CWC की बैठक में खरगे ने कहा- साजिश के तहत काटे गए वोट, CEC सरकार की कठपुतली, रखीं पांच मांगें

CWC की बैठक में खरगे ने कहा- साजिश के तहत काटे गए वोट, CEC सरकार की कठपुतली, रखीं पांच मांगें

प्रेषित समय :18:06:12 PM / Tue, Sep 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. दिल्ली के इंदिरा भवन में मंगलवार (29 सितंबर) को मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्य समिति (सीडबलूसी) की एक अहम बैठक बुलाई गई. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग और चुनाव आयोग के खिलाफ सियासी लड़ाई तेज करने की रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश समेत पार्टी के तमाम नेताओं ने शिरकत की. इस दौरान खरगे ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा सीडबलूसी की बैठक में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हमारे पूर्वजों द्वारा बनाई गई मजबूत लोकतांत्रिक नींव को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया है. उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं. ष्टश्वष्ट मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं.

पारदर्शिता की मांग

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जिन वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें पूरी जानकारी दी जानी चाहिए और अपील करने का मौका भी मिलना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राजनीतिक दलों को सही समय पर आसान फॉर्मेट में वोटर लिस्ट और जरूरी डेटा उपलब्ध कराया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में पारदर्शिता की मांग की है.

कांग्रेस की 5 मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने 5 मांगें सामने रखी. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में पारदर्शिता की मांग की है.
मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो.
जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पूरी सूचना और अपील का अवसर मिले.
राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित आवश्यक डेटा सिम्पल फॉर्मेट में समय पर उपलब्ध हो.
जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो.

मतदाताओं का भरोसा जरूरी

खरगे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और निर्णयों में खुद ऐसी पारदर्शिता हो कि किसी राजनीतिक दल को यह कहने का अवसर न मिले कि जानकारी छिपाई जा रही है. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के मतदाताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है.

लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली वोटर

उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को किसी चुनाव को केवल जीतने या हारने की लड़ाई के रूप में नहीं देखते. उन्होंने कहा कि चुनाव तो आते जाते रहते हैं, सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान स्थायी हैं और यही भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति एक आम वोटर है, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या सत्ता में बैठा नेता नहीं.

खरगे ने कहा कि आज सीडबलूसी से हमें एक स्पष्ट संकल्प लेना चाहिए. मतदाता सूची पारदर्शी हो, चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो, संस्थाएं स्वतंत्र हों और हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित हो. उन्होंने कहा कि यही संविधान की भावना है. यही लोकतंत्र की आत्मा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए हमें जो भी करना होगा सड़क से संसद तक हमें करना चाहिए.

पीएम मोदी पर बरसे खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि प्रधानमंत्री ने 10 साल पहले नोटबंदी का फैसला करके हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नेस्तनाबूद कर दिया था, वहीं अब 10 साल बाद वोटबंदी की साजिश करके हमारे मजबूत लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. खरगे ने कहा कि पीएम मोदी की सभी कुनीतियों की सबसे अधिक मार गरीबों को पड़ती है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी में गरीब लाइन में खड़ा था. वोटबंदी में गरीब लाइन से ही बाहर कर दिया गया. उन्होंने कहा कि गरीब के पास एक ही ताकत है, उसका वोट. उसे हम किसी हाल में छिनने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, वंचित और शोषित वर्ग का सबसे बड़ा हथियार वोट होता है. इसलिए पीएम मोदी इस अधिकार को छीनना चाहते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे.

सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने ख़ुद सीईसी की गतिविधियों को मनमाना और अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि अब पूरे देश को मालूम है कि उनकी लगातार कोशिश सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने की रही है. ऐसे में उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए. इसके साथ ही जिनके दबाव में उन्होंने ऐसा आचरण किया है, पीएम मोदी को खुद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. खरगे ने कहा कि हमारे सामने पांच राज्यों के चुनाव हैं. इसलिए किसी मतदाता का हक न मारा जाए देखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर व्यक्ति का वोट सुरक्षित हो, चुनाव निष्पक्ष हों, जिससे आम जनता का विश्वास भारत की चुनाव प्रक्रिया में बना रहे. तभी भारत का भविष्य सुरक्षित रहेगा, लोकतंत्र फलता-फूलता रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-