नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर एक मिलेनियल महिला की पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उसने अपनी Gen Z कजिन की कॉलेज जाने से पहले माता-पिता के सामने रखी गई मांगों का जिक्र किया है. पोस्ट के मुताबिक, छात्रा दूसरे शहर में अपनी पसंद के कॉलेज में पढ़ना चाहती थी. इसके लिए उसने माता-पिता से कॉलेज की फीस के साथ हर महीने पर्याप्त खर्च देने और दोस्तों के लिए विदाई पार्टी के लिए भी पैसे की मांग की. पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, माता-पिता की जिम्मेदारी और पढ़ाई के खर्च को लेकर बहस छिड़ गई.
दूसरे शहर में पढ़ने की जिद
एक्स पर शीतल नाम की यूजर ने अपनी कजिन से जुड़ा अनुभव साझा किया. उसके मुताबिक, परिवार की इकलौती बेटी दूसरे शहर में अपनी पसंद के कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी. उसके माता-पिता कॉलेज की ज्यादा फीस और दूसरे शहर में रहने के खर्च को लेकर चिंतित थे. वे चाहते थे कि बेटी घर के आसपास ही पढ़ाई करे.
पोस्ट के अनुसार, छात्रा ने अपनी पसंद के कॉलेज में ही पढ़ने पर जोर दिया. उसने कथित तौर पर माता-पिता से कहा कि अगर वे उसे वहां पढ़ने नहीं भेजेंगे तो वह पढ़ाई नहीं करेगी. पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि छात्रा ने जरूरत पड़ने पर घर के खिलाफ कर्ज लेने और मां के नौकरी करने तक की बात कही.
हर महीने खर्च के लिए भी पैसे चाहिए
मामला सिर्फ कॉलेज की फीस तक सीमित नहीं रहा. सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, छात्रा ने माता-पिता से कहा कि उसे हर महीने पर्याप्त पैसे भेजे जाएं, क्योंकि वह कॉलेज में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं करना चाहती, बल्कि अपनी जिंदगी को भी एक्सप्लोर और एंजॉय करना चाहती है.
परिवार ने आखिरकार उसकी पढ़ाई के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए और उसे पसंद के कॉलेज में जाने की अनुमति मिल गई. लेकिन इसके बाद छात्रा की एक और मांग सामने आई.
कॉलेज जाने से पहले दोस्तों के लिए पार्टी
पोस्ट के अनुसार, कॉलेज रवाना होने से पहले छात्रा ने अपने पुराने दोस्तों के लिए पार्टी आयोजित करने की इच्छा जताई. इसके लिए उसने माता-पिता से अतिरिक्त पैसे मांगे. उसकी इस मांग पर उसकी मिलेनियल कजिन ने हैरानी जताई और अपनी पोस्ट में लिखा कि वह अपने माता-पिता से इस तरह की मांग कभी नहीं कर सकती थी.
यही हिस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा कारण बना. पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे आर्थिक निर्भरता और माता-पिता से जरूरत से ज्यादा अपेक्षाओं से जोड़कर देखा.
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
पोस्ट पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं रहीं. कुछ लोगों ने छात्रा के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि बच्चों को अपनी आर्थिक जरूरतों और परिवार की क्षमता के बीच संतुलन समझना चाहिए.
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि समस्या तब शुरू होती है जब माता-पिता अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च करके बच्चों की हर मांग पूरी करते हैं. उसके अनुसार, बच्चों को आर्थिक सीमाओं की जानकारी देना भी जरूरी है.
वहीं कुछ यूजर्स ने इस पूरे मामले को सिर्फ Gen Z से जोड़ने पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि किसी एक व्यक्ति के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. कई लोगों ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी में ऐसे लोग भी हैं जो पढ़ाई के साथ काम करते हैं और अपने खर्च खुद उठाते हैं.
पीढ़ियों के बीच बदली सोच पर चर्चा
इस पोस्ट ने कॉलेज शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और माता-पिता से मिलने वाली वित्तीय मदद को लेकर पीढ़ियों के बीच सोच में अंतर की चर्चा छेड़ दी है. एक ओर जहां कुछ युवा बेहतर शिक्षा और स्वतंत्र जीवन के लिए परिवार से आर्थिक सहयोग को सामान्य मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग पढ़ाई और व्यक्तिगत खर्चों के लिए खुद कमाने को प्राथमिकता देते हैं.
हालांकि, वायरल पोस्ट में बताए गए अनुभव एक व्यक्ति और उसके परिवार से जुड़े हैं. इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी Gen Z युवा अपने माता-पिता से इसी तरह की आर्थिक मांग करते हैं. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं और चर्चा फिलहाल इसी व्यक्तिगत अनुभव के इर्द-गिर्द है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

