सेंट जॉन्स. क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) इस समय भीषण वित्तीय संकट से गुजर रहा है. बोर्ड ने इस आर्थिक बदहाली से निपटने के लिए कड़े कदम उठाते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों की रिटेनर फीस (सैलरी) में 25% तक की कटौती का ऐलान किया है. यह कटौती अक्टूबर 2026 से लागू होगी.
इसके अलावा, खर्चों पर लगाम लगाने के लिए इस सत्र के दो बड़े घरेलू टूर्नामेंट—पुरुषों का 'सुपर-50' और महिलाओं का 'टी-20 ब्लेज'—अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दिए गए हैं.
घरेलू खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट घटाकर 7 महीने कियावित्तीय पुनर्गठन (Financial Restructuring) के तहत CWI ने घरेलू स्तर के खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की अवधि को 12 महीने से घटाकर केवल 7 महीने (अक्टूबर से अप्रैल) कर दिया है.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों का रिटेनर कॉन्ट्रैक्ट 12 महीने का ही बना रहेगा, लेकिन उन्हें 25% कम सैलरी मिलेगी.
वित्तीय स्थिरता के लिए कठोर कदम जरूरी: क्रिस डेहरिंगCWI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिस डेहरिंग ने कहा कि बोर्ड इस समय वित्तीय, विकासात्मक और प्रतिस्पर्धात्मक स्तरों पर भारी चुनौतियों का सामना कर रहा है.
"यह स्थिति आदर्श नहीं है, लेकिन क्रिकेट बोर्ड की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए यह फैसला लेना बेहद जरूरी था. हम वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन (WIPA) और खिलाड़ियों के सहयोग की सराहना करते हैं,
जिन्होंने इस संकट को समझा."— क्रिस डेहरिंग, CEO, क्रिकेट वेस्टइंडीज
15 वर्षों में हवाई यात्रा पर उड़ाए ₹670 करोड़डेहरिंग ने खुलासा किया कि बोर्ड के बजट का एक बड़ा हिस्सा यात्रा और ठहरने के भारी-भरकम खर्चों में बह गया. पिछले 15 वर्षों में CWI ने कैरेबियाई द्वीपों के बीच घरेलू एयरलाइंस के सफर पर करीब 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹670 करोड़) खर्च किए हैं, जबकि इसके बदले में एयरलाइंस की तरफ से बोर्ड को कोई स्पॉन्सरशिप नहीं मिली.
ICC से मिलेगा ₹153 करोड़ का लोनइस संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वेस्टइंडीज बोर्ड को राहत देने के लिए 16 मिलियन डॉलर (लगभग ₹153 करोड़) के आपातकालीन लोन को मंजूरी दी है. हालांकि, CWI को यह फंड हासिल करने के लिए ICC द्वारा निर्धारित कड़े वित्तीय मापदंडों ('क्रिटिकल मेट्रिक्स') को पूरा करना होगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

