नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने भारत में तेजी से बढ़ते टेलीकॉम नेटवर्क, 5G के विस्तार और डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए बदलती शासन व्यवस्था पर बात की.
IMC 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक किया जा रहा है और इसकी थीम “Scale Without Boundaries” यानी “सीमाओं से परे विस्तार” रखी गई है.
देश में 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 5G सेवाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है. उनके अनुसार भारत में अब 55 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन मौजूद हैं और 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 तक देश में 5G सेवाएं 99.9 फीसदी जिलों तक पहुंच चुकी थीं और करीब 85 फीसदी आबादी को 5G कवरेज मिल रहा था. उस समय 5.08 लाख से अधिक 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन लगाए जा चुके थे.
2022 से शुरू हुई 5G यात्रा का अगला चरण
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की 5G यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों में देश के टेलीकॉम क्षेत्र में हुए बदलावों की गवाह रही है.
भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत 2022 में हुई थी. इसके बाद फोकस केवल नेटवर्क लॉन्च करने से आगे बढ़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक तेज कनेक्टिविटी पहुंचाने पर रहा.
अब देश का ध्यान अगली पीढ़ी की तकनीकों और 6G जैसी क्षमताओं को विकसित करने पर भी है.
PM मोदी बोले- मोबाइल फोन बना सुशासन का साधन
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी का महत्व सिर्फ कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं रह गया है. मोबाइल फोन के जरिए नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच मिल रही है और डिजिटल माध्यम से कई सार्वजनिक सेवाएं लोगों के लिए ज्यादा सुलभ हुई हैं.
उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब सुशासन के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभर चुका है.
डिजिटल डिवाइड कम करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक के बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय डिजिटल तकनीक तक पहुंच सीमित थी और डिजिटल डिवाइड एक बड़ी चुनौती थी. सरकार ने डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से तकनीक की पहुंच को व्यापक बनाने पर जोर दिया.
मोबाइल कनेक्टिविटी, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने आम लोगों के लिए ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आसान किया है.
IMC 2026 में 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
इस वर्ष के इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 100 से अधिक देशों की भागीदारी हो रही है. कार्यक्रम में 500 से ज्यादा प्रदर्शकों और भागीदारों, 600 से अधिक स्टार्टअप और 900 से ज्यादा विचारकों के शामिल होने की उम्मीद है. आयोजन में 2,000 से अधिक टेक्नोलॉजी यूज केस और 120 से ज्यादा सत्र रखे गए हैं.
IMC 2026 में 5G और 6G के साथ AI नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी फोकस किया जा रहा है. स्मार्ट मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी इस बार कार्यक्रम में शामिल किया गया है.
5G के बाद 6G पर नजर
भारत की टेलीकॉम यात्रा अब 5G के व्यापक विस्तार से आगे बढ़कर 6G और नई डिजिटल तकनीकों की ओर बढ़ रही है. IMC 2026 के जरिए सरकार और टेलीकॉम इंडस्ट्री भारत में विकसित तकनीकों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की कनेक्टिविटी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रही है.
प्रधानमंत्री के संबोधन में भी यह संकेत रहा कि आने वाले दौर में कनेक्टिविटी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं और तकनीकी नवाचार का अहम आधार बनने वाली है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

