मुंबई/नई दिल्ली. देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बडिय़ों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम की चिट्ठी का हवाला देकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
इस मुद्दे पर निशाना साधते हुए शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि जब विपक्ष और आम जनता चुनाव प्रक्रिया में गड़बडिय़ों और एफआईआर की बढ़ती संख्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो उनकी बातों को अनसुना किया जा रहा है, लेकिन अब महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने खुद चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत बताई है.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चार से पांच अहम बदलावों की मांग की है. चुनाव में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत बताई गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब चुनाव आयोग के अपने अधिकारी ही मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं, तो उनकी बातों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है?
फिल्म के गाने की पंक्ति का किया जिक्र
उन्होंने तंज कसते हुए पाकीजा फिल्म के गाने की पंक्ति का जिक्र किया और कहा, हमरी न मानो, बैजवा से पूछो. उन्होंने कहा कि विपक्ष की बात मत सुनिए, जनता की बात मत सुनिए, लेकिन कम से कम अपने ही महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बात तो सुनिए, जो खुद चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर सॉफ्टवेयर में बदलाव की मांग कर रहे हैं. आनंद दुबे ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि आखिर यह पूरा मामला क्या है? चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ रही है? आयोग को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और देश को बताना चाहिए कि इसमें क्या सच है और क्या झूठ.
सुको पहुंचा चुनाव आयोग विवाद का मामला
चुनाव आयोग में विवाद का ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय स्वरूप, फैसला लेने की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की शक्तियों से संबंधित मांगें की गई हैं. इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा.
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