पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव: प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग का इस्तीफा, विजयइंदर सिंगला रेस में सबसे आगे

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव: प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग का इस्तीफा, विजयइंदर सिंगला रेस में सबसे आगे

प्रेषित समय :16:13:22 PM / Thu, Oct 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पार्टी हाईकमान की ओर से प्रदेश संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के तहत यह कदम उठाया गया है. राजा वड़िंग अप्रैल 2022 से पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

सचिन पायलट की रिपोर्ट और राहुल गांधी से बातचीत का असर
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर हाईकमान को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट पर गहन मंथन के बाद नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया गया. खबर है कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से फोन पर चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की.

विजयइंदर सिंगला नए अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे
राजा वड़िंग के जाने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री विजयइंदर सिंगला का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहा है. पार्टी हाईकमान उनके नाम पर सहमति बना चुका है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.

अन्य दावेदार: सिंगला के अलावा परगट सिंह, पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नाम भी चर्चा में हैं.

सिंगला का बयान: इस हलचल के बीच विजयइंदर सिंगला ने कहा कि उन्हें मीडिया से ही इस खबर की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और हाईकमान जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे.

भीतरी कलह खत्म करने की कोशिश, चन्नी ने जताई संतुष्टि
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से राजा वड़िंग के कामकाज को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही थी. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट लगातार संगठन में फेरबदल की मांग कर रहे थे. इस्तीफे के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब पुरानी सभी नाराजगी दूर हो गई है और पूरी पार्टी मिलकर काम करेगी.

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस का यह संगठनात्मक बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-