नई दिल्ली. जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदकों के साथ समाप्त हुआ. भारत और उज्बेकिस्तान ने समान संख्या में गोल्ड मेडल जीते, लेकिन अधिक सिल्वर मेडल के आधार पर भारतीय दल को चौथा स्थान मिला.
इस बार भारत के प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि महिला खिलाड़ियों ने पुरुष खिलाड़ियों से अधिक स्वर्ण पदक हासिल किए. 2002 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में भारत की महिला खिलाड़ियों का गोल्ड मेडल आंकड़ा पुरुषों से आगे निकला.
1. महिला खिलाड़ियों ने रचा खास रिकॉर्ड
भारतीय महिला खिलाड़ियों ने इस बार अपने इवेंट्स में 11 स्वर्ण पदक जीते, जबकि पुरुष खिलाड़ियों के हिस्से में 7 गोल्ड आए. तीन स्वर्ण मिश्रित स्पर्धाओं से मिले.
इससे पहले 2002 के बुसान एशियन गेम्स में भारतीय महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा गोल्ड जीते थे. तब महिलाओं ने 6 और पुरुषों ने 5 स्वर्ण पदक हासिल किए थे.
2. बॉक्सिंग और कुश्ती से मिली मजबूती
पिछले एशियन गेम्स की तुलना में बॉक्सिंग और रेसलिंग में भारत के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला. पिछली बार इन दोनों खेलों में भारत के खाते में कोई स्वर्ण नहीं आया था.
इस बार बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने 3 गोल्ड, जबकि रेसलिंग में 2 स्वर्ण अपने नाम किए. आर्चरी में भी भारत ने पिछली बार के प्रदर्शन को दोहराया.
3. शूटिंग और एथलेटिक्स में कम हुए गोल्ड
भारत के कुल स्वर्ण पदकों में कमी की सबसे बड़ी वजह शूटिंग और एथलेटिक्स में पिछली बार जैसा प्रदर्शन नहीं होना रहा.
2023 के एशियन गेम्स में भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे. इस बार शूटिंग से 3 और एथलेटिक्स से केवल 1 स्वर्ण मिला.
इसके अलावा पिछली बार स्क्वॉश में 2 गोल्ड तथा टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में एक-एक स्वर्ण भारत के खाते में आया था, लेकिन इस बार इन खेलों में भारत स्वर्ण पदक नहीं जीत सका.
4. टीम इवेंट्स में भारत की मजबूत मौजूदगी
टीम स्पर्धाओं में भारत ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया. खास तौर पर हॉकी में स्वर्ण पदक जीतना भारतीय दल के लिए अहम उपलब्धि रहा.
हॉकी में मिली इस सफलता का महत्व इसलिए भी बढ़ गया, क्योंकि स्वर्ण पदक के साथ भारत ने आगामी ओलिंपिक के लिए क्वालिफिकेशन टिकट भी हासिल किया.
5. चीन का दबदबा बरकरार
एशियन गेम्स में चीन की लंबे समय से चली आ रही बादशाहत इस बार भी कायम रही. एशियाई खेलों में चीन की शीर्ष स्थिति को कई दशकों से कोई देश चुनौती नहीं दे सका है.
आइची-नागोया गेम्स में भी चीन पदक तालिका में सबसे ऊपर रहा. वहीं भारत ने 21 गोल्ड समेत 85 पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया.
भारत के प्रदर्शन का सार
कुल पदक: 85
स्वर्ण: 21
महिला इवेंट्स के गोल्ड: 11
पुरुष इवेंट्स के गोल्ड: 7
मिश्रित इवेंट्स के गोल्ड: 3
पदक तालिका में स्थान: 4
बॉक्सिंग में गोल्ड: 3
रेसलिंग में गोल्ड: 2
शूटिंग में गोल्ड: 3
एथलेटिक्स में गोल्ड: 1
कुल मिलाकर, इस एशियन गेम्स में भारत के लिए महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे बड़ी सकारात्मक खबर रहा. वहीं शूटिंग और एथलेटिक्स में पदकों की कमी अगले बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट से पहले भारतीय टीम के लिए सुधार का क्षेत्र भी दिखाती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

