रायपुर. राजधानी के लोकप्रिय तेलीबांधा तालाब की पहचान अब केवल घूमने-फिरने और खान-पान तक सीमित नहीं रह गई है. यहां आने वाले लोगों के लिए अब किताबों के बीच कुछ वक्त बिताने का विकल्प भी उपलब्ध है. तालाब के स्प्री वाक परिसर में शुरू किया गया ‘अक्षरा’ लाइब्रेरी जोन युवाओं और पुस्तक प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
जिला प्रशासन की पहल से शुरू किए गए इस रीडिंग जोन को 19 सितंबर से आम लोगों के लिए खोला गया है. यहां सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक बैठकर किताबें पढ़ी जा सकती हैं. खास बात यह है कि इसके लिए कोई फीस नहीं देनी पड़ती. पाठकों को केवल रजिस्टर में अपनी एंट्री करनी होती है और इसके बाद उपलब्ध पुस्तकों में से अपनी पसंद की किताब चुनकर पढ़ सकते हैं.
हर दिन पहुंच रहे करीब 150 लोग
‘अक्षरा’ में रोजाना लगभग 150 पाठक पहुंच रहे हैं. यहां स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी, नौकरीपेशा लोग और साहित्य में रुचि रखने वाले पाठक भी नजर आते हैं.
लाइब्रेरी में अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किताबों का संग्रह तैयार किया गया है. प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य अध्ययन और उच्च शिक्षा से संबंधित पुस्तकों के साथ साहित्य और उपन्यास भी यहां उपलब्ध हैं.
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, फिर पहुंच गए अक्षरा
यूपीएससी की तैयारी कर रहे अभिषेक को इस पहल की जानकारी सोशल मीडिया पर रील देखते हुए मिली. इसके बाद उन्होंने यहां आकर पढ़ाई करने का अनुभव लिया. उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान शांत वातावरण में पढ़ने के लिए ऐसी जगह उपयोगी साबित हो सकती है.
पढ़ाई के साथ साहित्य का भी ठिकाना
‘अक्षरा’ में आने वाले सभी लोग प्रतियोगी परीक्षा की किताबें ही पढ़ें, ऐसा नहीं है. बैरन बाजार के एक युवा को यहां की जानकारी हाल ही में मिली. पढ़ाई के अलावा उन्हें कविताएं पढ़ने का शौक है और अब वे नियमित रूप से इस स्थान का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं.
एक जगह, कई विषयों की किताबें
तेलीबांधा निवासी अल असलाक यहां मोबाइल कम्युनिकेशन से जुड़ी किताब पढ़ते नजर आए. उनका कहना है कि पढ़ाई से संबंधित सामग्री के साथ यहां दूसरे विषयों की किताबें भी देखने को मिल जाती हैं. एक ही स्थान पर अलग-अलग विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होना पाठकों के लिए सुविधाजनक है.
उपन्यास पढ़ने वालों को भी पसंद आ रहा माहौल
लाइब्रेरी में साहिल अमृतलाल नागर का चर्चित उपन्यास ‘मानस का हंस’ पढ़ते मिले. कहानी और उपन्यास पढ़ने में रुचि रखने वाले साहिल के मुताबिक, हर किताब खरीदना संभव नहीं होता. ऐसे में मुफ्त में पसंद की किताब पढ़ने की सुविधा पुस्तक प्रेमियों के लिए खास मायने रखती है.
झील किनारे पढ़ाई का अलग अनुभव
तेलीबांधा तालाब आमतौर पर मॉर्निंग वॉक, योग, शाम की सैर और दोस्तों-परिवार के साथ समय बिताने के लिए जाना जाता है. अब इसी परिसर में पढ़ने वाले युवाओं की मौजूदगी भी दिखाई देने लगी है.
एक तरफ तालाब के आसपास शहर की रौनक और दूसरी ओर किताब लेकर शांत बैठे पाठक—‘अक्षरा’ ने तेलीबांधा के माहौल में एक नया रंग जोड़ दिया है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हो या साहित्य पढ़ने का शौक, लोग यहां अपनी पसंद के मुताबिक समय बिता रहे हैं.
3 हजार से ज्यादा किताबें, आगे बढ़ेगा संग्रह
‘अक्षरा’ जोन के प्रमुख केदार पटेल के अनुसार, फिलहाल लाइब्रेरी में 3,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं. रोजाना करीब 150 पाठक यहां पहुंच रहे हैं. पाठकों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर भविष्य में उनकी पसंद की नई किताबें भी संग्रह में शामिल करने की योजना है.
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे इस निशुल्क सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने वाली इस पहल का हिस्सा बनें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

