पीएम मोदी ने जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मछार से की बात, 9/11 जैसा बड़ा विमान हादसा टालने पर सराहा

पीएम मोदी ने जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मछार से की बात, 9/11 जैसा बड़ा विमान हादसा टालने पर सराहा

प्रेषित समय :12:26:38 PM / Fri, Oct 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई एयरलाइंस के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से शुक्रवार को फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना और उनके अदम्य साहस की सराहना की. बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने हवा में हुए उस खौफनाक घटनाक्रम, अपने अनुभवों और जानलेवा हमले के बीच विमान व यात्रियों को सुरक्षित बचाने के लिए मिली मानसिक हिम्मत के बारे में विस्तार से साझा किया. प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि उनके असाधारण पराक्रम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है.

घायल होने के बावजूद सैकड़ों जिंदगियां बचाईं, पीएम ने एक्स पर लिखा था संदेश

इससे पहले प्रधानमंत्री ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर कैप्टन स्मित मछार की जांबाजी को सलाम किया था. पीएम मोदी ने लिखा था कि कैप्टन स्मित मछार एक सच्चे हीरो हैं. बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जिस अद्वितीय साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया, वह अभूतपूर्व है. उनकी इस सूझबूझ और बहादुरी के चलते विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बची और एक भीषण मानवीय त्रासदी टल गई. समूचे भारत को अपने इस जांबाज बेटे पर गर्व है.

को-पायलट ने किया था हमला, टल गया 9/11 जैसा खौफनाक मंजर

यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान घटी, जहां अचानक को-पायलट ने हिंसक हमला कर विमान को क्रैश करने की खतरनाक कोशिश की थी. उस गंभीर आपात स्थिति में मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने जान पर खेलकर को-पायलट का डटकर मुकाबला किया और विमान का नियंत्रण हाथ से नहीं जाने दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भी कैप्टन मछार की वीरता का विशेष उल्लेख किया. पीएम ने कहा कि भारतीय पायलट की तत्परता ने 9/11 जैसी भयानक त्रासदी को दोबारा दोहराए जाने से रोक दिया. गौरतलब है कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अल-कायदा के आतंकवादियों ने यात्री विमानों का अपहरण कर उन्हें इमारतों से टकरा दिया था, जिसमें हजारों निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. कैप्टन मछार की सतर्कता ने बीच हवा में ठीक उसी तरह की विध्वंसक साजिश को नाकाम कर दिया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-