लिए करीब 18 हजार से 22 हजार रुपये का खर्च माना गया है.

बुडापेस्ट को इस यात्रा का अपेक्षाकृत बजट-अनुकूल हिस्सा बताया गया है. शहर की ऐतिहासिक वास्तुकला और थर्मल बाथ जैसे आकर्षण सीमित बजट में यात्रा करने वालों के लिए इसे उपयोगी पड़ाव बनाते हैं.

वियना में थोड़ा ज्यादा बजट रखें
दो रातों के लिए वियना का अनुमानित खर्च करीब 22 हजार से 26 हजार रुपये बताया गया है. तीनों शहरों में वियना को अपेक्षाकृत महंगा पड़ाव माना गया है.

कैफे, संग्रहालय और शास्त्रीय संगीत से जुड़े अनुभवों के कारण यहां दैनिक खर्च बढ़ सकता है. इसलिए बजट यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए वियना में पहले से खर्च की सीमा तय करना उपयोगी हो सकता है.

प्राग में तीन रातों का पड़ाव
रिपोर्ट के अनुसार प्राग में तीन रातों के लिए करीब 25 हजार से 30 हजार रुपये का अनुमान दिया गया है.

प्राग को यात्रा के ऐसे हिस्से के रूप में पेश किया गया है जहां ऐतिहासिक स्थलों और शहर के अनुभव के साथ खर्च को भी अपेक्षाकृत नियंत्रित रखा जा सकता है.

होटल के बजाय बजट स्टे से घट सकता है खर्च
यूरोप की यात्रा में रहने का खर्च बजट को काफी प्रभावित कर सकता है. रिपोर्ट में मुख्य शहर के बिल्कुल केंद्र में ठहरने के बजाय मेट्रो या ट्राम से दो-तीन स्टॉप दूर बजट हॉस्टल या अन्य सस्ते ठिकाने चुनने की सलाह दी गई है.

इसका फायदा यह हो सकता है कि यात्री रोजाना सार्वजनिक परिवहन से प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच सके और केंद्रीय इलाकों में महंगे कमरे लेने से बच सके.

रेस्टोरेंट के बजाय स्थानीय खाना
राहुल और शिवानी के साझा किए गए सुझावों में भोजन पर भी बचत का तरीका बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास मौजूद महंगे रेस्टोरेंट के बजाय स्थानीय बिस्ट्रो और स्ट्रीट फूड विकल्पों को चुना जा सकता है.

इससे खर्च कम रखने के साथ स्थानीय खान-पान का अनुभव भी लिया जा सकता है. सात दिन की यात्रा में खाने के लिए करीब 8 हजार से 12 हजार रुपये का अनुमान दिया गया है.

ऑफ सीजन का चुनाव भी कर सकता है बड़ा अंतर
यात्रा के समय का चयन भी बजट पर असर डालता है. रिपोर्ट में अप्रैल से मई तथा सितंबर से अक्टूबर जैसे अपेक्षाकृत कम भीड़ वाले महीनों को यात्रा के लिए विकल्प के तौर पर बताया गया है.

ऐसे समय में हवाई किराए और आवास की कीमतें पीक सीजन की तुलना में कम हो सकती हैं. साथ ही पर्यटन स्थलों पर भीड़ कम होने से यात्रा का अनुभव अलग हो सकता है.

तीनों देशों के लिए एक ई-सिम
यात्रा के दौरान मोबाइल डेटा की जरूरत को देखते हुए रिपोर्ट में अलग-अलग देशों के लिए अलग कनेक्शन लेने के बजाय यूरोप-वाइड ई-सिम का विकल्प बताया गया है.

राहुल और शिवानी के साझा किए गए बजट में स्थानीय ई-सिम के लिए करीब 800 रुपये का अनुमान शामिल है. तीन देशों की यात्रा में एक क्षेत्रीय कनेक्शन यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकता है.

एक लाख का बजट किन बातों पर निर्भर करेगा
यूरोप की यात्रा को एक लाख रुपये के भीतर रखने का यह मॉडल निश्चित कीमत नहीं है. हवाई टिकट, वीजा, मुद्रा विनिमय, आवास, यात्रा की तारीख, व्यक्तिगत पसंद और दर्शनीय स्थलों पर खर्च के अनुसार वास्तविक बजट कम या ज्यादा हो सकता है.

खास तौर पर फ्लाइट टिकट और होटल की कीमतों में समय के साथ बड़ा अंतर आ सकता है. इसलिए इस बजट को यात्रा की संभावित योजना के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा, न कि निश्चित खर्च के रूप में.

यूरोप ट्रिप में बचत का पूरा फॉर्मूला
रिपोर्ट में साझा किए गए सुझावों को एक साथ देखें तो बजट यात्रा का फॉर्मूला काफी स्पष्ट है—पहले से फ्लाइट बुक करना, शहरों के बीच बस से यात्रा करना, मुख्य पर्यटन केंद्रों से थोड़ा बाहर रहना, स्थानीय भोजन लेना, कम भीड़ वाले समय में यात्रा करना और एक क्षेत्रीय ई-सिम इस्तेमाल करना.

राहुल और शिवानी के बताए इस मॉडल के अनुसार सात दिन में बुडापेस्ट, वियना और प्राग की यात्रा का अनुमानित खर्च 84 हजार से एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति तक रखा जा सकता है. हालांकि अंतिम खर्च यात्री की बुकिंग, यात्रा की तारीख और व्यक्तिगत खर्च करने की आदतों पर निर्भर करेगा.

डिस्क्लेमर: यह फीचर हिंदुस्तान टाइम्स की 23 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में प्रकाशित जानकारी और उसमें राहुल व शिवानी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए यात्रा बजट पर आधारित है. यात्रा खर्च, हवाई किराया, वीजा, आवास और स्थानीय परिवहन की वास्तविक कीमतें समय, तारीख और बुकिंग के अनुसार बदल सकती हैं. मूल रिपोर्ट में भी इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं किए जाने की बात कही गई है. इसे निश्चित यात्रा लागत या वित्तीय सलाह के रूप में न लें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-