एमपी : 43 करोड़ का धान घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी जांच रिपोर्ट, 28 जिलों में फर्जीवाड़ा

एमपी : 43 करोड़ का धान घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी जांच रिपोर्ट, 28 जिलों में फर्जीवाड़ा

प्रेषित समय :13:52:45 PM / Fri, Oct 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश में धान के परिवहन और आपूर्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की. कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेशभर में हुई गड़बडिय़ों की जांच कर छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट की एक प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे रिपोर्ट का अध्ययन कर अपना पक्ष रख सकें. मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी.

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई के दौरान धान परिवहन में कथित गड़बड़ी सामने आई थी. याचिका में दावा किया गया है कि जांच में 28 जिलों में करीब 43.03 करोड़ रुपए के धान परिवहन घोटाले का पता चला. मामले में कई एफआईआर दर्ज होने और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह गड़बड़ी केवल जबलपुर तक सीमित नहीं है. प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की आशंका जताते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है.

जीपीएस से निगरानी के नियम, फिर भी अनियमितता का आरोप

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपाण्डे और धनीराम लखेरा की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि धान के परिवहन और आपूर्ति की निगरानी के लिए वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं. इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं की गईं. याचिकाकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में मामले की जांच सीबीआई या सीआईडी से कराने की मांग की है.

एथनोल के लिए ली गई धान को बीच में बेचने का दावा

याचिकाकर्ता पीजी नाजपाण्डे के अनुसार, एथनोल के लिए धान लिया गया था, लेकिन आरोप है कि इसे रास्ते में ही बेच दिया गया. उनका कहना है कि जबलपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बडिय़ां सामने आने की आशंका है. उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जानी चाहिए. उनके अनुसार, जबलपुर और बालाघाट में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और कार्रवाई जारी है.

14 अगस्त को सभी कलेक्टरों से मांगी थी रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को धान परिवहन से संबंधित जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद 14 अक्टूबर को जनहित याचिका पर नोटिस जारी किए गए. गुरुवार को चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-