ग्वालियर. शहर के ढोली बुआ पुल क्षेत्र में शनिवार रात अचानक सड़क में लंबी और चौड़ी दरारें उभरने से आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई. मामला केवल सड़क क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ही समय में आसपास के चार मकानों में भी दरारें दिखाई देने की शिकायत सामने आई. घनी आबादी वाले इलाके में जमीन और निर्माणों में एक साथ दरारें दिखाई देने के बाद लोग घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए. नगर निगम के अधिकारी रात में मौके पर पहुंचे, लेकिन सड़क धंसने की वास्तविक वजह को लेकर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के स्तर पर अलग-अलग बातें सामने आई हैं.
सड़क से मकानों तक पहुंची दरारों ने बढ़ाई चिंता
वार्ड क्रमांक 39 के दतिया वाले मोहल्ले में शनिवार रात सड़क की दरारें अचानक चौड़ी होने लगीं. स्थानीय लोगों के मुताबिक इसकी शुरुआत पहले ही हो गई थी, लेकिन रात तक स्थिति ज्यादा गंभीर दिखाई देने लगी. सड़क पर लंबी दरारें बनने के बाद आसपास बने मकानों में भी दीवार, आंगन, रसोई और अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगीं.
स्वर्ण रेखा के नजदीक बसा यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है. ऐसे में सड़क के धंसने और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को इसकी सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी संजीव झा सहित संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे.
चार परिवारों ने मकानों में नुकसान की शिकायत की
प्रारंभिक जानकारी में चार मकानों में दरारें आने की शिकायत सामने आई है. लीला शाक्य के मकान के आंगन, रसोई और बाथरूम में दरारें दिखाई देने की बात कही गई है. गणेश शाक्य के कमरे और रसोई, नारायण कन्नोजिया के आंगन और बाथरूम तथा शालिनी ढेरे के मकान की बाउंड्रीवाल में दरार आने की शिकायत अधिकारियों से की गई है.
रिहायशी मकानों में दरारें आने के कारण मामला अब केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं रह गया है. प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके मकान फिलहाल कितने सुरक्षित हैं और जमीन में आई हलचल आगे बढ़ेगी या यहीं रुक जाएगी.
एलिवेटेड रोड निर्माण पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में एलिवेटेड रोड परियोजना से संबंधित गतिविधियों के बाद सड़क की स्थिति में बदलाव दिखाई देना शुरू हुआ. लोगों का आरोप है कि पिलर निर्माण से जुड़े काम के लिए स्वर्ण रेखा की दीवार के पास ग्राउंड बेस रैंप तोड़ा गया था. इसके बाद सड़क में दरारें दिखाई देने लगीं और शनिवार रात तक उनका आकार बढ़ गया.
नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव झा ने भी स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एलिवेटेड रोड से संबंधित खोदाई के कारण सड़क धंसने की आशंका का उल्लेख किया है. हालांकि इसकी तकनीकी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
पीडब्ल्यूडी ने कहा मौके पर नहीं चल रहा था काम
मामले में लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग का पक्ष अलग है. कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव के अनुसार जिस स्थान पर निर्माण कार्य के कारण सड़क और मकानों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है, वहां हाल-फिलहाल कोई काम नहीं चल रहा था. उन्होंने मौके का निरीक्षण करने की बात कही है.
ऐसे में सड़क धंसने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है. यह तकनीकी जांच के बाद ही तय हो सकेगा कि जमीन बैठने के पीछे निर्माण गतिविधि, मिट्टी की स्थिति, आसपास मौजूद संरचनाओं या किसी अन्य कारण की भूमिका रही है.
अब तकनीकी जांच पर टिकी निगाह
घटना ने निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा कर दिया है. सड़क में दरारों के साथ मकानों में नुकसान की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र की जमीन और प्रभावित भवनों की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण हो गई है.
स्थानीय लोगों के लिए तत्काल चिंता मकानों की सुरक्षा को लेकर है. वहीं, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अलग-अलग दावों के बीच यह स्पष्ट होना बाकी है कि आखिर सड़क अचानक क्यों धंसी. अब विस्तृत निरीक्षण और तकनीकी जांच से ही यह तय हो सकेगा कि नुकसान का वास्तविक कारण क्या है और प्रभावित मकानों को आगे किसी तरह का खतरा तो नहीं है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

