नई दिल्ली. चुनाव आयुक्तों की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्ढ्ढक्र) को लेकर चल रहे विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को एक रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट लिखा. कांग्रेस सांसद ने एक्स पर बिना कोई संदर्भ या विस्तार दिए पोस्ट किया, मुझे तब समुद्र में तैरना पसंद है जब लहरें तेज हों. यह आपको सिखाता है कि उथल-पुथल भी शांति का ही दूसरा रूप है.
राहुल गांधी का यह पोस्ट 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद मचे राजनीतिक तूफान के बीच आई है, जिसमें कहा गया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर बार-बार सवाल उठाए थे.
देशभर में एसआईआर की प्रक्रिया तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की देखरेख में चल रही है. अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में लिए गए निर्णयों और जारी किए गए आदेशों पर औपचारिक रूप से, रिकॉर्ड पर, कम से कम 14 बार आपत्ति जताई है, जो उनके अनुसार उनकी जानकारी या सिफारिशों के बिना लिए गए थे. राहुल गांधी ने पिछले साल वोट चोरी का मुद्दा उठाया था और चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. अब राहुल गांधी का कहना है कि इस न्यूज रिपोर्ट ने भी उनके आरोपों की पुष्टि की है.
कांग्रेस पार्टी विवादास्पद एसआईआर को बढ़ावा देने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए आक्रामक अभियान चला रही है और इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता दिखाने के लिए 30 सितंबर को इंडिया गठबंधन का समर्थन जुटाएगी. पिछले कुछ दिनों में, सभी विपक्षी दलों ने एसआईआर के तहत अब तक राज्यों में वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने पर चिंता जताई और इस बात पर सहमत हुए कि इस गैर-लोकतांत्रिक कदम को रोकने के लिए एक आवाज में बोलने की जरूरत है.
इसलिए, 30 सितंबर को इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में इस बात पर चर्चा होगी कि आने वाले दिनों में एसआईआर को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शनों के लिए ताकतों को कैसे इक_ा किया जाए, देश भर में बीजेपी का विरोध करने के तरीके कैसे प्लान किए जाएं, ईसीआई में सुधार किए जाएं और सीईसी की फिर से निंदा की जाए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

