बिना पीयूसी पेट्रोल डीजल नहीं, हरियाणा के एनसीआर पंपों पर अब जांच के बाद ही मिलेगा ईंधन

बिना पीयूसी पेट्रोल डीजल नहीं, हरियाणा के एनसीआर पंपों पर अब जांच के बाद ही मिलेगा ईंधन

प्रेषित समय :22:05:28 PM / Sat, Oct 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चंडीगढ़. दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अब ईंधन भरवाने से पहले वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी जांचा जाएगा. सीएक्यूएम के दिशा-निर्देश नंबर 101 के तहत यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू की गई है. इसी के तहत हरियाणा परिवहन विभाग ने राज्य के एनसीआर जिलों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बेचने वाले पंपों को पीयूसी की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

वैध पीयूसी नहीं तो पंप पर रोक दिया जाएगा ईंधन
नई व्यवस्था का सीधा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जिनके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है. पंप पर ईंधन भरवाने पहुंचने वाले वाहन का पीयूसी वैध नहीं मिलने पर उसे पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी. परिवहन विभाग के निर्देश के अनुसार ऐसे वाहन का पंजीयन नंबर भी दर्ज किया जा सकता है.

वाहन चालक को इसके बाद अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र पर जाकर प्रमाणपत्र बनवाना होगा. प्रमाणपत्र वैध होने के बाद ही ईंधन लेने की अनुमति मिलेगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को प्रदूषण जांच के दायरे में लाना और सड़क पर चलने वाले वाहनों के उत्सर्जन पर निगरानी बढ़ाना है. 

अभी हर पंप पर कैमरे से जांच जरूरी नहीं
पीयूसी की जांच को आगे चलकर स्वचालित बनाने की तैयारी है. इसके लिए पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली यानी एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह कैमरे वाहन का नंबर पढ़कर उसे ऑनलाइन पीयूसी डाटाबेस से मिलाने में मदद करेंगे.

हालांकि जब तक सभी एनसीआर जिलों के पंपों पर एएनपीआर प्रणाली पूरी तरह स्थापित और चालू नहीं हो जाती, तब तक पंप कर्मचारियों को मैनुअल तरीके से पीयूसी प्रमाणपत्र की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. यानी फिलहाल वाहन चालक को जरूरत पड़ने पर वैध पीयूसी प्रमाणपत्र दिखाना पड़ सकता है. 

हरियाणा के एनसीआर जिलों में सख्ती
हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिलों के पेट्रोल पंप इस व्यवस्था के दायरे में हैं. परिवहन विभाग ने तेल कंपनियों और पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि ईंधन भरने से पहले पीयूसी की स्थिति सुनिश्चित की जाए.

विभाग की ओर से पेट्रोल पंपों पर हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि वाहन चालकों को ईंधन लेने से पहले पीयूसी की अनिवार्यता की जानकारी रहे.

पीयूसी नहीं होने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना
वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने पर संबंधित मोटर वाहन नियमों के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. विभाग के निर्देश में बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहनों को निकटतम अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र की ओर भेजने की बात भी कही गई है. 

इसका मतलब यह है कि अब केवल वाहन का पंजीयन या बीमा जैसे दस्तावेज पर्याप्त नहीं होंगे. प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता भी वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है, खासकर एनसीआर में ईंधन भरवाते समय.

प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू हुआ नियम
सीएक्यूएम ने 15 मई 2026 को दिशा-निर्देश नंबर 101 जारी किया था. इसमें पूरे एनसीआर में वैध पीयूसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद ही वाहनों में ईंधन भरने की व्यवस्था की गई है. सीएक्यूएम के अनुसार वाहन उत्सर्जन एनसीआर में पीएम2.5, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषकों में महत्वपूर्ण योगदान देता है. 

सीएक्यूएम की मई 2026 की बैठक के आधिकारिक विवरण में भी स्पष्ट किया गया था कि वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना ईंधन देने पर रोक 1 अक्टूबर 2026 से पूरे एनसीआर में लागू की जानी है. बाद में केंद्र सरकार की ओर से भी इस व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई. 

पंप संचालकों को भी जवाबदेह बनाया
हरियाणा परिवहन विभाग ने पंप संचालकों को निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा है. विभाग ने कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है. नियम लागू करने में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब एनसीआर में वाहन चालकों के लिए पेट्रोल पंप तक पहुंचने से पहले पीयूसी की वैधता जांच लेना जरूरी होगा. खासकर पुराने या लंबे समय से प्रदूषण जांच नहीं कराने वाले वाहनों के मालिकों को ईंधन लेने में परेशानी हो सकती है.

दिल्ली के बाद एनसीआर में एक समान व्यवस्था
दिल्ली में पहले से लागू ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था को अब सीएक्यूएम के दिशा-निर्देश के तहत पूरे एनसीआर में लागू किया गया है. इसका उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था के बजाय पूरे क्षेत्र में वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच को एक समान बनाना है.

हरियाणा में अब परिवहन विभाग और ईंधन पंप संचालकों के स्तर पर इसके अनुपालन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. एएनपीआर प्रणाली पूरी तरह सक्रिय होने के बाद वाहन के नंबर से पीयूसी की स्थिति स्वतः जांचने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-