अमृतसर. पंजाब के सीमावर्ती इलाके में अवैध हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तस्करी के खिलाफ अमृतसर देहात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से AK-47 राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में आरोपी के कथित तौर पर विदेश में बैठे हथियार तस्करों के संपर्क में होने की बात सामने आई है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हथियारों की सप्लाई कहां से हुई और इन्हें आगे किसे सौंपा जाना था.
मामले में अमृतसर के घरिंडा थाने में आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक जांच अभी शुरुआती चरण में है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
AK-47 के साथ दो हैंड ग्रेनेड ने बढ़ाई गंभीरता
पुलिस की कार्रवाई में बरामद हथियारों में AK-47 राइफल सबसे अहम बरामदगी मानी जा रही है. इसके साथ एक मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड भी मिले हैं. हथियार और विस्फोटक एक ही मामले में मिलने के बाद जांच का दायरा केवल अवैध हथियार रखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस संभावित सप्लाई नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी खुद हथियारों की खरीद में शामिल था या किसी बड़े नेटवर्क के लिए मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा था.
विदेश में बैठे तस्करों से संपर्क का दावा
अमृतसर देहात पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपी के विदेश में मौजूद कथित हथियार तस्करों से संपर्क की बात सामने आई है. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर अवैध हथियार हासिल करने और उनकी सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था.
हालांकि जांच अभी जारी है, इसलिए विदेशी नेटवर्क के साथ उसके संपर्क की पूरी प्रकृति और उसमें उसकी भूमिका को लेकर अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है. पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है.
घरिंडा थाने में दर्ज हुआ केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए घरिंडा पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है. अब जांच एजेंसियां बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन का पता लगाने पर जोर दे रही हैं.
जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि हथियार आरोपी तक किस रास्ते से पहुंचे. इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह खेप आगे किसी दूसरे व्यक्ति, गिरोह या आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचाई जानी थी. अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक तलाशना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
चार दिन में दूसरी बड़ी AK-47 बरामदगी
अमृतसर देहात पुलिस के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में इलाके में AK सीरीज की राइफलों की एक और बड़ी बरामदगी हो चुकी है. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक 30 सितंबर को पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से AK-47, AK-56, चार मैगजीन, जिंदा कारतूस और 10 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद करने की जानकारी दी थी.
चार दिन के भीतर दूसरी AK राइफल की बरामदगी ने पुलिस की जांच को और व्यापक बना दिया है. हालांकि दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
हथियारों की सप्लाई चेन पर पुलिस की नजर
जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए हथियारों की पूरी सप्लाई चेन समझने की कोशिश कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि हथियार कहां से हासिल किए गए, उन्हें किस माध्यम से आरोपी तक पहुंचाया गया और आगे उनकी डिलीवरी किसे की जानी थी.
इसके अलावा जांच में संभावित बिचौलियों और सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है. पुलिस का फोकस केवल आरोपी तक सीमित न रहकर उस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की पहचान पर है, जिनके जरिए अवैध हथियार और विस्फोटक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाए जा रहे हो सकते हैं.
पंजाब में हथियार तस्करी के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
पंजाब पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों, विस्फोटकों और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. अमृतसर देहात क्षेत्र में पहले भी विदेशी संपर्क वाले कथित हथियार और विस्फोटक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. जून और जुलाई 2026 में भी पुलिस ने विदेशी संपर्कों के संदेह वाले मामलों में हैंड ग्रेनेड और आधुनिक हथियार बरामद करने की जानकारी दी थी.
हालांकि हर मामले का नेटवर्क और आपस में संबंध अलग-अलग जांच का विषय है. मौजूदा मामले में पुलिस यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था और बरामद हथियारों की अंतिम मंजिल क्या थी.
पूछताछ से खुल सकते हैं कई अहम राज
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है. पुलिस उसके कथित विदेशी संपर्कों, हथियारों की खरीद और सप्लाई से जुड़े लोगों तथा संभावित प्राप्तकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटा रही है.
जांच एजेंसियां बरामद हथियारों और कारतूसों के स्रोत का भी पता लगाने का प्रयास करेंगी. इसके साथ ही दो हैंड ग्रेनेड की बरामदगी को देखते हुए विस्फोटक सामग्री की सप्लाई से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी की पुष्टि की है. विदेशी तस्करों से संपर्क और व्यापक नेटवर्क में आरोपी की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक सामने आने की उम्मीद है और इसी आधार पर अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

