रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुड़े एक कारोबारी के साथ लाखों रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सूरत (गुजरात) की एक कंपनी ने सोलर पैनल और इनवर्टर सप्लाई करने का झांसा देकर रायपुर के व्यापारी से 22 लाख 49 हजार रुपये एडवांस ऐंठ लिए, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी सामान की डिलीवरी नहीं की. पीड़ित की शिकायत पर राजधानी की पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
फोन कॉल से हुई सौदे की शुरुआत
मिली जानकारी के मुताबिक, धमतरी जिले के सांकरा निवासी दीप चंद साहू रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में 'एलडी कंस्ट्रक्शन' नाम से सोलर प्लांट लगाने का काम करते हैं. कुछ समय पहले उनके पास सूरत स्थित एक कंपनी से कॉल आया था. फोन करने वाले ने खुद को सोलर पैनल और इनवर्टर का बड़ा सप्लायर बताते हुए छत्तीसगढ़ में वेंडर के तौर पर काम करने का ऑफर दिया.
मार्च में सूरत जाकर तय हुआ था सौदा
सप्लायर की ओर से वारी कंपनी के सोलर पैनल और इनवर्टर का कोटेशन भेजा गया. दरें सस्ती और वाजिब लगने पर कारोबारी दीप चंद साहू अपने साथी के साथ 11 मार्च को सूरत पहुंचे. वहां उन्होंने कंपनी कार्यालय में आरोपी प्रशांत सिंह ठाकुर से मुलाकात की. बातचीत के दौरान सामान की समय पर डिलीवरी के लिए एडवांस भुगतान की शर्त रखी गई.
कारोबारी ने आरोपी पर भरोसा करते हुए 11 मार्च को दो बार में 9.80 लाख रुपये और 12 मार्च को 4.99 लाख रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए. इस तरह पहली किश्त में कुल 14.79 लाख रुपये का भुगतान किया गया. आरोपी ने 7 से 10 दिनों के भीतर रायपुर में माल डिलीवरी करने का वादा किया था.
माल की कमी और ट्रांसपोर्ट का बहाना बनाकर अतिरिक्त ऐंठे पैसे
तय अवधि बीतने के बाद भी जब सामान नहीं पहुंचा, तो पीड़ित कारोबारी ने आरोपी से संपर्क किया. आरोपी ने बाजार में माल की किल्लत का बहाना बनाया. इसके बाद 28 मार्च तक डिलीवरी का आश्वासन दिया, लेकिन फिर भी माल नहीं भेजा गया.
अगली बार आरोपी ने बड़े ट्रांसपोर्ट वाहन का हवाला देते हुए कहा कि यदि वे और सामान का ऑर्डर देंगे, तो सारा माल एक साथ भेज दिया जाएगा. झांसे में आकर पीड़ित ने 1 अप्रैल को एनईएफटी (NEFT) के जरिए 7.70 लाख रुपये और भेज दिए. इस तरह पीड़ित कारोबारी से कुल 22.49 लाख रुपये ऐंठ लिए गए.
ई-मेल पर भी दिया झूठा आश्वासन, पुलिस जांच में जुटी
रकम जमा होने के बाद भी जब सामान रायपुर नहीं पहुंचा, तो पीड़ित ने बार-बार संपर्क किया. कंपनी की तरफ से ई-मेल के जरिए 21 से 30 अप्रैल के बीच सामान भेजने या पैसे वापस करने का लिखित आश्वासन दिया गया. हालांकि, अप्रैल बीत जाने के बाद भी न तो सोलर उपकरण मिले और न ही पैसे लौटाए गए.
ठगी का अहसास होने पर दीप चंद साहू ने पुरानी बस्ती थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी प्रशांत सिंह ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब बैंक खातों के स्टेटमेंट, ई-मेल, मोबाइल कॉल डिटेल और कंपनी के पंजीकृत दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

