अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या, कई दिनों से मिल रही थी धमकियां

अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या, कई दिनों से मिल रही थी धमकियां

प्रेषित समय :22:55:45 PM / Sat, Oct 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अमृतसर संवाददाता. सोशल मीडिया की दुनिया में मेकअप, फैशन और लाइफस्टाइल कंटेंट के लिए पहचान बनाने वाले मधुसूदन उर्फ मैड संधू की अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. शनिवार शाम लोहारका रोड इलाके में बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग की और वारदात के बाद फरार हो गए. गंभीर हालत में संधू को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. पंजाब पुलिस ने उनकी मौत की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

मैड संधू की हत्या ने सिर्फ सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी झकझोर दिया है जो उन्हें उनके मेकअप, फैशन और बेबाक सोशल मीडिया कंटेंट के लिए जानते थे. घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक संधू को पिछले कुछ दिनों से जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थीं. पुलिस अब इन धमकियों और हत्या के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है.

फिलहाल हत्या के पीछे का अंतिम कारण स्पष्ट नहीं है. पुलिस हमलावरों की पहचान करने और वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.

शाम करीब छह बजे सड़क पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक मैड संधू शनिवार शाम करीब छह बजे अपने आवास के बाहर निकले थे. उनका घर अमृतसर की ड्रीम सिटी कॉलोनी में बताया गया है. इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोली लगने के बाद संधू सड़क पर गिर पड़े. हमलावर कुछ ही क्षणों में बाइक से मौके से फरार हो गए. आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल संधू को निजी अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की.

अलग-अलग रिपोर्टों में उनकी मौत अस्पताल ले जाते समय या अस्पताल पहुंचने के बाद होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और शहर में नाकाबंदी भी कराई, लेकिन शुरुआती कार्रवाई के दौरान हमलावरों का तत्काल सुराग नहीं मिल सका.

वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

पहले से मिल रही थी जान से मारने की धमकी
मैड संधू की हत्या के मामले में सबसे अहम पहलू उनके द्वारा पहले से कथित तौर पर झेली जा रही धमकियां हैं. रिपोर्टों के अनुसार सोशल मीडिया पर उनके कंटेंट, पहनावे और सार्वजनिक तौर पर अपनी राय रखने के कारण उन्हें विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था.

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या से पहले मिली धमकियां सीधे इस वारदात से जुड़ी थीं या फिर हत्या के पीछे कोई अन्य व्यक्तिगत अथवा आपराधिक कारण था.

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई तरह के दावे सामने आए हैं, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी दावे को हत्या का निश्चित कारण मानना उचित नहीं होगा.

अधिकारियों के मुताबिक मामले में कुछ सुराग मिले हैं और जांच टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं.

सोशल मीडिया पर बेबाक अंदाज ने बनाई अलग पहचान
मैड संधू की पहचान केवल एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर नहीं थी. वह मेकअप आर्टिस्ट, फैशन से जुड़े प्रोफेशनल और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भी थे.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फैशन इंडस्ट्री से की थी. रिपोर्टों के अनुसार वह पंजाब और मुंबई में स्टाइलिस्ट तथा असिस्टेंट कॉस्ट्यूम डिजाइनर के रूप में भी काम कर चुके थे. फैशन और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा उनका अनुभव बाद में उनके सोशल मीडिया कंटेंट में भी दिखाई दिया.

इंस्टाग्राम रील्स और वायरल वीडियो के जरिए उन्हें बड़ी पहचान मिली. उनके कंटेंट में मेकअप और ब्यूटी टिप्स के साथ फैशन, लग्जरी लाइफस्टाइल, पॉप कल्चर और सामाजिक मुद्दों से जुड़े विषय शामिल रहते थे.

वह पॉडकास्ट में भी दिखाई देते थे, जहां मेकअप, फिल्म इंडस्ट्री, जेंडर और समाज में स्वीकार्यता जैसे विषयों पर बातचीत करते थे. उनकी सोशल मीडिया पहचान धीरे-धीरे एक ऐसे क्रिएटर की बनी जो सिर्फ फैशन और ब्यूटी तक सीमित नहीं रहा.

LGBTQ मुद्दों पर भी खुलकर बोलते थे
मैड संधू अपनी व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी सार्वजनिक रूप से खुलकर बात करते थे. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने खुद को गे पुरुष के रूप में सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया था और LGBTQ+ समुदाय से जुड़े मुद्दों तथा सामाजिक स्वीकार्यता पर अपनी राय रखी थी.

उनकी इस बेबाकी के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें समर्थन भी मिला और विरोध का सामना भी करना पड़ा. रिपोर्टों में उनके खिलाफ होमोफोबिक ट्रोलिंग का भी उल्लेख किया गया है.

संधू आलोचनाओं का जवाब अपने अंदाज में देते थे और अपनी पहचान को लेकर सार्वजनिक रूप से सहज दिखाई देते थे. उनके सोशल मीडिया कंटेंट में फैशन और मेकअप के साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सोच जैसे विषय भी शामिल रहते थे.

यही वजह है कि उनकी डिजिटल पहचान केवल ग्लैमर और ब्यूटी कंटेंट तक सीमित नहीं थी. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सामाजिक मुद्दों पर बातचीत के लिए भी किया.

फिल्मों से भी जुड़ा रहा करियर
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने से पहले और उसके साथ-साथ मैड संधू का जुड़ाव पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से भी रहा. रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कुछ पंजाबी फिल्मों में अभिनय किया था. वह ‘ओए भोले ओए’ सीरीज से भी जुड़े रहे.

फैशन इंडस्ट्री में काम करने के अनुभव ने उन्हें कैमरे के सामने और पीछे दोनों तरह के काम की समझ दी. मेकअप, स्टाइलिंग और कॉस्ट्यूम से जुड़े उनके अनुभव ने बाद में उनके डिजिटल कंटेंट को भी एक अलग पहचान दी.

सोशल मीडिया के दौर में उन्होंने इसी अनुभव को अपने कंटेंट में बदल दिया. रील्स, वीडियो और पॉडकास्ट के जरिए उन्होंने अपना अलग दर्शक वर्ग तैयार किया.

धमकियों से लेकर हत्या तक सवाल कई
मैड संधू की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें निशाना क्यों बनाया गया. क्या सोशल मीडिया पर मिली धमकियां हत्या की वजह बनीं या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था?

फिलहाल पुलिस ने हत्या के मकसद को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है.

पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं—हमलावर कौन थे, उन्होंने संधू को कैसे निशाना बनाया, क्या वारदात की पहले से योजना बनाई गई थी और क्या उन्हें पहले से संधू की गतिविधियों या दिनचर्या की जानकारी थी.

इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है.

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर घटनास्थल से जुड़े कथित वीडियो भी तेजी से प्रसारित हुए. इनमें संधू को सड़क पर घायल अवस्था में दिखाए जाने की बात सामने आई. ऐसी सामग्री के वायरल होने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठता है कि गंभीर आपराधिक घटनाओं के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने की सीमा क्या होनी चाहिए.

मैड संधू के मामले में भी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसे वीडियो और तस्वीरों को साझा करने से बचना जरूरी है. जांच एजेंसियों के लिए वास्तविक डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित हर सामग्री को प्रमाण नहीं माना जा सकता.

डिजिटल दुनिया में पहचान के साथ बढ़ता दबाव
मैड संधू की कहानी सोशल मीडिया की उस दुनिया का भी एक पहलू सामने लाती है जहां कुछ ही वर्षों में कोई व्यक्ति बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बना सकता है. मेकअप, फैशन और लाइफस्टाइल जैसे विषयों से शुरुआत करने वाला एक क्रिएटर धीरे-धीरे सामाजिक और व्यक्तिगत मुद्दों पर भी अपनी आवाज रखने लगता है.

ऐसी सार्वजनिक मौजूदगी के साथ प्रशंसा और आलोचना दोनों आती हैं. संधू को भी सोशल मीडिया पर समर्थन के साथ ट्रोलिंग और कथित धमकियों का सामना करना पड़ा. हालांकि, इन ऑनलाइन घटनाओं का उनकी हत्या से सीधा संबंध था या नहीं, यह अभी जांच का विषय है.

उनकी हत्या ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से सक्रिय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है. खासतौर पर तब, जब किसी व्यक्ति को पहले से धमकियां मिलने की जानकारी सामने आए.

पुलिस जांच से खुलेगा हत्या का राज
मैड संधू की हत्या फिलहाल एक जांच का मामला है. पुलिस हमलावरों की पहचान, घटनास्थल के साक्ष्य, संभावित सीसीटीवी फुटेज और संधू को पहले मिली धमकियों समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

एक तरफ उनके परिवार और परिचितों के लिए यह अचानक हुई मौत बड़ा सदमा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उन्हें जानने वाले लोग उनकी पुरानी तस्वीरें और वीडियो साझा कर उन्हें याद कर रहे हैं.

मेकअप आर्टिस्ट, फैशन प्रोफेशनल, अभिनेता और सोशल मीडिया क्रिएटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मैड संधू का सफर एक ऐसी कहानी रहा, जिसमें फैशन और डिजिटल लोकप्रियता के साथ व्यक्तिगत पहचान और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलना भी शामिल था.

अब उनकी हत्या के बाद सबसे जरूरी सवाल यही है कि इस वारदात के पीछे कौन था और उसे अंजाम देने की वजह क्या थी. इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल अमृतसर की यह वारदात सोशल मीडिया जगत में गहरे सदमे और कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-