जबलपुर. एमपी के जबलपुर में बेलखाड़ू स्थित खैरी गांव स्थित अश्विनी अस्पताल में एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां बिना किसी चिकित्सीय डिग्री या डिप्लोमा के मरीजों का इलाज कर रहे एक फर्जी डॉक्टर द्वारा एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतल लगाए जाने के कारण एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अस्पताल को सील कर दिया गया है.
कटंगी पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ला निवासी समीर चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अक्टूबर को उनके भाई शेखर चौधरी के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ था. परिवार के लोग शेखर को इलाज के लिए खैरी गांव स्थित अश्विनी अस्पताल ले गए थे, जहां सुबह तक उसका इलाज किया गया. इसके बाद उसे घर लाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी. परिजन उसे दोबारा अश्विनी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई.
पुलिस जांच और चौंकाने वाले खुलासे-
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की. जांच में यह बात सामने आई कि अस्पताल में इलाज करने वाले मुख्य आरोपी सतीश साहू ने मृतक शेखर के हाथ और कमर में कुल 9 बार इंजेक्शन लगाए और दवाइयां देकर सुबह तक इलाज किया. अगले दिन भी उसे इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतल (ड्रिप) लगाई गई, जिसके लगभग आधे घंटे बाद शेखर की मौत हो गई. जब परिजनों ने मौके पर मौजूद ग्लूकोज की बोतल की जांच की, तो उस पर एक्सपायरी डेट 11/2025 लिखी हुई पाई गई. घटनास्थल से पुलिस ने आधी भरी हुई बोतल, ड्रिप, निडिल (जिस पर निर्माण तिथि 12/2023 और एक्सपायरी डेट 11/2025 दर्ज है), एक इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के खाली रैपर जब्त किए.
सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल सील-
पुलिस ने जब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें साफ दिखाई दिया कि मृतक शेखर का इलाज सतीश साहू द्वारा किया जा रहा था, जबकि उस दौरान अस्पताल की वैध संचालक डॉ. सरिता साहू मौके पर मौजूद नहीं थीं. पुलिस ने कैमरे की डीबीआर भी अपने कब्जे में ले ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पनागर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सूचित किया गया. बीएमओ ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि आरोपी सतीश साहू के पास चिकित्सा से संबंधित कोई भी वैध डिग्री या डिप्लोमा नहीं है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अश्विनी अस्पताल को सील कर दिया. पुलिस ने आरोपी सतीश साहू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

