भाजपा ने राज्यसभा के लिए खोले पत्ते, उत्तराखंड से दिनेश आर्य और बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक को टिकट

भाजपा ने राज्यसभा के लिए खोले पत्ते, उत्तराखंड से दिनेश आर्य और बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक को टिकट

प्रेषित समय :16:02:13 PM / Sun, Oct 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य को राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है, जबकि पश्चिम बंगाल की खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अभिनेत्री से नेता बनीं रुक्मिणी मल्लिक को मैदान में उतारा है. रुक्मिणी मल्लिक को फिल्म जगत में कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है. दोनों नामों को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंजूरी दी है.

राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होने हैं. इस चुनावी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के साथ उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है. उत्तराखंड में मौजूदा राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के कारण सीट पर द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल की सीट रुक्मिणी मल्लिक के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी.

उत्तराखंड से दिनेश आर्य को मौका
भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य के नाम पर भरोसा जताया है. आर्य नैनीताल क्षेत्र से आते हैं और लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह पूर्व में नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वर्तमान में वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर हैं, जिसे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है.

दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने के साथ उत्तराखंड की उस राज्यसभा सीट के लिए चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है, जिस पर मौजूदा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना प्रस्तावित है.

आर्य का नाम भाजपा की प्रदेश राजनीति में सक्रिय नेताओं में लिया जाता रहा है. राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनका राजनीतिक सफर अब राष्ट्रीय स्तर की संसदीय राजनीति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक पर दांव
पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने रुक्मिणी मल्लिक को प्रत्याशी बनाया है. रुक्मिणी मल्लिक को फिल्म जगत में कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है. वह बंगाली फिल्मों की जानी-पहचानी अभिनेत्री रही हैं और अब सक्रिय राजनीति में हैं.

रुक्मिणी पहले तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं. उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वह तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर भाजपा में शामिल हो गईं. अब भाजपा ने उसी खाली हुई सीट पर उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है. पश्चिम बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव 16 अक्टूबर को होगा.

उनका राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत कम समय में तेजी से बदला है. पहले TMC के साथ राज्यसभा तक पहुंचना, फिर राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना और उसके बाद भाजपा में शामिल होना तथा अब भाजपा के टिकट पर उसी सीट के लिए मैदान में उतरना इस चुनाव को खास बनाता है.

तीन महीने के भीतर बदला राजनीतिक सफर
रुक्मिणी मल्लिक के मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उनके हालिया राजनीतिक बदलाव को लेकर है. रिपोर्टों के अनुसार वह 2026 में TMC के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं. कुछ ही समय बाद उन्होंने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया.

16 जुलाई को उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की यह राज्यसभा सीट रिक्त हुई. अब भाजपा ने उन्हें ही इस सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनके राजनीतिक सफर को चर्चा में ला दिया है. हालांकि उनके भाजपा में शामिल होने के कारणों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आ सकते हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि उन्होंने TMC छोड़ने के बाद भाजपा का रुख किया और अब भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव में उतारा है.

उत्तराखंड सीट पर नरेश बंसल का कार्यकाल हो रहा पूरा
उत्तराखंड में राज्यसभा की सीट मौजूदा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली होने जा रही है. उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होगा. इसी के चलते राज्यसभा की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है.

भाजपा ने इसके लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार घोषित किया है. आर्य के नाम की घोषणा के साथ ही पार्टी के भीतर चल रही संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं पर भी विराम लग गया है.

16 अक्टूबर को मतदान के बाद इसी दिन मतगणना भी होगी. राज्यसभा चुनाव में विधायक मतदान करते हैं और उम्मीदवारों का निर्वाचन निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के अनुसार होता है.

16 अक्टूबर को होगा मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 16 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है. इस चरण में कुल 12 सीटों पर चुनाव होना है. इनमें उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटें, उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है.

उत्तराखंड की सीट पर मौजूदा सदस्य का कार्यकाल समाप्त होने के कारण चुनाव हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल की सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है. पश्चिम बंगाल की सीट रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी.

भाजपा की ओर से दोनों उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब नामांकन और चुनावी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा.

बंगाल में अभिनेत्री से नेता बनीं रुक्मिणी
रुक्मिणी मल्लिक का राजनीतिक परिचय बनने से पहले फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है. बंगाली फिल्म जगत में वह कोयल मल्लिक के नाम से जानी जाती हैं. राजनीति में आने के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था.

अब भाजपा ने उन्हें अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है. इस तरह एक ही राज्यसभा सीट के संदर्भ में उनका राजनीतिक सफर TMC से शुरू होकर भाजपा तक पहुंचा है.

भाजपा के उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की इस सीट पर होने वाला उपचुनाव भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है. हालांकि चुनाव परिणाम को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना अभी उचित नहीं होगा.

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने दी मंजूरी
भाजपा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दोनों उम्मीदवारों के नाम केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद घोषित किए गए हैं. रविवार को उम्मीदवारों की घोषणा के साथ पार्टी ने उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी.

अब दोनों उम्मीदवारों के नामांकन के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि दोनों सीटों पर अंतिम परिणाम क्या रहता है.

फिलहाल भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. उत्तराखंड में दिनेश आर्य का नाम पार्टी संगठन से राष्ट्रीय राजनीति की ओर उनके अगले कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मल्लिक का भाजपा उम्मीदवार बनना उनके हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-