राजस्थान कैडर के IAS प्रकाश राजपुरोहित बने डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर, केंद्र के बड़े फेरबदल में 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

राजस्थान कैडर के IAS प्रकाश राजपुरोहित बने डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर, केंद्र के बड़े फेरबदल में 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

प्रेषित समय :22:04:32 PM / Sat, Oct 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) और अन्य सेवाओं के अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया है. इस फेरबदल में राजस्थान कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित को डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किया गया है. उन्होंने संजय कुमार की जगह ली है. कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, राजपुरोहित का कार्यकाल 8 अप्रैल 2030 तक निर्धारित किया गया है.

केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने संयुक्त सचिव स्तर और समकक्ष पदों पर कुल 27 नियुक्तियों को मंजूरी दी है. इन नियुक्तियों के दायरे में निर्वाचन आयोग, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए), नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केंद्रीय सतर्कता आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं. इन बदलावों को प्रशासनिक व्यवस्था में जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के रूप में देखा जा रहा है.

प्रकाश राजपुरोहित को निर्वाचन आयोग में अहम जिम्मेदारी

राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित को डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किया गया है. वह इससे पहले रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे. अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने केंद्र और राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं.

राजपुरोहित इससे पहले आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं. वहां उनकी जिम्मेदारियों में अंतरराष्ट्रीय निवेश संधियों से जुड़े विषय शामिल थे. इसके अलावा, राजस्थान में जिला प्रशासन और कर प्रशासन से संबंधित पदों पर भी उन्होंने सेवाएं दी हैं. वह अजमेर के जिला कलेक्टर और वाणिज्यिक कर आयुक्त के पद पर भी कार्य कर चुके हैं.

उनकी नियुक्ति ऐसे संस्थान में हुई है, जिसकी जिम्मेदारी देश में चुनाव प्रक्रिया के संचालन और उससे संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी है. डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर के रूप में उनका कार्यभार निर्वाचन आयोग की प्रशासनिक संरचना के अंतर्गत होगा.

8 अप्रैल 2030 तक रहेगा कार्यकाल

कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, प्रकाश राजपुरोहित का कार्यकाल 8 अप्रैल 2030 तक रहेगा. उन्होंने संजय कुमार का स्थान लिया है. नियुक्ति के संबंध में जारी आदेश में उनके नए पद और कार्यकाल का उल्लेख किया गया है.

राजपुरोहित का प्रशासनिक अनुभव जिला स्तर से लेकर केंद्र सरकार के विभागों तक फैला हुआ है. राजस्थान में कलेक्टर और कर प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने केंद्र में रक्षा उत्पादन और आर्थिक मामलों से जुड़े विभागों में काम किया. अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्रों में उनके अनुभव को इस नई जिम्मेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

एनटीए में विवेक खरे को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी

नौकरशाही फेरबदल में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से जुड़ी नियुक्ति भी महत्वपूर्ण है. 1996 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी विवेक खरे को एनटीए में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. उनका कुल कार्यकाल 2 दिसंबर 2029 तक निर्धारित है.

विवेक खरे की नियुक्ति के साथ 16 मई के बाद एनटीए में संयुक्त सचिव स्तर पर नियुक्त किए गए अधिकारियों की संख्या चार हो गई है. उनसे पहले इस भूमिका में अंशुमान शर्मा, अनुजा बापट और रुचिता विज की नियुक्ति की जा चुकी है.

एनटीए देशभर में विभिन्न प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी प्रमुख एजेंसी है. परीक्षा संचालन, प्रशासनिक जवाबदेही और संस्थागत क्षमता को लेकर एजेंसी में सुधार की जरूरत लंबे समय से चर्चा का विषय रही है.

एनटीए के पुनर्गठन की दिशा में कदम

एनटीए में अधिकारियों की नियुक्तियां अक्टूबर 2024 में राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के अनुरूप एजेंसी को मजबूत बनाने की प्रक्रिया के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हैं. समिति ने एजेंसी के स्थायी मानव संसाधन को मजबूत करने और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया था.

इसके बाद सरकार ने एनटीए में 16 नए पद सृजित किए. इन नियुक्तियों का उद्देश्य एजेंसी की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना और परीक्षा संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में मदद करना है. हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक प्रभाव एजेंसी के कामकाज और परीक्षा प्रबंधन में होने वाले सुधारों से स्पष्ट होगा.

गृह मंत्रालय में भी अधिकारियों की नियुक्तियां

केंद्र सरकार के इस फेरबदल में गृह मंत्रालय से जुड़े पदों पर भी कई अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुजरात कैडर के 2007 बैच के आईएएस अधिकारी रवि शंकर को गृह मंत्रालय में नियुक्त किया गया है. इनके अलावा 1999 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी चित्तरंजन दास, 1998 बैच के भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारी पी. मनोज कुमार और असम-मेघालय कैडर के 2007 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक भगोटिया के नाम भी इन नियुक्तियों में शामिल हैं.

गृह मंत्रालय केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण विभाग है, जिसके अंतर्गत आंतरिक सुरक्षा, केंद्र-राज्य समन्वय और कई प्रशासनिक विषय आते हैं. विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों को यहां जिम्मेदारी दिए जाने से विभाग में अलग-अलग प्रशासनिक अनुभवों का उपयोग किया जा सकेगा.

कॉरपोरेट मामलों और संस्कृति मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां

मध्य प्रदेश कैडर की 2010 बैच की आईएएस अधिकारी तन्वी सुंद्रीयाल को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं, राजस्थान कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी इंदरजीत सिंह को संस्कृति मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई है.

कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय कंपनियों से संबंधित प्रशासनिक और नियामकीय व्यवस्थाओं से जुड़ा है. दूसरी ओर, संस्कृति मंत्रालय देश की सांस्कृतिक विरासत, कला और सांस्कृतिक संस्थानों से संबंधित कार्यों की देखरेख करता है. इन विभागों में अधिकारियों की नियुक्तियां संबंधित प्रशासनिक कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

विधि विभाग और नीति आयोग में भी नियुक्तियां

इस फेरबदल में भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (आईआरपीएस) के 1997 बैच के अधिकारी नवीन अग्रवाल को विधि मामलों के विभाग में नियुक्त किया गया है. वहीं, भारतीय आर्थिक सेवा की 2001 बैच की अधिकारी सोनिया पंत को नीति आयोग में सलाहकार बनाया गया है.

नीति आयोग केंद्र सरकार का प्रमुख नीतिगत विचार मंच है, जो विकास संबंधी रणनीतियों, योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में नीति निर्माण के लिए सुझाव देता है. वहीं, विधि मामलों का विभाग सरकार को कानूनी मामलों में सहायता प्रदान करने और संबंधित प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा है.

नियुक्ति समिति की ओर से स्वीकृत इन बदलावों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केंद्रीय सतर्कता आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग जैसे संस्थानों से संबंधित पद भी शामिल हैं. हालांकि, उपलब्ध विवरण में सभी 27 नियुक्तियों के नाम और पदों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है.

प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव

केंद्र सरकार का यह फेरबदल विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों को नए सिरे से निर्धारित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है. प्रकाश राजपुरोहित की निर्वाचन आयोग में नियुक्ति और विवेक खरे को एनटीए में जिम्मेदारी दिया जाना इस आदेश के प्रमुख पहलुओं में शामिल है.

राजपुरोहित के पास राजस्थान के जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार के विभागों तक काम करने का अनुभव है. अब निर्वाचन आयोग में उनकी नई भूमिका होगी. वहीं, एनटीए में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियां एजेंसी की प्रशासनिक क्षमता और जवाबदेही को मजबूत करने की व्यापक प्रक्रिया से जुड़ी हैं.

कुल मिलाकर, 27 नियुक्तियों को मंजूरी देने वाला यह आदेश केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण संस्थानों में वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण को दर्शाता है. इन नियुक्तियों के बाद संबंधित विभागों और संस्थानों में अधिकारियों की नई भूमिकाएं प्रशासनिक कामकाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-