झारखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा तेज, SC या OBC चेहरे को मिल सकती है कमान

झारखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा तेज, SC या OBC चेहरे को मिल सकती है कमान

प्रेषित समय :20:15:28 PM / Sat, Oct 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रांची. झारखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को बदले जाने की अटकलें तेज हो गई हैं. पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर उठ रही शिकायतों और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. चर्चा है कि कांग्रेस इस बार अनुसूचित जाति (SC) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आने वाले किसी नेता को संगठन की कमान सौंप सकती है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को बदले जाने के बाद झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी संगठनात्मक फेरबदल की संभावनाओं को लेकर चर्चा बढ़ी है. हालांकि, झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर पार्टी की ओर से अभी किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है.

कमलेश के खिलाफ शिकायतों की चर्चा

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के कामकाज को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं की नाराजगी सामने आने की बात कही जा रही है. पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी और राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पहले ही उनके खिलाफ विरोध दर्ज करा चुके हैं. दोनों नेताओं की ओर से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक शिकायतें पहुंचाए जाने की भी चर्चा है.

इसके अलावा खिजरी के विधायक राजेश कच्छप और कांके के विधायक सुरेश बैठा भी अलग-अलग मुद्दों पर प्रदेश अध्यक्ष के रवैये को लेकर आपत्ति जता चुके हैं. पार्टी के भीतर इन शिकायतों को संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

SC या OBC चेहरे पर दांव लगाने की चर्चा

झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर जातिगत समीकरण भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस ऐसा चेहरा तलाश सकती है, जो संगठन को मजबूत करने के साथ राज्य में सामाजिक समीकरणों को भी साध सके.

इसी क्रम में अनुसूचित जाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है. हालांकि, नए अध्यक्ष के नाम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

कार्यकाल के छह महीने बाकी, 2029 की तैयारी पर नजर

केशव महतो कमलेश के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल के करीब छह महीने शेष बताए जा रहे हैं. इसके बावजूद संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं.

कांग्रेस वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में नेतृत्व की समीक्षा करने की रणनीति पर काम कर रही है. झारखंड में भी संभावित फेरबदल को इसी व्यापक संगठनात्मक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है.

फिलहाल, प्रदेश अध्यक्ष को बदलने और नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान को करना है. ऐसे में अब निगाहें कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-