जबलपुर. एमपी के जबलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर एक प्रतिष्ठित समाजसेवी की इज्जत को तार-तार करने और समाज में भ्रम का जहर घोलने की एक घिनौनी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. मदनमहल थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए तीन मोबाइल धारकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है.
मदनमहल थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राइट टाउन निवासी 31 वर्षीय श्रेयांश बिल्थरे ने थाने पहुंचकर एक सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर आईडी डिजिटल भिखारी के जरिए शहर के जाने-माने और सम्मानित समाजसेवी हर्ष तिवारी को निशाना बनाया जा रहा है.
साजिशकर्ताओं ने बेहद शातिर तरीके से एआई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हर्ष तिवारी का एक ऐसा भ्रामक और फर्जी वीडियो तैयार किया, जिसे देखकर किसी को भी असली और नकली का फर्क समझ न आए. इस शातिर चाल के जरिए न सिर्फ आम जनता के बीच भ्रम और गलत धारणा फैलाई जा रही थी. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरु की. जिसमें यह तथ्य सामने आए कि तीन मोबाइल नंबरों के धारकों द्वारा यह करतूत की जा रही है. जिसपर पुलिस ने शातिर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की कड़क धाराओं—धारा 319(2), 336(4), 340(2), 353(2), 356(1)—के साथ-साथ आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं (66सी और 66डी) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.
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