फीचर डेस्क. त्योहारों का मौसम आते ही फैशन की दुनिया में पारंपरिक परिधानों को नए अंदाज में पहनने की तलाश शुरू हो जाती है. लहंगा, साड़ी और दुपट्टा अपनी जगह कायम हैं, लेकिन इस बार इनके साथ सिल्हूट और ड्रेपिंग का ऐसा मेल दिखाई दे रहा है, जो पारंपरिक भारतीय परिधान को समकालीन ग्लैमर से जोड़ता है. इसी ट्रेंड को अभिनेत्री खुशी कपूर और प्रतिभा रांटा ने अपने-अपने अंदाज में सामने रखा है.
दोनों ने डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के लगभग समान सिल्हूट वाले परिधान पहने. कॉर्सेट-स्टाइल टॉप, फ्लोर-लेंथ स्कर्ट और गले के आसपास लिपटा दुपट्टा दोनों लुक की सबसे प्रमुख खासियत रहा. रंग, हेयरस्टाइल, ड्रेप और एक्सेसरीज में अंतर ने दोनों के लुक को अलग पहचान दी.
यह फैशन मोमेंट इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें भारी-भरकम पारंपरिक सजावट के बजाय सिल्हूट, ड्रेपिंग और रंगों की सादगी को केंद्र में रखा गया है.
खुशी कपूर का डस्टी रोज ग्लैमर
खुशी कपूर का लुक सॉफ्ट और रोमांटिक रंगों की तरफ जाता दिखाई दिया. उन्होंने डस्टी रोज-पिंक शेड का ऐसा परिधान चुना, जिसमें फिटेड कॉर्सेट और फर्श तक जाती स्कर्ट ने पूरे सिल्हूट को लंबा और स्लीक रूप दिया.
आउटफिट के ऊपरी हिस्से को कॉर्सेट जैसी संरचना दी गई थी. इसमें रचिंग और प्लीटेड डिटेलिंग दिखाई दी, जिसने सादे रंग के बावजूद परिधान में टेक्सचर जोड़ा. स्वीटहार्ट नेकलाइन और ऑफ-शोल्डर डिजाइन ने इसे आधुनिक फेमिनिन टच दिया.
इस लुक की खासियत यह रही कि परिधान पर बहुत ज्यादा सजावटी तत्व नहीं जोड़े गए. यानी आउटफिट की खूबसूरती उसके कट और फिट में ही दिखाई दी.
गले में लिपटा दुपट्टा बना खास स्टाइलिंग एलिमेंट
खुशी के लुक में सबसे ध्यान खींचने वाली चीजों में दुपट्टे की ड्रेपिंग रही. पारंपरिक तरीके से दोनों कंधों पर रखने के बजाय दुपट्टे को गले के आसपास लपेटकर पीछे की ओर खुला छोड़ा गया.
इस तरह की ड्रेपिंग आउटफिट को एक तरफ भारतीय पहचान देती है, वहीं दूसरी तरफ इसे आधुनिक और सहज बनाती है. दुपट्टा यहां केवल पारंपरिक परिधान का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि पूरे लुक के सिल्हूट को पूरा करने वाला स्टाइलिंग एलिमेंट बन गया.
डस्टी रोज रंग के साथ यह ड्रेपिंग बेहद हल्की और सॉफ्ट दिखाई दी, जिससे आउटफिट में फेयरीटेल जैसा प्रभाव आया.
हेयरस्टाइल ने बदला पूरा मूड
खुशी कपूर ने हेयरस्टाइल को भी अपेक्षाकृत सहज रखा. मेसी लो ब्रेड और चेहरे के आसपास छोड़ी गई कुछ लटों ने पूरे लुक को बहुत ज्यादा औपचारिक होने से बचाया.
ज्वेलरी में भी उन्होंने संतुलन बनाए रखा. नाजुक डायमंड ईयररिंग्स और हल्की रिंग्स ने आउटफिट के साथ तालमेल बनाया, लेकिन ज्वेलरी को लुक का केंद्र नहीं बनने दिया.
मेकअप भी इसी सोच के अनुरूप रहा. ग्लोइंग स्किन, हल्के डिफाइंड आईज, सॉफ्ट ब्लश और रोजी-न्यूड लिप्स ने पिंक टोन वाले आउटफिट को पूरा किया.
प्रतिभा रांटा ने चुना पीच टोन
प्रतिभा रांटा ने इसी डिजाइन भाषा को गर्म पीच शेड के साथ पेश किया. उनका आउटफिट भी कॉर्सेट-स्टाइल टॉप और लंबी स्कर्ट के संयोजन पर आधारित था, लेकिन रंग और ड्रेपिंग ने इसे अलग मूड दिया.
कॉर्सेट टॉप में रचिंग, स्वीटहार्ट नेकलाइन और ऑफ-शोल्डर प्लीटेड स्ट्रैप्स नजर आए. इसके साथ मैचिंग प्लीटेड स्कर्ट ने पूरे परिधान को फ्लो दिया.
स्कर्ट और टॉप का मेल ऐसा प्रभाव पैदा करता है, जिसमें पारंपरिक साड़ी की ड्रेपिंग और आधुनिक गाउन जैसी संरचना एक साथ दिखाई देती है.
दुपट्टे को बनाया केप जैसा ड्रेप
प्रतिभा रांटा के लुक में दुपट्टे की स्टाइलिंग खुशी कपूर से अलग रही. यहां दुपट्टा गले के आसपास रहने के साथ पीछे की ओर इस तरह गिरता दिखाई दिया कि उसने हल्के केप जैसा प्रभाव बनाया.
इस तरह की ड्रेपिंग खासतौर पर उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकती है जो पारंपरिक दुपट्टे को पहनना तो चाहते हैं, लेकिन उसे पुराने या सामान्य तरीके से स्टाइल नहीं करना चाहते.
लेस जैसी फिनिश वाला ड्रेप पूरे परिधान में हल्की मूवमेंट जोड़ता है और चलते समय आउटफिट को अधिक फ्लोइंग बनाता है.
खुले बालों ने दिया वॉल्यूम
प्रतिभा ने बालों को खुला रखते हुए वॉल्यूमिनस वेव्स चुनीं. जहां खुशी का मेसी लो ब्रेड लुक को रिलैक्स्ड बना रहा था, वहीं प्रतिभा के खुले और वॉल्यूम वाले बालों ने पूरे आउटफिट को अधिक ग्लैमरस अंदाज दिया.
ज्वेलरी में छोटे डायमंड स्टड्स और कुछ रिंग्स रखी गईं. यानी यहां भी ज्वेलरी को सीमित रखते हुए आउटफिट के सिल्हूट को प्रमुखता दी गई.
मेकअप में ग्लोइंग बेस, सॉफ्ट पिंक ब्लश, न्यूड-पिंक लिप्स और हल्के डिफाइंड आईज का इस्तेमाल किया गया, जो पीच आउटफिट के साथ आसानी से मेल खाता है.
इस फेस्टिव सीजन में क्यों खास है कॉर्सेट-डुपट्टा ट्रेंड
कॉर्सेट और दुपट्टे का संयोजन भारतीय फैशन में एक दिलचस्प बदलाव दिखाता है. कॉर्सेट पश्चिमी फैशन की संरचना और फिट का प्रतीक माना जाता है, जबकि दुपट्टा भारतीय पारंपरिक परिधान का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
दोनों को साथ रखने से एक ऐसा सिल्हूट तैयार होता है जिसमें परंपरा और आधुनिकता दोनों दिखाई देती हैं.
इस ट्रेंड की एक और खासियत यह है कि इसे केवल डिजाइनर कॉउचर तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. इसी स्टाइलिंग आइडिया को बजट और व्यक्तिगत पसंद के अनुसार बदला जा सकता है.
घर पर कैसे अपनाएं यह फैशन ट्रेंड
अगर किसी फेस्टिव पार्टी या पारिवारिक समारोह के लिए यह स्टाइल अपनाना है तो कॉर्सेट-स्टाइल ब्लाउज को फ्लोइंग लॉन्ग स्कर्ट के साथ पहना जा सकता है. इसके साथ हल्का या एम्बेलिश्ड दुपट्टा गले के आसपास लपेटकर पीछे की ओर छोड़ा जा सकता है.
जो लोग अधिक पारंपरिक लुक चाहते हैं, वे कॉर्सेट-स्टाइल ब्लाउज को प्री-ड्रेप्ड साड़ी के साथ पहन सकते हैं. वहीं ज्यादा आधुनिक लुक के लिए इसे वाइड-लेग ट्राउजर के साथ भी जोड़ा जा सकता है.
रंगों में डस्टी रोज, पीच, पाउडर पिंक, मौव, शैंपेन और हल्के पेस्टल शेड्स इस स्टाइल के साथ अच्छे लग सकते हैं.
ज्वेलरी में संतुलन सबसे जरूरी
कॉर्सेट-ड्रेप लुक में आउटफिट पहले से ही काफी स्ट्रक्चर्ड होता है. इसलिए ज्वेलरी चुनते समय संतुलन जरूरी है.
अगर आउटफिट हल्का और मिनिमल है तो स्टेटमेंट चोकर, झुमके या लेयर्ड नेकलेस के जरिए थोड़ा पारंपरिक ग्लैमर जोड़ा जा सकता है. वहीं अगर कपड़े पर पहले से काफी कढ़ाई या सजावट है तो छोटे स्टड्स और पतली रिंग्स पर्याप्त हो सकती हैं.
यानी इस ट्रेंड में ज्वेलरी को आउटफिट के साथ प्रतिस्पर्धा कराने के बजाय उसका हिस्सा बनाना ज्यादा प्रभावी हो सकता है.
दुपट्टा बनेगा सबसे आसान स्टाइलिंग हथियार
इस पूरे ट्रेंड से निकलने वाला सबसे आसान फैशन आइडिया दुपट्टे की ड्रेपिंग है. एक ही सूट, लहंगे या स्कर्ट के साथ दुपट्टे को अलग तरीके से पहनकर पूरे लुक का प्रभाव बदला जा सकता है.
गले के चारों ओर हल्के से लपेटकर पीछे छोड़ना, एक कंधे से गिराना या केप की तरह फैलाना—इनमें से हर तरीका आउटफिट को अलग रूप दे सकता है.
फेस्टिव फैशन में यही प्रयोग इस बार खास नजर आ रहा है.
इस सीजन का फैशन संदेश
खुशी कपूर और प्रतिभा रांटा के लगभग समान डिजाइन वाले लुक यह दिखाते हैं कि एक ही फैशन सिल्हूट को अलग रंग, हेयरस्टाइल, मेकअप और ड्रेपिंग के जरिए पूरी तरह अलग व्यक्तित्व दिया जा सकता है.
कॉर्सेट-स्टाइल टॉप और फ्लोर-लेंथ स्कर्ट के साथ दुपट्टे की नई ड्रेपिंग भारतीय फेस्टिव वियर को एक समकालीन रूप देती है. इसमें न तो पारंपरिकता पूरी तरह पीछे छूटती है और न ही आधुनिक फैशन हावी होता है.
इस फेस्टिव सीजन का संदेश साफ है—पारंपरिक परिधान को नए अंदाज में पहनने के लिए हमेशा नया कपड़ा जरूरी नहीं, कभी-कभी सिर्फ ड्रेपिंग और स्टाइलिंग का तरीका बदलना ही काफी होता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

